दुर्गा उत्सव समिति के सदस्यों की बैठक में कलेक्टर ने दिये ये सुरक्षा संबंधी निर्देश 

इस ख़बर को शेयर करें

 

जबलपुर,दुर्गा पंडालों के निर्माण और उनकी सजावट में दुर्गोत्सव समितियों को सभी सुरक्षा मापदंडो का कड़ाई से पालन करना होगा।न केवल विद्युत साज सज्जा में बल्कि झांकियों के निर्माण में भी समितियों को सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी, ताकि किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो  निर्देश कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने आज बुधवार को आयोजित दुर्गोत्सव समितियों के पदाधिकारियों की बैठक में दिये,पुलिस कंट्रोल रूम में संपन्न हुई इस बैठक में अपर कलेक्टर रविशंकर राय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. आयुष जाखड़ तथा सभी संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।कलेक्टर सिंह ने कहा कि दुर्गा उत्सव समितियों को पंडाल के स्ट्रक्चर की मजबूती, विद्युत सुरक्षा, अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि पंडाल एवं स्ट्रक्चर की मजबूती के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इन्हें ऐसे स्थान पर लगाया जाए, जिससे आमजन को आवागमन में परेशानी न हो।कलेक्टर ने बिजली की सजावट में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग करने और शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं की संभावना को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि समितियों को देखना होगा की विद्युत की साज-सज्जा में कहीं भी कटे तारों का इस्तेमाल न हो। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को भी अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां रखने निर्देशित किया।

आवश्यक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित करनी होगी

कलेक्टर ने कहा कि आयोजन समितियों को अनुमति लेने के साथ ही सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित करनी होगी।समिति, डेकोरेटर, विद्युत व्यवस्था एवं स्ट्रक्चर लगाने वाले सभी संबंधित लोगों को एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने के बजाय समन्वय के साथ काम करना होगा।

बाहर से आने वाले डीजे पर लगेगा प्रतिबंध 

 बैठक में दुर्गा उत्सव समितियों की मांग पर कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले के बाहर से आने वाले डीजे पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले की सीमाओं पर स्थित टोल नाकों से ही बाहर से आने वाले डीजे को रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी,कलेक्टर ने आयोजन समितियों द्वारा वॉलंटियर्स की नियुक्ति और उनकी पहचान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया उन्होंने कहा कि वॉलंटियर्स की पर्याप्त संख्या हो और वे आयोजन स्थल पर पूरे समय मौजूद रहें। उनकी पहचान के लिए बैज अथवा पहचान-पत्र की व्यवस्था की जाए, ताकि आपात स्थिति में उनसे तत्काल संपर्क किया जा सके। उन्होंने कहा कि दुर्गा उत्सव जिले का महत्वपूर्ण त्योहार है। इसे सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शुरुआत से ही पंडालों और आयोजन स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा। कलेक्टर ने दुर्गा समितियों से प्रशासन द्वारा दिए जा रहे सुरक्षा संबंधी निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करने कहा। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से दुर्गा उत्सव को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया जा सकता है।बैठक में वीडियो कांन्फ्रेंसिंग से जुड़े पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने कहा कि दुर्गा उत्सव के दौरान सभी समितियां पुलिस एवं प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें। पंडाल एवं डेकोरेशन, विद्युत सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था, मूर्ति विसर्जन तथा नदी में बच्चों की सुरक्षा सहित विसर्जन घाटों पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि इस बार सभी का पूरा फोकस इस बात पर होना चाहिए कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। उन्होंने कहा कि समिति आयोजन के लिए निर्धारित प्रक्रिया और सुरक्षा संबंधी गाइडलाइन का पालन करें, ताकि सभी लोग सुरक्षित वातावरण में त्योहार मना सकें पुलिस एवं प्रशासन द्वारा भी समितियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जाएगा।बैठक में समितियों के पदाधिकारियों ने डीजे के उपयोग पर नियंत्रण के साथ ही आयोजन एवं विसर्जन मार्गों की निगरानी, सड़कों की मरम्मत तथा अन्य व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने का आग्रह किया।समितियों के पदाधिकारियों ने पंडाल के पीछे अवैध गतिविधियों की सूचना देने वाले नागरिकों की पहचान गोपनीय रखने के सुझाव पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. आयुष जाखड़ ने कहा कि इसके लिए संपर्क नंबर साझा किया जायेगा। इसकी की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर रखी जाएगी और सूचना देने वाले का नाम अथवा नंबर सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।डॉ. जाखड़ ने कहा कि डीजे पर नियंत्रण की जिम्मेदारी आयोजन समितियों को भी अपनी ओर से निभानी होगी। यदि समितियां डीजे को प्रोत्साहित नहीं करेंगी तो इसकी मांग स्वतः कम होगी उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से नियमों का पालन कराने सभी जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इंडिया पोल खोल को आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु इस QR कोड को किसी भी UPI ऐप्प से स्कैन करें। अथवा "Donate Now" पर टच/क्लिक करें। 

Click Here >> Donate Now

इंडिया पोल खोल के YouTube Channel को Subscribe करने के लिए इस YouTube आइकन पर टच/Click करें।

इंडिया पोल खोल के WhatsApp Channel को फॉलो करने के लिए इस WhatsApp आइकन पर टच/Click करें।


इस ख़बर को शेयर करें