जी-राम जी’ से पंचायतों में बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही:मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल

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जबलपुर,भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा विकसित भारत – जी राम जी का शुभारंभ आज गुरूवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम विभाग मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया।
मानस भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद  सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद  आशीष दुबे, विधायक  अजय विश्नोई, सुशील तिवारी ‘इंदू’, संतोष वरकड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष आशा मुकेश गोंटिया, कलेक्टर  राघवेंद्र सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत मंचासीन थे।

जी राम जी के लॉन्च कार्यक्रम का सीधा प्रसारण

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेस के माध्यम से आंध्रप्रदेश के तिरुपति में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य में आयोजित विकसित भारत – जी राम जी के लॉन्च कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया।मंत्री श्री पटेल ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक योजना की जानकारी देने के लिए नहीं, बल्कि पंचायतों के कार्यों का मूल्यांकन करने और भविष्य की कार्ययोजना तय करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शासन व्यवस्था को सरल और प्रभावी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं। अंग्रेजों के समय से चले आ रहे लगभग 1400 अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त कर व्यवस्था को सरल बनाया गया है। सरकार केवल नई योजनाएं नहीं बना रही, बल्कि प्रशासनिक प्रणाली को अधिक पारदर्शी और परिणाममुखी बनाने का कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। अब पंचायतों को केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं करना है, बल्कि उनके प्रभावी संचालन, पारदर्शिता और परिणाम सुनिश्चित करने की भी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में संबल योजना के माध्यम से लगभग 1 करोड़ 84 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है और किसी भी दुर्घटना अथवा संकट की स्थिति में पात्र श्रमिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाती है। पंचायत प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके क्षेत्र का कोई भी पात्र श्रमिक योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।मंत्री श्री पटेल ने कहा कि तत्‍कालीन परिस्थितियों में मनरेगा की विसंगतियों को दूर कर वीबी जी रामजी योजना के नाम से नए रूप के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार योजनाओं का संचालन आवश्यक है। मौसम, फसल चक्र और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पंचायतों को कार्ययोजना बनानी होगी। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे केवल नए निर्माण कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि पुराने संसाधनों के संरक्षण और सुधार पर भी ध्यान दें।मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रत्येक पंचायत को यह लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए कि सभी पात्र परिवारों को आवास, नाली, पेयजल, सामुदायिक भवन तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं शत-प्रतिशत उपलब्ध हों। उन्होंने पंचायतों को विशेष श्रेणियों जैसे अकेली महिलाओं, 60 वर्ष से अधिक आयु के इच्छुक श्रमिकों, बंधुआ मजदूरी से मुक्त व्यक्तियों, ट्रांसजेंडर तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों को विशेष जॉब कार्ड जारी करने और उन्हें प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि इस वर्ष वर्षा कम होती है तो पंचायतों को जल संरक्षण, तालाब निर्माण, नहर सुधार और अन्य श्रमप्रधान कार्यों की अग्रिम योजना बनानी होगी, क्योंकि पोर्टल पर बाद में कार्य बदलना आसान नहीं होगा।

उपलब्धियों के आधार पर होगा योजनाओं के लिए राशि का आवंटन

वहीं उन्होंने सोलहवें वित्त आयोग की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार पंचायतों को पहले की अपेक्षा अधिक राशि मिलने की संभावना है,लेकिन यह तभी संभव होगा जब पंचायतें समय पर उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करें और स्पष्ट कार्ययोजना बनाएं। प्रत्येक पंचायत को कम से कम दो वर्षों की विकास योजना तैयार करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायतों में पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, सार्वजनिक भूमि तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत संरचना विकसित की जानी चाहिए।मंत्री श्री पटेल ने बताया कि अब पंचायतों का श्रेणीकरण किया जाएगा और उपलब्धियों के आधार पर ही योजनाओं के लिए राशि का आवंटन होगा। जिन पंचायतों में सड़क, पेयजल या अन्य मूलभूत सुविधाएं पूरी हो चुकी हैं, वहां आगे की आवश्यकताओं के अनुसार नई योजनाएं स्वीकृत की जाएंगी। उन्होंने कहा कि अब पंचायतों का ऑडिट पूरी तरह ऑनलाइन होगा और मजदूरों की उपस्थिति फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से दर्ज की जाएगी, जिससे फर्जी मस्टर रोल जैसी अनियमितताओं पर रोक लगेगी।उन्होंने टाइड और अनटाइड फंड के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि पंचायतें ग्रे वाटर प्रबंधन, बड़ी नालियों का निर्माण, उपचारित जल का सिंचाई एवं सार्वजनिक उपयोग तथा स्वच्छता संबंधी कार्यों को प्राथमिकता दें। उन्होंने वृक्षारोपण को केवल औपचारिकता न मानते हुए उसकी सुरक्षा, सिंचाई और संरक्षण सुनिश्चित करने की बात कही। नर्मदा किनारे किए गए सफल वृक्षारोपण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सफलता पौधे लगाने में नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखने में है।मंत्री श्री पटेल ने संभावित जल संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए पंचायतों से अभी से जल संरक्षण की दिशा में कार्य प्रारंभ करने का आग्रह किया। उन्होंने सूखे हैंडपंपों को रिचार्जिंग पिट में परिवर्तित करने, वर्षा जल का वैज्ञानिक तरीके से संचयन करने तथा गाद और कचरे को जल स्रोतों में जाने से रोकने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायतों को ऐसे श्रमप्रधान कार्यों का चयन करना चाहिए, जिनसे अधिक से अधिक जरूरतमंद मजदूरों को रोजगार मिल सके और साथ ही गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी हो। अंत में उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे योजनाओं का ईमानदारी, पारदर्शिता और दूरदृष्टि के साथ क्रियान्वयन करें, ताकि ग्रामीण विकास के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए जल, पर्यावरण और सार्वजनिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि ने अपने संबोधन में विकसित भारत ‘जी-राम जी’ योजना को ग्रामीण विकास और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से कार्यों में पारदर्शिता आएगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा तथा ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व की सराहना करते हुए योजना के सफल क्रियान्वयन पर विश्वास व्यक्त किया।

भ्रष्टाचार पर लगेगी रोक 

सांसद  आशीष दुबे ने कहा कि विकसित भारत ‘जी-राम जी’ योजना जमीनी अनुभवों के आधार पर तैयार की गई है, जिसमें पूर्व की कमियों को दूर करते हुए श्रमिकों और ग्रामीणों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि योजना में किए गए सुधारों से भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी, मजदूरों को अधिक अवसर मिलेंगे तथा विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में ग्रामीण क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

क्या बोले विधायक ?

विधायक विश्नोई ने योजना की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें मजदूरों के हितों की सुरक्षा के लिए अनेक नए प्रावधान जोड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान, भुगतान में विलंब होने पर ब्याज, दुर्घटना की स्थिति में सहायता, महिला श्रमिकों के बच्चों की देखभाल तथा ग्राम पंचायतों द्वारा पूर्व नियोजित विकास कार्यों जैसी व्यवस्थाएं इस योजना को अधिक प्रभावी और जनहितैषी बनाती हैं।
विधायक सुशील तिवारी इंदु ने कहा कि विकसित भारत ‘जी-राम जी’ योजना केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि पूर्व की योजना में आवश्यक सुधारों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि इसमें कार्य दिवसों की संख्या बढ़ाने, मजदूरों की पहचान एवं उपस्थिति में पारदर्शिता लाने तथा विकास कार्यों को अधिक जवाबदेह बनाने जैसे महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को व्यापक लाभ मिलेगा।
विधायक संतोष वरकड़े ने कहा कि विकसित भारत ‘जी-राम जी’ योजना प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि गांवों के समग्र विकास, श्रमिकों के कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई यह योजना प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष गोंटिया ने ग्राम पंचायतों की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि विकसित भारत ‘जी-राम जी’ योजना के अंतर्गत ग्राम सभाओं की भागीदारी से गांवों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों का चयन किया जाएगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सहभागिता सुनिश्चित करने तथा उपलब्ध संसाधनों का उपयोग गांव के समग्र विकास के लिए करने का आह्वान किया।

नमो उपवन का चित्र भेंट 

वहीं कार्यक्रम में मंत्री श्री पटेल को जिला पंचायत अध्यक्ष  गोटिया एवं जिला पंचायत सीईओ  गहलोत ने नमो उपवन का चित्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया।कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर  सिंह ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इस पहल से पंचायतों की कार्यप्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन आएगा और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष  विवेक पटेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्य, सरपंच, सचिव, जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।

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