गौरहा खरीदी केंद्र प्रभारी सहित सात कर्मचारियों पर सिहोरा में एफ आई आर दर्ज

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जबलपुर:किसानों से तुलाई, भराई और तौल पर्ची बनाने के नाम पर अवैध वसूली करने वाले गौरहा खरीदी केंद्र प्रभारी सहित सात कर्मचारियों पर पुलिस ने एफ आई आर दर्ज करते हुए कार्यवाही की है।

यह है मामला 

​प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिले की सिहोरा तहसील के अंतर्गत देवाश्री ग्राम संगठन गोसलपुर द्वारा ग्राम गौरहा नर्मदा इंटरप्राइजेज के गोदाम में संचालित खरीदी केंद्र में किसानों से तुलाई, सिलाई और तौल पर्ची के नाम पर अवैध वसूली करने की शिकायतों की जांच के बाद कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा खरीदी केंद्र प्रभारी सहित सात कर्मचारियों के विरुद्ध सिहोरा पुलिस थाने में एफ आई आर दर्ज कराई गई है।रबी विपणन वर्ष 2026-27 में देवाश्री ग्राम संगठन,गोसलपुर को गौरहा स्थित नर्मदा इंटरप्राइजेस के गोदाम बनाये गये खरीदी केंद्र पर गेहूँ उपार्जन की ज़िम्मेदारी दी गई थी। इस केंद्र में खरीदी के दौरान किसानों से तुलाई, सिलाई और तौल पर्ची के नाम पर अवैध रूप से पैसे लेने की शिकायतें जिला प्रशासन को प्राप्त हुई थी। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने शिकायत की जांच के निर्देश संयुक्त कलेक्टर और जिला नोडल अधिकारी उपार्जन ऋषभ जैन को दिये थे। कलेक्टर के निर्देश राजस्व एवं खाद्य विभाग के अमले द्वारा की गई जांच में शिकायतों को सही पाये जाने पर कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार जाटव ने पुलिस थाना सिहोरा में लिखित आवेदन देकर मामला दर्ज कराया है।जांच में पाया गया कि किसानों से तुलाई, सिलाई और तौल पर्ची के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे थे। इस गंभीर वित्तीय गड़बड़ी के आरोप में पुलिस ने केंद्र प्रभारी आरती रजक, आवक रजिस्टर संधारक नीलम रजक, कंप्यूटर ऑपरेटर ज्योति बर्मन, तुलाई कर्मी शिखा कोरी, कर्मचारी आनंद पटेल, ग्राउंड सर्वेयर अंकित उपाध्याय और गोदाम सर्वेयर अमर चौधरी सहित कुल सात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(2) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।राजस्व और खाद्य विभाग के अधिकारियों के दल द्वारा की गई जांच में पाया गया कि उपार्जन केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने तुलाई और बारदाने में गेहूं की भराई के लिए 8 रुपये तो कुछ किसानों से लेकर 10 रुपये प्रति बोरी अवैध रूप से वसूल किए। केंद्र पर सिलाई के नाम पर 100 रुपये और तौल पर्ची काटने के नाम पर 100 रुपये की अतिरिक्त वसूली भी किसानों से की गई। जबकि नियमानुसार इसका भुगतान उपार्जन संस्था को स्वयं करना होता है।जांच के दौरान जब किसानों से लिये गये बयानों में यह बात सामने आई कि इस खरीदी केंद्र में तय मात्रा से अधिक अनाज तौला जा रहा था। उपार्जित गेहूँ की मात्रा के अलावा 50 किलो से लेकर 3 क्विंटल तक अतिरिक्त गेहूँ किसानों से लिया गया था। इसके अलावा एक अन्य कृषक अशोक कुमार पटेल से संस्था के कर्मचारी आनंद पटेल ने अपने निजी बैंक खाते में ऑनलाइन माध्यम से 3 हजार 200 रुपये की रिश्वत भी ट्रांसफर करवाई।जांच में ​उपार्जन केंद्र पर तैनात खरीदी सर्वेयर अंकित उपाध्याय और गोदाम सर्वेयर अमर चौधरी की भूमिका भी पूरी तरह संदिग्ध पाई गई। जो किसानों के अनाज का तुरंत एफएक्यू परीक्षण न कर तुलाई और भराई के बाद फीडिंग के समय जांच करते थे और इसके नाम पर किसानों पर अनुचित रूप से पैसे देने का दबाव बनाते थे। केंद्र पर कुल 308 कृषकों से 22 हजार 362 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका था, जिसमें प्रति क्विंटल 20 रुपये और प्रति किसान 200 रुपये के मान से कुल 5 लाख 08 हजार 840 रुपये की अवैध वसूली की गई है, जिसे अब भू-राजस्व के बकाया की तरह वसूल किया जाएगा।

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