मौसम के आगे किसान असहाय,न फसल काट पा रहे न बचा पा रहे

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(सुग्रीव यादव )स्लीमनाबाद–  जिले में इस बार मौसम की प्रतिकूलता किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर रही है।बार-बार मौसम बदलाव से गेंहू की फसल बारिश का सामना कर रही है। खेतों में फसल पक चुकी जिसकी कटाई-मिसाई का कार्य युद्स्तर पर जारी है।दिनरात किसान खेतो मैं फसल कटाई-मिसाई कार्य करवा रहे है।
लेकिन बिगड़ते मौसम के आगे किसान असहाय है।
बहोरीबंद विकासखण्ड मैं अभी भी करीब 50 प्रतिशत क्षेत्र में कटाई का इंतजार है। किसानों का कहना है कि एक सप्ताह पहले बारिश व तेज हवाओं से गेंहू की फसल खेतो मैं बिछ गई।
दाने की चमक चली गई ।
जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

मौसम बदला हुई बूंदाबांदी –
रविवार को एक बार फिर सुबह से ही  मौसम मैं बदलाव हुआ।
आसमान मैं घने बादल दिनभर छा रहे।
बीच_बीच मैं बूंदाबांदी भी हुई।
जिससे किसान चिंचित हो उठे व बारिश न हो इंद्रदेव को मनाने लगें।
बूंदाबांदी का दौर शुरू होते ही किसान खेतो मैं उपज को बचाने मैं जुट गए।गेंहू के बोझों को एक स्थल पर एकत्रित करने लगे ताकि बारिश से ज्यादा गीले न हो।
मौसम अभी भी कुछ दिन के लिए ठीक नहीं माना जा रहा है। ऐसे में किसानों की चिंता लगातार बनी हुई है। किसानों का कहना है कि एक माह की स्थिति में फसल काफी अच्छी थी और काफी बेहतर पैदावार की उम्मीद बन रही थी लेकिन इन 15 दिनों में मौसम के बदलाव ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
गौरतलब है कि विकासखण्ड बहोरीबंद मैं 25 हजार हैक्टेयर मैं रबी सीजन की खेती हई।जिसमे 18 हजार हैक्टेयर मैं गेंहू की बोवनी हुई।
किसान जागेश्वर कुशवाहा,जुगल किशोर यादव, श्रीराम यादव,राजेन्द्र हळदकार ने बताया कि लगभग सप्ताह भर बारिश न हो जिससे गेंहू की कटाई-मिसाई का कार्य पूर्ण हो जाएगा।
क्योंकि अभी खेतो मैं फसल पकी खड़ी हुई है ।यदि मौसम का यही रुख बना रहा और अब आगे बारिश की मार पड़ी तो फसल पूरी तरह से खराब हो जाएगी।पहले भी बारिश मैं गेहूं की फसल जो आड़ी हो गई उनमें दाना पतला रह जाएगा और इससे वजन कम होगा एवं पैदावार भी प्रभावित होगी

इनका कहना है- आर के चतुर्वेदी एसएडीओ कृषि विभाग

विकासखण्ड में 50 प्रतिशत कटाई का कार्य हो चुका है। आगामी
सप्ताह भर मैं कटाई-मिसाई का कार्य पूर्ण हो जाएगा।
यदि मौसम ठीक रहा तो 15 अप्रैल तक विकासखण्ड मैं गेंहू फसल की कटाई-मिसाई कार्य पूर्ण हो जाएगा।यदि बारिश जोरदार हुई तो फिर गेंहू की फसल को नुकसान होगा।

 


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