वर्षा के चलते जलभराव से निपटने प्रशासन के इंतजाम नाकापी

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सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद : वर्षा काल का सीजन शुरू होने वाला है !साथ ही भले ही इस वर्ष कम वर्षा के  संकेत हैं!
ऐसे मै अब एक ही बात सामने आ रही हैं कि यदि गत वर्ष कि भांति वर्षा हुई तो फिर बड़ी क्षति लोगों को हो सकती हैं!
क्योंकि स्लीमनाबाद गत वर्ष वर्षा से जलभराव के कारण बड़ी क्षति उठानी पड़ी थी!स्लीमनाबाद का शांतिनगर मोहल्ला वर्षा के पानी से चारों ओर से जलमग्न हो गया था!पानी से घर डूब गये थे ओर कई घर जमीदोंज हो गये!साथ ही घरों मै रखा राशन भी खराब हो गया था!कटनी नदी बाढ़ मै आने के कारण खेतों मै बने कई घर घिर गये ओर मवेशी भी बह गये थे!गत वर्ष हुई अतिवृष्टि क्षति के वाबजूद इस वर्ष जलभराव की समस्या से निपटने कोई खास इंतजाम नहीं दिख रहे!
साथ ही अन्य स्थानों पर बनने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के इंतजाम नदारद हैं!इसके अलावा बहोरीबंद का गाड़ा पड़रिया गाँव भी वर्षा काल मै टापू बन जाता हैं!
क्योंकि यहाँ बना हुआ पुल डूब जाता हैं!

दशकों बीते छोटे पुल-पुलियों व रपटों की नही बढ़ाई गई ऊंचाई

बहोरीबंद विकासखण्ड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमरगढ़ व सोमाकला के मध्य गाड़ा पड़रिया पुल की ऊंचाई आज तक नही बढ़ाई गई।जिससे वर्षा काल मे सुहार नदी उफान पर आने से पुल डूब जाता है ।जिससे आवागमन प्रभावित होता है।पुल की ऊंचाई बढाई जा सके जिससे वर्षा काल मे परेशानी का सबब न बने इसके लिए जनप्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारियों के द्वारा सिर्फ आश्वासन तक ही बात सीमित रही।वही स्लीमनाबाद तहसील क्षेत्र के कौड़िया से पिपरिया परौहा मार्ग के मध्य खिरहनी मैं भी कटनी नदी मैं बने पुल की ऊंचाई छोटी है जिससे यहां भी वर्षा काल मे कटनी नदी उफान पर आने से पुल डूब जाता है।जिस कारण आवागमन प्रभावित होता है।राहगीरों को दूसरे मार्गो से होकर अपने गंतव्य स्थानों तक पहुँचना पड़ता है।

संगम नदी पुल तो चढ़ा लाफ़रवाही की भेंट

स्लीमनाबाद से बिलहरी मार्ग के मध्य बना संगम नदी पुल के हाल भी बदहाल है।यहां पुल की ऊंचाई बढ़ाने का काम विगत पांच सालों से चल रहा है।लेकिन अभी तक पुल बनकर तैयार नहीं हुआ हैं!ऐसे में पुल-पुलिया से आवागमन खतरे से खाली नहीं होगा। आवागमन में आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। हादसों की आशंका भी बनी रहेगी।
प्रतिवर्ष मानसून के समय असहज स्थिति निर्मित होती है।
ऐसे मैं अधिकांश समस्याएं विभागीय लापरवाही की वजह से उत्पन्न होती हैं। जिम्मेदार अधिकारियों के ढीले कामकाज की वजह से जनता मुश्किल में आ जाती है।हादसे होने के बाद शासन-प्रशासन की नींद खुलती है। जर्जर पुल-पुलिया की वजह से तेज बारिश के समय कई गांव टापू बन जाते हैं। आवागमन के सभी रास्ते अवरुद्ध हो जाते हैं।

इनका कहना है- प्रदीप मिश्रा एसडीएम बहोरीबंद

यह सही है कि अभी भी बहोरीबंद विकासखण्ड क्षेत्र अंतर्गत कुछ पुल-पुलियों की ऊंचाई कम है।वर्षा काल मै अतिवृष्टि से जलभराव से होने वाली समस्या निपटने के इंतजाम स्थानीय प्रशासनिक स्तर पर किये जा रहे हैं!साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाली जलभराव समस्या से को लेकर निपटने पहले से तैयारियां बनाई जा सके इसके लिए जनपद सीईओ को निर्देशित किया जायेगा!

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