कुंडम में पानी के लिए गढ्ढे के भरोसे ग्रामीण 

इस ख़बर को शेयर करें

जबलपुर :हिरन नदी के उदमग स्थल पर एक एक बूंद पानी को लेकर ग्रामीण परेसान है,मामला जिले के कुंडम का है जहां पर जून के महीने  में पानी को लेकर चारो तरफ हाहाकार मचा हुआ है इसी बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसमे एक महिला कटोरी से गढ्ढे का पानी भरने मजबूर है ,ये तस्वीर  सोचने पर मजबूर  कर देती है  की नल जल योजना सहित दुनियाभर के संसाधनों के जरिये लोगों की प्यास बुझाने का दंभ भरने वाले जिम्मेदार कहां गये ?

टूटे पाइप से निस्तार के लिए पानी भर्ती महिला

ग्रामीणों की मानें तो जून की भीषण गर्मी में कुंडम का 30 एकड़ का हिरन नदी को जन्म देने वाला तालाब भी पूरा सूखने की कगार में है नल जल योजना पूरी बंद है टैंकरों से पानी लाकर कुएं में डालकर 8 दिन 10 दिन 15 दिनों में बस्ती में पीने का पानी दिया जा रहा है और जहां जरूरत पड़ी वहां सरपंच द्वारा टैंकर भेजा जा रहा है ग्रामीण जन निस्तार करने के लिए कोई पानी खरीद कर ला रहा है तो कोई 1 किलोमीटर दूर से ला रहा है 8 8 10 दिनों में मिलने वाले पानी में छोटे-छोटे कीड़े हो रहे हैं और तालाब किनारे पानी के टूटे पाइपलाइन से कटोरी से बाल्टी में पानी भारती महिला निस्तार के लिए जून की 15 तारीख गुजर गई बारिश का एक पानी नहीं गिरा और अगर 8 दिन बारिश का पानी नहीं गिरा तो कुंडम में और ज्यादा पानी की समस्या हो जाएगी और तालाब भी पूरा सूख जाएगा ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि अगर एक सप्ताह पानी नहीं गिरता तो कुंडम की तरफ पानी की समस्या को देखते हुए विशेष ध्यान दिया जावे।

 


इस ख़बर को शेयर करें