रामसागर लेक के जीर्णोद्धार से संवरेंगे जल स्रोत,बारिश का पानी होगा संरक्षित

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कटनी :जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन अवसर पर मंगलवार को ग्राम पंचायत छहरी में आयोजित कार्यक्रम में रामसागर लेक के जीर्णोद्धार एवं मरम्मत के बाद इसके नए, विस्तृत और व्यापक स्वरूप को ग्रामीणों के लिए समर्पित किया गया। अब यह तालाब वर्षा जल के संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा और क्षेत्र में जल उपलब्धता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।कार्यक्रम में कलेक्टर आशीष तिवारी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर तथा जिला पंचायत सदस्य अखिल पांडे का ग्रामवासियों ने कलश यात्रा एवं बैंड-बाजों के साथ आत्मीय स्वागत किया!
इस अवसर पर कलेक्टर आशीष तिवारी के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने रामसागर लेक में श्रमदान कर जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। कार्यक्रम में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का संकल्प भी दोहराया गया।जिला पंचायत के उपाध्‍यक्ष अशोक विश्‍वकर्मा ने जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन के दौरान मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रदेश की जनता के नाम पानी सहेजने के संकल्‍प के संदेश का वाचन किया।

जल संरक्षण को बनायें जन आंदोलन

जल है तो कल है” का संदेश देते हुए कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा कि जल संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। यदि आज हम जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति गंभीर नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जल संरक्षण को अभियान नहीं, बल्कि जन आंदोलन और जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि एक समय गांवों के तालाब और नदियां सामाजिक जीवन का केंद्र हुआ करते थे। हमारे बुजुर्ग इन जल स्रोतों में तैरकर आवागमन करते थे, लेकिन आज अनेक पारंपरिक जल स्रोत अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं। भूजल स्तर में लगातार गिरावट चिंता का विषय है, जिसके लिए कहीं न कहीं हम सभी जिम्मेदार हैं।कलेक्टर ने ग्राम के निवासी श्री पयासी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सहयोग और जनभागीदारी से रामसागर लेक का जीर्णोद्धार संभव हो सका है। यह तालाब वर्षा जल संरक्षण का सशक्त माध्यम बनकर क्षेत्र के जल स्तर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।कलेक्टर ने ग्रामीणों से जल के विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संचयन और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान करते हुए कहा कि जल की प्रत्येक बूंद बचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि हम सभी जल संरक्षण का संकल्प लें, तो निश्चित ही भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित किया जा सकेगा।जिला पंचायत की सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने कहा कि 19 मार्च से 30 जून तक जिले में करीब ढाई महीने चले जल गंगा संवर्धन अभियान के दौरान करीब 94 करोड़ रूपये की लागत से करीब 4 हजार 52 जल संरचनाओं का निर्माण पूरा किया गया। उन्‍होंने बताया कि जिले में 16 विभागों के समन्‍वय से जल गंगा संवर्धन अभियान का सफल क्रियान्‍वयन किया गया।इसके अलावा एनजीओ सेट्रीज के कमांडर देवकांत पयासी ने बताया कि उनकी स्वयंसेवी संस्‍था सेट्रीज जल संरचनाओं के निर्माण और वृक्षारोपण के कार्य बढ-चढ़कर करती है। उन्‍होंने बताया कि जिला प्रशासन और सेट्रीज की संयुक्‍त भागीदारी से बड़खेरा छहरी के रामसागर लेक का जीर्णोद्धार एवं मरम्‍मत किया गया है। करीब 19 एकड़ क्षेत्र में विस्‍तारित इस लेक में करीब 1 किलोमीटर लंबा वाक-वे बनाया जायेगा। जीर्णोद्धार के बाद जहां पहले ही लेक की जल ग्रहण क्षमता 130.9 मिलियन लीटर थी वह अब बढ़कर 248 मिलियन साथ ही इस लेक की गहराई 3 मीटर रहेगी।कार्यक्रम को समाजसेवी अखिल पांडे ने भी संबोधित किया कि इस रामसागर लेक से 10 गांवों के किसानों को सिंचाई का पानी मिलेगा और सभी आसपास के गांवों का भू-जल स्‍तर बढ़ेगा।जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

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