शिक्षा ही है जीवन का आधार,बच्चों का भविष्य होगा उज्ज्वल

बहोरीबंद/स्लीमनाबाद – बहोरीबंद विकासखंड में मंगलवार को शिक्षा का एक विशेष और उत्साहपूर्ण अध्याय शुरू हुआ । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मंगलवार को बहोरीबंद की सभी आँगनबाडी केंद्रों मै ‘विद्यारम्भ’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा गया जिसके तहत आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 2475 बच्चों का औपचारिक रूप से शैक्षणिक जीवन प्रारंभ हुआ । इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को आंगनबाड़ी से प्राथमिक विद्यालयों में सहज रूप से प्रवेश दिलाया जाएगा।कार्यक्रम को खास बनाने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों और उनके अभिभावकों को पारंपरिक तरीके से पीले चावल और आकर्षक आमंत्रण पत्र देकर आमंत्रित किया गया है। इस पहल ने न केवल कार्यक्रम के प्रति उत्साह बढ़ाया है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत किया!बहोरीबंद विकासखंड के सभी 235 आंगनवाड़ी केंद्रों में एक साथ ‘विद्यारम्भ’ कार्यक्रम आयोजित किया।आँगनबाडी केंद्र तिहारी मै पर्यवेक्षक पुष्पा आरख की मौजूदगी मै कार्यक्रम आयोजित किया गया!पर्यवेक्षक पुष्पा आरख ने कहा कि
यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के जीवन में शिक्षा की मजबूत नींव रखने का प्रयास है। इस दौरान बच्चों को प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा पूर्ण करने के प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे, जिससे उनके विद्यालयीन जीवन की शुरुआत को औपचारिक पहचान मिलेगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आंगनबाड़ी से प्राथमिक विद्यालय में स्थानांतरण के दौरान आने वाली कठिनाइयों को कम करना है। अक्सर छोटे बच्चों के लिए नया माहौल चुनौतीपूर्ण होता है, ऐसे में ‘विद्यारम्भ’ कार्यक्रम के जरिए उन्हें उत्सव के माहौल में स्कूल से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़े और वे पढ़ाई के प्रति प्रेरित हों।कार्यक्रम में बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी शामिल हुए! जिससे बच्चों को मानसिक और भावनात्मक समर्थन मिला ।इस दौरान शिक्षक उमेश कुमार, सोनम हल्दकार, सपना दीवान,रामकिशोर रजक, आँगनबाड़ी कार्यकर्ता बबिता दुबे
सहित अभिभावकों की उपस्थिति रही!
शिक्षा की मजबूत नींव की ओर कदम
परियोजना अधिकारी सतीश पटेल विद्यारंभ कार्यक्रम मै आँगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 5 दर्शननगर बहोरीबंद मै शामिल हुए!
परियोजना अधिकारी सतीश पटेल ने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था में दी गई शिक्षा बच्चे के संपूर्ण विकास की आधारशिला होती है। ‘विद्यारम्भ’ जैसे कार्यक्रम न केवल बच्चों को शिक्षा से जोड़ते हैं, बल्कि उन्हें एक सकारात्मक और उत्सवपूर्ण अनुभव भी प्रदान करते हैं। आज का यह आयोजन बहोरीबंद के हजारों नन्हे-मुन्नों के लिए नई शुरुआत का प्रतीक बना!जहां परंपरा, उत्साह और शिक्षा का सुंदर समन्वय देखने को मिला!6 वर्ष पूर्ण कर चुके अथवा 30 सितंबर 2026 तक आंगनवाड़ी केंद्रों मै दर्ज जिन बच्चों की आयु 6 वर्ष पूर्ण होगी उनको प्राथमिक शाला में प्रवेश कराने हेतु शाला पूर्व शिक्षा प्रमाणपत्र जारी कर ग्रेजुएशन सेरेमनी का आयोजन समस्त ग्रामों में आंगनवाड़ी केंद्रों में किया गया।
आंगनवाड़ी में दर्ज ऐसे बच्चे जो 30 सितंबर 2026 तक 6 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेंगे उनको प्रमाण पत्र जारी कर प्राथमिक शालाओं में भर्ती कराने का अभियान प्रारंभ किया गया।इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों के शाला त्यागने की प्रवृत्ति को समाप्त करना और शत प्रतिशत बच्चों का प्राथमिक शाला में प्रवेश दिलाना है।परियोजना बहोरीबंद अंतर्गत 2475 बच्चो को शाला प्रवेश हेतु चिन्हित कर ” विद्यारंभ प्रमाणपत्र” वितरित किया गया।
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