मानसून की बेरुखी से पिछड़ रही धान की बोवनी,आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठा किसान

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सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद : मानसून की देरी ने इस बार बहोरीबंद विकासखंड क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है!जून माह मंगलवार को समाप्त हो गया, लेकिन जून माह लगभग सूखे से गुजरने से खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान की बोवनी करीब एक पखवाडा पीछे चल रही है!
समूचे बहोरीबंद विकासखंड क्षेत्र मै खेत सूखे पड़े हुए है!
किसानों ने रोपाई पद्द्ति के लिए धान की नर्सरी तैयार कर ली है, लेकिन पर्याप्त बारिश न होने से धान के पौधे सूखने लगे है!किसान निजी संसाधनों से सिंचाई कर नर्सरी बचाने का प्रयास कर रहे है!क्षेत्र मै शुरूआती बारिश होने के बाद किसान छिटका पद्द्ति से धान बोते है!लेकिन इस बार पर्याप्त वर्षा नहीं होने से इसका समय निकल गया है!अब किसान जुलाई माह के प्रथम सप्ताह अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे है ताकि खेतों मै पानी भरने पर मचोआ पद्द्ति व रोपा पद्द्ति से बोवनी शुरू की जा सके!लगातार देरी से मनासून सक्रिय होने के कारण धान सहित अन्य फसलों की बोवनी भी प्रभावित हो रही है!कृषि विशेषज्ञओ का मानना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तों बोवनी का रकबा घट सकता है ओर उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है!

25 हजार हैक्टेयर मै होनी है बोवनी 

मंगलवार से आषाढ़ माह का आगाज हो गया है !लेकिन मानसून की दस्तक अब तक नही हुई है!जिससे खेत वीरान पड़े हुए है!किसानों को झमाझम बारिश का इंतजार है ताकि खरीफ सीजन का कृषि कार्य शुरू कर सके!झमाझम बारिश हो इसके लिए किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हुए है!बहोरीबंद विकासखण्ड क्षेत्र में खरीफ फसल का रकबा 25 हजार हेक्टेयर निर्धारित किया गया है।जिसमें ज्यादा रकबा धान का 20 हजार हैक्टेयर है!किसान अनुग्रह यादव, पवन यादव, रामनारायण यादव, अरविंद हल्दकार, राकेश साहू सहित अन्य किसानों का कहना है कि डीजल, खाद, बीज के दाम बढऩे से खरीफ फसल की लागत बढ़ गई है।
बीज निगम व सहकारी समितियों मैं धान के उन्नतशील बीज की किस्मो का अभाव रहता है।जिससे निजी दुकानों पर निर्भर होना पड़ता है।निजी दुकानों मैं मनमानी दर पर बीज विक्रय किया जाता है।निजी विक्रेताओं की मनमानी पर लगाम नही लगाई जा रही है।कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए निःशुल्क बीज वितरण की योजनाएं भी बंद हो चुकी है।अनुदान पर जो बीज मिलता है उसपर उत्पादन कम होता है।इससे छोटे व मध्यम किसानों को परेशानी हो रही है।

इनका कहना है -अमर सिंह एमा
एसएडीओ कृषि विभाग बहोरीबंद

जून माह मै मानसून के सक्रिय नहीं होने ओर बारिश कम होने से धान की बोवनी 15 दिन पिछड़ गई है!
अब जुलाई माह के प्रथम सप्ताह मै अच्छी बारिश हो जाये जिससे बोवनी का कार्य गति पकड़ लेगा!हालांकि वर्तमान परिस्थितियों मै धान उत्पादन प्रभावित होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है!

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