कलेक्टर के निर्देश पर दो समिति प्रबंधक निलंबित और 12 प्रबंधकों का कटेगा एक सप्ताह का वेतन

कटनी :’ई-विकास प्रणाली’ का पालन न करते हुये नियम विरूद्ध उर्वरक का वितरण करना 14 समिति प्रबंधकों को महंगा पड़ गया। समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के संज्ञान में यह मामला आने के बाद कलेक्टर ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) सिनगौड़ी, खितौली एवं उबरा के समिति प्रबंधक श्री बाबूजी सेन तथा सिनगौड़ी के खाद खरीदी प्रभारी सहायक प्रबंधक श्री सतीश कुमार निगम को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिये।इनके अलावा ई-विकास प्रणाली में लापरवाही बरतने वाले अन्य 12 समिति प्रबंधकों का माह मई 2026 के वेतन से 7 दिवस की वेतन कटौती कराने के निर्देश भी कलेक्टर श्री तिवारी ने दिया। कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देश के बाद निलंबन और वेतन कटौती संबंधी आदेश जारी भी हो गये हैं।किसानों को पारदर्शी तरीके से खाद उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर जिले में 1 अप्रैल से ई-विकास प्रणाली लागू है। कलेक्टर ने समितियों और उर्वरक विक्रेताओं को उर्वरकों का शत-प्रतिशत विक्रय ई-विकास टोकन प्रणाली के माध्यम से किए जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी पारंपरिक रूप से पीओएस मशीन से खाद वितरण करने पर कलेक्टर ने गहन नाराजगी व्यक्त किया था।
समिति प्रबंधक और खाद प्रभारी निलंबित
जारी निलंबन आदेश के अनुसार समिति प्रबंधक खितौली, सिनगौडी एवं उबरा श्री बाबूजी सेन द्वारा ई-विकास प्रणाली के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही और उदासीनता बरती गई। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए इन दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।इसी प्रकार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सिनगौड़ी के खाद प्रभारी एवं सहायक प्रबंधक श्री सतीश कुमार निगम द्वारा वर्ष 2025-26 में खाद का भौतिक वितरण तो कर दिया गया था। लेकिन ई-वितरण प्रणाली में इसकी एंट्री नहीं की गई। शासन के आदेशों की अवहेलना करने पर उन्हें भी कार्य प्रभार से मुक्त कर निलंबित कर दिया गया है। उनके स्थान पर खाद प्रभारी का चार्ज श्री प्रमोद निगम को और उपार्जन का प्रभार श्री रमाकांत दुबे को तत्काल सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
12 समिति प्रबंधकों के वेतन में होगी 7 दिन की कटौती
कलेक्टर द्वारा समय-सीमा की बैठकों में की गई समीक्षा के बाद, निर्धारित डिजिटल व्यवस्था का पालन न करने वाले 12 समिति प्रबंधकों (संवर्ग एवं प्रभारी) के चालू माह मई 2026 के वेतन से सात दिवस की वेतन कटौती के निर्देश दिए गए हैं। इनमें शाखा कटनी अंतर्गत कटनी समिति की बैक समिति प्रबंधक नेहा चौरसिया, समिति चाका के प्रभारी समिति प्रबंधक सतीश तिवारी और समिति कन्हवारा के बैक समिति प्रबंधक श्री प्रमोद कुमार उपाध्याय शामिल है।इसी प्रकार शाखा बड़वारा अंतर्गत अमाडी,बसाडी,नन्हवाराकला समिति के बैक समिति प्रबंधक मनोज द्विवेदी, बड़वारा समिति के प्रभारी समिति प्रबंधक देवानंद सिंह रघुवंशी और विलायतकला समिति के बैक समिति प्रबंधक राहुल तिवारी की वेतन कटौती की जायेगी।जबकि शाखा बाकल अंतर्गत चॉदनखेडा समिति के प्रभारी समिति प्रबंधक संतोष दीक्षित, खितौली, उबरा, सिनगौड़ी के बैक समिति प्रबंधक बाबूजी सेन और उमरियापान शाखा के अंतर्गत दशरमन समिति के प्रभारी समिति प्रबंधक संतोष दुबे और मुरवारी समिति के बैक समिति प्रबंधक रबि तिवारी के 7 दिन के वेतन की कटौती की जायेगी।इसके अलावा रीठी शाखा के अंतर्गत रीठी समिति के बैक समिति प्रबंधक सुनील कुमार सोनी का 7 दिवन का वेतन काटा जायेगा।
कलेक्टर की सख्त चेतावनी: लापरवाही पर होगी वैधानिक कार्रवाई
कलेक्टर तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि जिले में बिना ई-टोकन के खाद का वितरण न हो। किसान की जमीन (खसरा नंबर) और बोई गई फसल के आधार पर खाद की मात्रा सॉफ्टवेयर द्वारा तय की जाएगी। इससे जरूरत से ज्यादा भंडारण या कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगेगी। किसान अब घर बैठे पोर्टल पर देख सकेंगे कि किस केंद्र पर कितना स्टॉक उपलब्ध है। किसान भाई अपनी सुविधा अनुसार प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां (PACS), डबल लॉक केंद्र और निजी विक्रेता। सशुल्क सेवा एमपी ऑनलाइन और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) केंद्रों पर जाकर ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं।कलेक्टर श्री तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी सहकारी समिति या निजी विक्रेता बिना ई-टोकन के खाद का विक्रय करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कठोर वैधानिक कार्यवाही के साथ -साथ पुलिस थाना में एफआईआर तक दर्ज कराई जाए। किसानों के हितों में आड़े आने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। कलेक्टर ने जिले के समस्त किसानों से अपील की है कि वे अपनी मिट्टी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केवल संतुलित उर्वरकों का ही उपयोग करें। अनावश्यक खाद का प्रयोग न केवल लागत बढ़ाता है, बल्कि भूमि की उर्वरक शक्ति को भी नुकसान पहुँचाता है।
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