खरीफ सीजन के लिए सहकारी समितियों मे बीज व खाद की हो पर्याप्त उपलब्धता

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सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद :खरीफ सीजन का कृषि कार्य शुरू हो गया है!इसलिए सहकारी समितियों मे खाद व बीज की पर्याप्त उपलब्धता हो इसके लिए विशेष ध्यान रखें!जहाँ भी खाद व बीज की कमी वो सहकारी समितियां डिमांड करें!
किसानों को खाद व बीज के लिए सहकारी समितियों से परेशान होकर खाली हाथ न लौटना पड़े!
किसी भी सहकारी समिति से किसानों को परेशान करने वाली शिकायते प्राप्त होती है तो उनके खिलाफ कारवाई की जाएगी!उक्त बाते एसडीएम राकेश चौरसिया ने कृषि व सहकारिता विभाग की आयोजित संयुक्त कार्यशाला मै कही!
साथ ही भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा संचालित कृषि योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की!

नेनो डीएपी व यूरिया का किसान करें उपयोग चलाये अभियान

संयुक्त कार्यशाला मे नैनो तरल उर्वरक एवं जैव उर्वरक के उपयोग को बढ़ावा देने कार्ययोजना तैयार की गई।
जिसमें ईफको के डीजीएम राजेश मिश्रा ने कृषि व सहकारिता विभाग के  अधिकारियों- कर्मचारियों को विस्तार से तकनीकी प्रशिक्षण दिया।एसडीएम राकेश चौरसिया ने बताया कि फील्ड फीड बैक से स्पष्ट है कि नैनो यूरिया  , नैनो डीएपी तथा तरल कन्सार्टिया के उपयोग से कृषि उत्पादन में उत्तरोत्तर‌ वृद्धि‌ देखी जा रही है। अतः कृषि चौपाल  ,किसान संगोष्ठियों के माध्यम से कृषकों को लगातार  जागरूक करने की आवश्यकता है।जिले में नैनो तरल उर्वरक के उपयोग में विकास खंड बहोरीबंद प्रथम स्थान प्राप्त किया गया। इस नवाचार से जहाँ कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है वही दूसरी ओर भारत शासन को दानेदार उर्वरक पर खर्च होने वाली अनुदान  राशि रुपये 3  करोड़  97 लाख की  बचत हुई है।
इस नवाचार‌ की सफलता के लिए एसडीएम ने कृषि एवं सहकारिता विभाग को बधाई देते हुए प्रसन्नता ब्यक्त की। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य कर्ताओं को सम्मानित किया जायेगा तथा शासकीय कार्य में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कारवाई भी की जाएगी!
नहीं जायेगा।एसडीएम राकेश चौरसिया ने दोनों विभागो के अधिकारियो को निर्देशित करते हुए कहा कि डीएपी के स्थान पर मिश्रित उर्वरक  व सूक्ष्म पोषक तत्वों का उपयोग बढ़ाने,  मिलेट फसलों को बढ़ावा, जीरो ट्रिलेज‌ , डीएसआर पद्धति क्षेत्र विस्तार, जैविक तथा प्राकृतिक खेती‌ के क्षेत्र विस्तार कराने तथा नान लोनी कृषकों का फसल बीमा कराने पर विशेष ध्यान देने  आदेशित किया।संयुक्त कार्यशाला का संचालन एसएडीओ राजकिशोर चतुर्वेदी ने किया।

 

 


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