हिरण जिले को जीवन देने वाली धारा, विधायक संतोष वरकड़े

जबलपुर:मां हिरण नदी जल संवर्धन अभियान 12 मई से 20 मई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। अभियान की शुरुआत के पूर्व सोमवार को संस्कृति भवन, भंवरताल गार्डन में जिला प्रशासन द्वारा जल संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पाटन विधायक श्री अजय विश्नोई, सिहोरा विधायक श्री संतोष वरकड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोंटिया, जिला पंचायत के सदस्य, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ मां हिरण नदी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद हायर सेकंडरी विद्यालय कुंडेश्वरधाम के विद्यार्थियों ने हिरण नदी के इतिहास और उसके नाम से जुड़ी गाथा पर आधारित मनमोहक नाटक प्रस्तुत किया। नाटक का निर्देशन निखिल मिश्रा ने किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अजय विश्नोई ने कहा कि जिस प्रकार शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक तत्वों की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार हिरण नदी को भी सशक्त बनाने के लिए संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए यह जरूरी है कि हिरण नदी में मिल रहे प्रदूषण और जहरीले तत्वों को रोकने के लिए ठोस योजना भी बनाई जाये।विधायक संतोष वरकड़े ने कहा कि कुंडेश्वरधाम से निकली हिरण नदी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, उसका स्वरूप भी विस्तृत होता जाता है। उन्होंने कहा कि सभी सहायक नदियां नर्मदा का ही स्वरूप मानी जाती हैं और हिरण नदी भी जिले को जीवन देने का कार्य कर रही है। श्री वरकड़े ने विगत वर्ष हुई छोटी सी परिचर्चा को एक अभियान का स्वरूप देने के लिए कलेक्टर श्री सिंह को धन्यवाद दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष आशा मुकेश गोंटिया ने कहा कि यदि आने वाले समय में कुएं और तालाब खाली हो गए तो भविष्य की पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि नदियों का भराव अच्छा रहेगा तो भू-जल स्तर भी बेहतर बना रहेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष ने अभियान के लिए कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को धन्यवाद दिया।जल संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि कई क्षेत्रों में लोग पूरी तरह बारिश पर निर्भर रहते हैं। ऐसी परिस्थितियों में जल संरक्षण और नदी संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां हिरण नदी का प्रवाह है और जहां उसके संरक्षण की आवश्यकता है, वहां सभी लोगों को सहभागिता का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर जोर दिया।जल संवाद कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत ने मां हिरण नदी जल संवर्धन अभियान की विस्तृत जानकारी प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक जनजागरूकता के उद्देश्य से मां हिरण नदी जल संवर्धन अभियान यात्रा 12 मई से 20 मई तक निकाली जाएगी। यह यात्रा हिरण नदी के उद्गम स्थल कुंडेश्वरधाम से प्रारंभ होकर जनपद पंचायत शहपुरा की ग्राम पंचायत पावला के आश्रित ग्राम जुगपुरा में नर्मदा नदी के संगम स्थल पर समाप्त होगी। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि नौ दिवसीय यह यात्रा कुल 198 किलोमीटर की होगी, जिसमें 38 ग्राम पंचायतें शामिल रहेंगी। इनमें कुण्डम की 7, सिहोरा की 7, पनागर की 7, मझौली की 2, पाटन की 8 एवं शहपुरा की 7 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। यात्रा के दौरान एक रथ एवं नुक्कड़ नाटक टीम प्रत्येक जल संवाद स्थल पर प्रस्तुति देगी। प्रतिदिन एक ग्राम पंचायत में प्रातःकालीन तथा दूसरी पंचायत में रात्रि विश्राम के दौरान जल संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यात्रा के दौरान हिरण नदी संरक्षण के लिए आवश्यक कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जाएगी तथा जनसहयोग से श्रमदान भी कराया जाएगा।कार्यक्रम के समापन पर मां हिरण नदी जल संवर्धन अभियान यात्रा में उपयोग होने वाले ध्वज का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, सदस्य, ग्राम पंचायत सरपंच-सचिव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन जिला पंचायत के जिला स्वच्छता समन्वयक अरुण सिंह ने किया।
इंडिया पोल खोल को आर्थिक सहायता
प्रदान करने हेतु इस QR कोड को किसी भी UPI ऐप्प से स्कैन करें। अथवा "Donate Now" पर टच/क्लिक करें।
Click Here >>
Donate Now
इंडिया पोल खोल के YouTube Channel को Subscribe करने के लिए इस YouTube आइकन पर टच/Click करें।
इंडिया पोल खोल के WhatsApp Channel को फॉलो करने के लिए इस WhatsApp आइकन पर टच/Click करें।














