बच्चों को खिलाई गई कृमिनाशक एल्बेंडाजोल गोली, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का हुआ आयोजन

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सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद-शिशु स्‍वास्‍थ्‍य पोषण कार्यक्रम के अंतर्गत राष्‍ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ मंगलवार को बहोरीबंद विकासखण्ड मैं किया गया।जहां एक से 19 वर्ष तक के छात्र- छात्राओं को एल्बेंडाजोल (चबाने वाली मीठी गोली) 400 ग्राम का उम्र के अनुसार सेवन कराया गया।
विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम की शुरुआत महावीर उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहोरीबंद मै की गईं!इस दौरान बीएमओ डॉ अनुराग शुक्ला, बीसीएम डॉ राबिन गुप्ता, प्राचार्य महेंद्र राय, सरपंच प्रतिनिधि ब्रजेश गुप्ता,सुपरवाइजर रविंद्र गर्ग,मनीष जैन उपस्थित रहे!जहां शिक्षकों ने भी बच्चों को एल्बेंडाजोल का सेवन बच्चों को कराया।बीएमओ डॉ अनुराग शुक्ला ने कहा कि बच्चों मैं कृमि का संक्रमण व्यक्तिगत अस्वच्छता ओर संक्रमित मिट्टी के संपर्क से होता है।कृमि संक्रमण से बच्चों मैं शारीरिक एवं बौध्दिक विकास मैं बाधित होता है।जीवन मे स्वच्छता का बहुत महत्व है।कृमि के कारण पेट मे दर्द,दस्त, उल्टी,कमजोरी,भूख नही लगने जैसे लक्षण बच्चों मैं हो सकते है।इनसे बचाव के लिए हमेशा साफ पानी पीना चाहिए।नाखून साफ रखना चाहिए।शौचालय से आने के बाद ओर खाना खाने से पहले साबुन-पानी से हाथ धोना चाहिए।फल व सब्जियों को साफ पानी से धोकर खाना चाहिए।एल्बेंडाजोल की गोली से कृमि का नाश होता है।बच्चो के स्वास्थ्य व उनकी कार्य क्षमता मैं सुधार होता है।बीपीएम अरुण शुक्ला ने बताया कि अभियान के अंतर्गत एक से 19 वर्ष तक के सभी विद्यार्थियों एवं किशोर- किशोरियों को उम्र के अनुसार एल्बेंडाजोल चबाने वाली मीठी गोली 400 ग्राम का सेवन शासकीय व अनुदान प्राप्त शालाओं,छात्रावासों, प्राइवेट स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से कराया जायेगा। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से 20 से 49 वर्ष की प्रजनन आयुवर्ग की महिलाओं (गर्भवती महिलाओ को छोडकर) एवं छूटे हुये बच्‍चों को मॉपअप के दौरान सेवन कराया जायेगा। बहोरीबंद विकासखण्ड में एक वर्ष से 19 वर्ष तक के 81 हजार बच्चों, छात्र- छात्राओं, किशोर एवं किशोरियों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।जिसमें मंगलवार को 62 हजार से अधिक को गोली सेवन कराया गया!माप अप दिवस का आयोजन 9 अक्टूबर  को किया जाएगा।राष्‍ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के क्रियान्‍वयन के लिए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग नोडल विभाग है एवं कार्यक्रम का निष्‍पादन स्‍कूल शिक्षा विभाग, आदिम जाति कल्‍याण विभाग व महिला बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्‍त रूप से किया जा रहा है।

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