सिहोरा की शासकीय आई.टी.आई के सामने गाजर घास

जबलपुर :शिक्षा के मंदिर के सामने गाजर घास ही गाजर घास नजर आती है,मामला सिहोरा की एकमात्र शासकीय आई.टी.आई का है जहां पर आई.टी.आई के सामने मैदान में गाजर घास के अलावा कुछ भी दिखाई नहीं देता,बताया जा रहा है की यहाँ पर शासकीय कन्या शाला भी है कन्या शाला के परिसर में लगने वाली आई.टी.आई के सामने गाजर घास ही गाजर घास नजर आती है,अब ऐसे में सवाल यह उठता है की मैदान की सफाई की जिम्मेदारी आई.टी.आई की है कि कन्या शाला विद्यालय की ?
कहाँ जाता है मेंटिनेंस का पैसा ?
वहीं लोगों का तर्क है की मेंटिनेंस के नाम पर सरकार से फंड तो आता ही होगा तो फिर उस फंड का उपयोग सफाई के लिए क्यों नहीँ किया जाता ? स्तिथि यह है की आज उसी गाजर घास के मैदान से होकर ही शिक्षक और विद्यार्थियों को आईटीआई जाना मजबूरी है।
बीमारी का खतरा
वहीँ जानकारों की मानें तो गाजर घास (पार्थेनियम हिस्टोरोफोरस) एक अत्यधिक विषैला और आक्रामक खरपतवार है। इसके संपर्क में आने से मनुष्यों में गंभीर त्वचा संबंधी बीमारियां और श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याएं (एलर्जी, अस्थमा) हो सकती हैं।अब देखना होगा की जिम्मेदार यह सब जानते हुए भी कब तक नींद से जागकर मैदान की साफ सफाई व्यवस्था दुरस्त करते हैं ?
इनका कहना है,सफाई के लिए हमने नगर पालिका को पत्र लिखा है, उन्होंने कल के लिए ही मैदान की सफाई के लिए बोला है,
बी एस परस्ते प्राचार्य,शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिहोरा
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