मुखबिरों को मिलेगा 2 लाख रुपये तक का पुरस्कार

कटनी।कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम के लिए राज्य शासन द्वारा गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम 1994 एवं नियम 1996 (पी.सी.पी.एन.डी.टी. एक्ट) का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने नागरिकों से अपील की है कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षित भविष्य एवं समाज में लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के लिए भ्रूण लिंग जांच एवं लिंग चयन जैसी गैरकानूनी गतिविधियों की सूचना प्रशासन को उपलब्ध कराएं और इस सामाजिक जागरूकता अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं।राज्य शासन द्वारा आमजन को जागरूक करने और अवैध लैंगिक चयन गतिविधियों के विरुद्ध सशक्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “पुनरीक्षित मुखबिर पुरस्कार योजना-2021” संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत अवैध भ्रूण लिंग जांच, लिंग चयन अथवा संबंधित गैरकानूनी गतिविधियों की सूचना देकर कार्रवाई में सहयोग करने वाले मुखबिरों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। सफल सूचना अथवा स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर कार्रवाई होने एवं न्यायालय में अपराध सिद्ध होने की स्थिति में कुल 2 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मुखबिर, डिकॉय महिला, अभियोजन अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी और अन्य अधिकृत व्यक्तियों को नियमानुसार वितरित की जाती है।योजना में मुखबिर की सूचना पर विधिक कार्रवाई होने की स्थिति में प्रथम किश्त के रूप में 1.25 लाख रुपये की राशि कोर्ट में चालान प्रस्तुत होने पर तथा द्वितीय किश्त के रूप में 75 हजार रुपये की राशि न्यायालय में अपराध सिद्ध होने पर प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार सफल स्टिंग ऑपरेशन की स्थिति में मुखबिर, डिकॉय महिला एवं सहयोगियों को भी निर्धारित प्रोत्साहन राशि प्रदान किए जाने का प्रावधान है। पी.सी.पी.एन.डी.टी. एक्ट के प्रभावी प्रवर्तन के लिये शासन द्वारा स्टिंग ऑपरेशन को महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में उपयोग किया जा रहा है। अवैध भ्रूण लिंग जांच एवं लिंग चयन गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों और संस्थानों के विरुद्ध साक्ष्य आधारित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए डिकॉय महिला एवं मुखबिरों के माध्यम से गोपनीय स्टिंग ऑपरेशन संचालित किए जाते हैं।सफल स्टिंग ऑपरेशन के सत्यापन उपरांत प्रथम किश्त के रूप में कुल 1 लाख 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है, जिसमें मुखबिर को 50 हजार रुपये, डिकॉय महिला को 20 हजार रुपये, सहयोगी को 10 हजार रुपये, जिला नोडल अधिकारी अथवा अन्य अधिकृत अधिकारी को 15 हजार रुपये तथा अभियोजन अधिकारी को 30 हजार रुपये दिए जाते हैं। न्यायालय में अपराध सिद्ध होने पर द्वितीय किश्त के रूप में कुल 75 हजार रुपये प्रदान किए जाते हैं, जिसमें मुखबिर को 30 हजार रुपये, डिकॉय महिला को 10 हजार रुपये, सहयोगी को 5 हजार रुपये, जिला नोडल अधिकारी अथवा अन्य अधिकृत अधिकारी को 10 हजार रुपये तथा अभियोजन अधिकारी को 20 हजार रुपये की राशि नियमानुसार वितरित की जाती है। बेटियों के सम्मान, सुरक्षित भविष्य एवं समाज में लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के लिए भ्रूण लिंग जांच एवं लिंग चयन जैसी गैरकानूनी गतिविधियों की सूचना प्रशासन को उपलब्ध कराएं और सामाजिक जागरूकता अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं।
इंडिया पोल खोल को आर्थिक सहायता
प्रदान करने हेतु इस QR कोड को किसी भी UPI ऐप्प से स्कैन करें। अथवा "Donate Now" पर टच/क्लिक करें।
Click Here >>
Donate Now
इंडिया पोल खोल के YouTube Channel को Subscribe करने के लिए इस YouTube आइकन पर टच/Click करें।
इंडिया पोल खोल के WhatsApp Channel को फॉलो करने के लिए इस WhatsApp आइकन पर टच/Click करें।















