फूड सेफ्टी को लेकर कलेक्टर ने जारी की फूड सेफ्टी एडवाइजरी

जबलपुर,कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने आज फूड सेफ्टी को लेकर संबंधित अधिकारियों की बैठक कर निर्देशित किया कि अमानक खाद्य पदार्थों पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि नाले के पानी से उगने वाली सब्जियों को लेकर भी संबंधित व्यक्तियों पर कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि सभी रेस्टोरेंटों में फूड सेफ्टी को लेकर एडवाइजरी का पोस्टर लगवाना सुनिश्चित करें। होली के दौरान बनने वाले खाद्य पदार्थ व मिष्ठानों पर छापामारी करें। आईस्क्रीम पार्लर की जांच करे व आईस्क्रीम के सैंपल लें, कलर्ड गुजिया व मावे की जांच करें। रात में स्ट्रीट फूड लगाने वालों के खाद्य पदार्थों की भी जांच करें। उन्होंने कहा कि जोमेटो व स्वीगी के किचिन की जांच भी करें और यदि फ्रोजन मटेरियल पाया जाता है, जिसे माइक्रोवेव का उपयोग कर बेचा जाता है तो उसे सील करें।कलेक्टर श्री सिंह के निर्देशों के पालन में अभिहित अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा द्वारा जिले के सभी रेस्टॉरेंट संचालकों के लिए स्वच्छता और सुरक्षा के दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। जारी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत किचिन में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ग्लव्स, हेड कवर और एप्रिन का उपयोग अनिवार्य होगा । इसके साथ ही, प्रतिष्ठानों को परिसर की दीवारों, फर्श और छतों को पूरी तरह साफ और चिकना रखना होगा ताकि गंदगी जमा न हो सके।खाद्य सामग्रियों के उपयोग को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि एक्सपायरी या ‘बेस्ट बिफोर’ तिथि निकल चुके पैकेटों को तुरंत नष्ट किया जाए । यदि निरीक्षण के दौरान ऐसे पैकेट पाए जाते हैं, तो यह माना जाएगा कि उनका उपयोग भोजन बनाने में किया जा रहा है और संबंधित रेस्टॉरेंट के खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाएगी । प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के संग्रहण के लिए अलग-अलग फ्रीजर और पकाने के लिए अलग बर्तनों का उपयोग किया जाए। इसके अलावा, भोजन पकाने या पैक करने में न्यूज़पेपर जैसे प्रिंटेड पेपर का उपयोग पूरी तरह वर्जित कर दिया गया है।रेस्टॉरेंट संचालकों को अब अपने प्रतिष्ठान में कम से कम एक कर्मचारी को फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन प्रशिक्षित रखना अनिवार्य होगा। कर्मचारियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करना होगा ताकि कोई भी संक्रामक बीमारी से ग्रसित व्यक्ति भोजन निर्माण कार्य में शामिल न हो। साथ ही, तेल और मैदा से बने पदार्थों के अधिक उपयोग के नुकसान बताने वाले पोस्टर लगाना भी अब जरूरी कर दिया गया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा निरंतर निरीक्षण किया जाएगा।
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