सिहोरा में सफाई व्यवस्था चौपट,क्यों रूठ गए सफाई कर्मी ?

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जबलपुर :सफाई कर्मियों के हड़ताल में जाने के बाद सिहोरा की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है,आलम ये है की सफाई कर्मियों के हड़ताल में जाते ही नगर में चारो तरफ गंदगी फैली हुई है,

फैक्ट फाइल
नियमितकर्मी/विनियमितकर्मी/दैनिक श्रमिक की संख्या – 370
सफाई कर्मी की संख्या – 200
अन्य शाखा में कार्यरत – 170
स्वीकृत पदों की संख्या – 207

क्या है मामला ?

नगर पालिका सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर बैठने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से डगमगा गई है। पिछले करीब चार दिनों से अगर शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया जाये तो हाल हर जगह पर कूड़ा-करकट के ढेर लगे हुए हैं। ऐसे में सड़कों एवं नालियों की साफ-सफाई कचरे को उठाने के लिए एक भी सफाई कर्मचारी काम पर नहीं आ रहा है। शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में पालिका द्वारा बनाए गए डंपिंग ग्राउंड्स का हाल इन दिनों ऐसा है कि उसके बाहर भारी मात्रा में कचरा फैला हुआ है। ऐसे में जहां पूरे इलाके गंदी बदबू फैली हुई है, वहीं शहर की सुंदरता भी पूरी तरह से प्रभावित है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती, तब तक उनका रोष ऐसे ही जारी रहेगा और भविष्य में यह कड़ा रूप धारण करेगा।
*मुख्यमार्गों से लेकर अंदरूनी मार्गों तक फैला कचरा*
विगत चार दिनों से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते मुख्य मार्गो सहित आंतरिक मार्गों में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर अब दुर्गंध करने लगे हैं जिसके चलते स्वच्छता के साथ-साथ वातावरण पूरी तरह से प्रदूषित होता जा रहा है। सड़क किनारे लगे कचरे की ढेर को आवारा पशुओं द्वारा फैलाने के कारण नालियां भी चौंक हो गई है जिसके चलते गंदा पानी सहित कचरा सड़कों पर बह रहा है। गंदगी एवं दुर्गंध ने लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालना प्रारंभ कर दिया है यदि हालात शीघ्र नहीं सुधरे तो भयानक बीमारियों के प्रकोप से आम जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
*क्या है सफाई कर्मचारियों की मांग*
सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारी का कहना है कि नगर को स्वच्छ एवं स्वस्थ रखने में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले कर्मचारीयों को समय से वेतन तक प्राप्त नहीं हो रहा है प्रतिमाह 20 तारीख के बाद ही वेतन प्राप्त होता है वहीं नगर पालिका अन्य विभागों मे विनियमित कर्मचारियों की संख्या तो बड़ा रही है लेकिन चुनाव के दौरान घोषणा के बाद भी सफाई कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही जबकि नगर पालिका क्षेत्र में बसाहट का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बढ़ते बसाहट क्षेत्र को देखते हुए न्यूनतम 50 सफाई कर्मचारियों की भर्ती की मांग नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ ने की है।
*92 पद के विरुद्ध 200 सफाई कर्मी*
नगर पालिका स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वक्षता कर्मी के कुल 92 स्विक्रत पद के विरुद्ध 200 सफाई कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं जिनका वेतन निकाय निधि चुंगी क्षतिपूर्ति से बा मुश्किल किया जा रहा है ऐसे में सफाई कर्मचारियों के नियुक्ति का फैसला प्रेसिडेंट इन काउंसिल में ही संभव हो सकता है। नगर पालिका के स्वास्थ्य विभाग एवं सफाई कर्मचारी संघ के अपने-अपने दावों का खामियाजा नगर के आमजन को भोगना पड़ रहा है।
इनका कहना है,
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का कल तक निराकरण हो जाएगा।सफाई कर्मचारी संघ की वेतन संबंधी सहित अन्य मांगों का निराकरण कर दिया गया है वहीं सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग को 15 दिनों के अंदर प्रेसिडेंट इन काउंसिल की बैठक में रखने का लिखित में दे दिया है।
जय श्री चौहान
मुख्य नगर पालिका अधिकारी
नगर पालिका सिहोरा


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