बिना अनुमति के नहीं किया जा सकेगा निजी नलकूपों का खनन

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जबलपुर:जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह ने कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की अनुशंसा पर आज एक आदेश जारी कर गर्मियों के दौरान जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में पेयजल का समान वितरण सुनिश्चित करने तथा जनता की आवश्यकता की पूर्ति के मद्देनजर 30 जून तक सम्पूर्ण जिले को “जल अभावग्रस्त क्षेत्र” घोषित किया है। जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी यह आदेश तत्‍काल प्रभाव से लागू हो गया है। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध “म.प्र. पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-9 (मध्यप्रदेश पेयजल परिक्षण (संशोधन) अधिनियम 2022 के द्वारा संशोधित) एवं भारतीय न्‍याय संहिता की धारा 223 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने भू-गर्भीय जल का अत्यधिक दोहन होने के कारण जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के नलकूपों एवं अन्‍य जल स्‍त्रोतों के जल स्‍तर में तेजी से गिरावट आने के कारण गर्मियों के दौरान पेयजल संकट की स्थिति निर्मित होने की अशंका व्‍यक्‍त करते हुए जिला कलेक्‍टर को प्रस्‍ताव भेजकर सार्वजनिक पेयजल स्रोतों की क्षमता प्रभावित न हो, इसके लिये निजी नलकूप के खनन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने की अनुशंसा की थी।जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के “जल अभावग्रस्त क्षेत्र” में किसी भी शासकीय भूमि पर स्थित जल स्रोतों में पेयजल तथा घरेलू प्रयोजनों को छोड़कर अन्य किसी भी प्रयोजनों के लिये नहरों में प्रवाहित जल के अलावा अन्य स्रोतों का जल दोहन किन्ही भी साधनों द्वारा जल का उपयोग नही करेगा।जिले के समस्त विकास खण्डों एवं नगरीय क्षेत्रों के समस्त नदी, नालों, स्टापडैम, सार्वजनिक कुओं तथा अन्य जल स्रोतों का उपयोग एवं घरेलू प्रयोजन हेतु तत्काल प्रभाव से सुरक्षित किया गया है। जिले के जल अभावग्रस्त क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति स्वयं अथवा प्राईवेट ठेकेदार अनुविभागीय राजस्व अधिकारी के पूर्व अनुज्ञा प्राप्त किये बिना किसी भी प्रयोजन के नवीन नलकूप का निर्माण नही करेंगा। यह प्रावधान शासकीय नलकूप खनन पर लागू नही होगा।आदेश में कहा गया है कि जिन व्यक्तियों को अपनी निजी भूमि पर नलकूप खनन कार्य कराना है, उन्हें ऐसा करने के लिये निर्धारित प्रारूप में निर्धारित शुल्क के साथ, संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी को आवेदन करना होगा। इस कार्य के लिए जिले के “जल अभावग्रस्त क्षेत्र” के समस्त अनुविभागीय राजस्व अधिकारी को उनके क्षेत्राधिकार के अंतर्गत सक्षम अधिकारी प्राधिकृत किया गया है। अनुविभागीय राजस्‍व अधिकारी अनुमति देने के पूर्व आवश्यक जांच एवं परीक्षण की कार्यवाही पूर्ण कर तथा अनुमति दिये जाने के संबंध में संबंधित क्षेत्र के सहायक यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से अभिमत प्राप्त करेंगे।आदेश के मुताबिक खनित नलकूप असफल होने पर नलकूपों में से केसिंग नहीं निकाली जायेगी। नलकूप में केप लगाकर चारों ओर 0.50×0.50×0.60 मीटर के साईज का सीमेंट कांक्रीट ब्लॉक बनाना अनिवार्य होगा। सार्वजनिक पेयजल स्रोत सूख जाने के कारण वैकल्पिक रूप से दूसरा कोई सार्वजनिक पेयजल स्रोत उपलब्ध नही होने पर जनहित में संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी उस क्षेत्र के निजी पेयजल स्रोत का अधिग्रहण निश्चित अवधि हेतु कर सकेगें।

 

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