12 माह बाद अब तालों से कैद होंगी 40 दुकाने , दुकानों की नीलामी प्रक्रिया को लेकर शुरू  की गई कवायद

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सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद : बहोरीबंद विकासखण्ड मुख्यालय मैं जनपद व विधायक निधि से निर्मित 40 दुकानो का ताला आखिरकार अब 12 माह बाद खुलेगा।जिसको लेकर प्रशासनिक स्तर से कवायद शुरू कर दी गई है।एसडीएम बहोरीबंद राकेश चौरसिया के द्वारा 40 दुकानों की नीलामी प्रक्रिया को लेकर विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर दिए है।साथ ही दुकानों की नीलामी प्रक्रिया को लेकर दिनांक 9 जुलाई 2024 नियत किया गया। नीलामी प्रक्रिया मध्यप्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 65 के अंतर्गत बने संपत्ति के नियम अधीन होंगी।दुकानों की नीलामी प्रवेश अधिकार शुल्क के आधार पर घोष विक्रय/मोहर बंद निविदा तीन वर्ष पट्टे पर की जायेगी।नीलामी हुई दुकानों का किराया 2500 से 3000 रुपए प्रतिमाह रखा गया।दुकानों की नीलामी अनुसूचित जाति/जनजाति,पिछड़ा वर्ग व सामान्य वर्ग के लिए आवंटित की गई हैं।

कलेक्टर न्यायलय के पारित आदेश के 12 माह बाद शुरू की गई कवायद
गौरतलब है कि उक्त दुकानों के मामले मे  26 मई 2023 को कलेक्टर न्यायलय से आदेश पारित हो गया था ।जिसमे कलेक्टर न्यायलय ने तत्कालीन एसडीएम बहोरीबंद के द्वारा की गई बेदखली कारवाई को वैधानिक मानते,बेदखल हुए व्यापारियों के द्वारा लगाई गई अपील को निरस्त करते हुए इस मामले का पटाक्षेप किया था।जिसके साथ ही हाईकोर्ट ने जो निर्णय कलेक्टर कटनी को दिया था उसका भी निराकरण कलेक्टर अविप्रसाद के द्वारा  उक्त दुकानों के मामले मे कर दिया गया था।मामले के निराकरण के बाद दुकानों की नीलामी प्रक्रिया विधि संगत नए सिरे से करने बहोरीबंद एसडीएम को नोडल अधिकारी बनाया गया ।लेकिन कलेक्टर न्यायलय के पारित आदेश के बाद 12 माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद नोडल अधिकारी एसडीएम के द्वारा 40 दुकानों की नीलामी प्रक्रिया को लेकर कोई कवायद शुरू नही कर सके थे।जिसके पीछे कुछ प्रशासनिक कारण साथ ही पहले विधानसभा ओर फिर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण लेटलतीफी बताया गया!हालांकि अब लोकसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होते ही एसडीएम राकेश चौरसिया के द्वारा अब मूर्तरूप दिया गया।40 दुकानों की नीलामी प्रक्रिया को लेकर 20 जून 2024 को विस्तृत दिशा_निर्देश जारी किए।

नियम विरुद्ध तरीके से हुआ था आवंटन एसडीएम ने की थी कारवाई-

गौरतलब है कि बहोरीबंद विकासखण्ड मुख्यालय स्थित नव निर्मित 40 दुकानो मैं बिना नीलामी प्रक्रिया कराये पूर्व सरपंच ने आवंटन कर दिया था।जिस पर जनपद अध्यक्ष लाल कमल बंसल व ग्रामीणों के द्वारा  इसकी शिकायत एसडीएम बहोरीबंद से की गई थी।जिस पर तत्कालीन एसडीएम संघमित्रा ने जनपद सीईओ को जांच सौपी थी ।
जांच मैं यह पाया गया था कि  जनपद व विधायक निधि की राशि से 40 दुकानों का निर्माण कार्य ग्राम पंचायत बहोरीबंद के द्वारा कराया गया है।निर्माण कार्य गुणवत्ता हींन तरीके से कराया गया।
साथ ही दुकानें बनने के बाद जनपद को हैंडओवर भी नही की गई न ही उपयंत्री के द्वारा उक्त कार्यो का मूल्यांकन किया गया।
जनपद सीईओ के द्वारा जांच प्रतिवेदन एसडीएम को सौपा गया।जिसके बाद एसडीएम ने दुकानों मैं काबिज व्यापारियों को नोटिस देकर जवाब तलब किया।लेकिन व्यापारी कोई सार्थक स्पष्टिकरण नही दे सके।जिसके बाद एसडीएम ने 8 सितंबर 2022 को लोक परिसर अधिनियम मैं प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए पंचायत,पुलिस व राजस्व विभाग के अमले के साथ संयुक्त रूप से कारवाई करते हुए उक्त 40 दुकानों को खाली कराते हुए तालाबन्दी कर दी गई थी।
एसडीएम की इस कारवाई को लेकर बेदखल हुए व्यापारियों ने हाईकोर्ट मैं याचिका लगाई जिसमे हाईकोर्ट ने कटनी कलेक्टर को मामले का निराकरण करने के आदेश दिए।
जिए पर कलेक्टर कटनी के द्वारा मामले को निराकृत किया गया ।जिसमें कलेक्टर ने यह पाया कि ग्राम पंचायत के द्वारा विधि विरुध्द तरीक़े से पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर दुकानों का आवंटन किया गया जो कि निर्मित दुकाने जनपद पंचायत के द्वारा नीलाम कर आवंटित की जानी थी।शासकीय या स्थानीय निकाय की परिसंपत्ति हेतु पहले आओ पहले पाओ का सिध्दांत अपनाया जाना उचित नही है।क्योंकि स्थानीय निकाय इस परिसम्पत्ति का कस्टोडियन होता है।
एसडीएम का क्षेत्राधिकार होता है जिसके तहत बेदखली कारवाई की गई जो वैधानिक है।

इनका कहना है- राकेश चौरसिया     एसडीएम

40 दुकानों की नीलामी प्रक्रिया 9 जुलाई 2024 को होगी।जिसको लेकर विस्तृत दिशा_निर्देश जारी कर दिए गए है ।
40 दुकानों की नीलामी प्रक्रिया मध्यप्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1993 के तहत जारी प्रावधानों के अनुसार होगी।

 


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