87 वर्षो से स्थानीय कलाकार आगे बढ़ा रहे बुजुर्गों की परंपरा

सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद– शारदेय नवरात्र का पर्व चल रहा है जो विजयादशमी तक चलेगा।इस बीच जगह -जगह रामलीला व रासलीला का मंचन जारी है।जहां दूरदराज क्षेत्रों से मंडली मंचन करने आई है।लेकिन स्लीमनाबाद तहसील की ग्राम पंचायत तेवरी मैं स्थानीय मंडली के द्वारा रामलीला का मंचन किया जा रहा है जो अनवरत 87 वर्षो से जारी है।प्रतिवर्ष तेवरी की स्थानीय श्रीकृष्ण रामलीला समिति के द्वारा रामलीला का मंचन किया जा रहा है।गौरतलब है कि 1938 में तेवरी गांव के कुछ बुजुर्गों ने मिलकर भगवान श्रीराम की लीलाओं के मंचन की परंपरा शुरू की थी। उस परंपरा को गांव के युवा व बुजुर्ग 87 साल से निभाते चले आ रहे हैं। हर साल नवरात्र से पूर्व 15 दिनों तक रामलीला का मंचन गांव में स्थानीय कलाकार ही करते हैं और वर्तमान में तीसरी पीढ़ी परंपरा का निर्वहन कर रही है। वर्ष 1938 में तेवरी निवासी ठाकुर बुद्ध सिंह ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर स्थानीय कलाकारों को मंच देने के लिए श्रीकृष्ण रामलीला नाट्य समिति की स्थापना की थी। जो हर साल नवरात्र में भगवान श्रीराम की लीलाओं का मंचन करती थी और नए कलाकारों को भी उससे जोड़ती थी। लीला के अलावा विभिन्न कथाओं पर आधारित नाटकों का मंचन भी किया जाता था, जिसे देखने सैकड़ों लोग पहुंचते थे। दूसरी पीढ़ी में बुद्ध सिंह के पुत्र गेंद सिंह ने समिति अध्यक्ष रहते हुए कई साल तक परंपरा को जीवित रखा तो वर्तमान में तीसरी पीढ़ी के पुरुषोत्तम सिंह अगुवाई कर रहे हैं।
आज भी पहुंचते हैं उत्साह बढ़ाने
समिति के शुरुआत के दिनों से जुड़े गांव के बुजुर्ग भोलाराम कुशवाहा, तेजी लाल कुशवाहा, धनीराम कुशवाहा, बिहारी लाल कुशवाहा, विमल कुशवाहा आज भी मंचन के दौरान कलाकारों का उत्साह बढ़ाने पहुंचते हैं। उनका कहना है कि यह कलाकारों की कला को सामने लाने का मंच स्थापित हुआ था और खुशी होती है कि बुजुर्गाे की परंपरा को युवा जीवित रखे हुए हैं। खुद गुप्ता भी कभी कभार मंचन का हिस्सा बनते हैं तो बुजुर्ग रिटायर्ड शिक्षक अवसर सिंह भी रावण का किरदार निभाने पहुंचते हैं। पूरी कमेटी का संचालन बुजुर्ग महादेव असाटी के हाथों में होता है, जो स्वयं अंगद का किरदार निभाते है!समिति के अध्यक्ष पुरषोत्तम सिंह ठाकुर ने बताया कि आधुनिकता की चकाचौंध में आने वाली पीढ़ी को भगवान श्रीराम के चरित्र व संदेश से अवगत कराने के लिए प्रतिवर्ष रामलीला मण्डल के द्वारा रामलीला का आयोजन किया जाता है और मैं स्वयं विगत कई वर्षों से आयोजित रामलीला में आता रहा हूं और आने वाली पीढ़ी को प्रभु श्रीराम के चरित्र से अवगत कराना नितांत आवश्यक है।
तेवरी श्रीकृष्ण रामलीला के सभी पात्रों को एक माला में पिरोते हुए भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, रावण, हनुमान, सुग्रीव, बाली सहित अनेकों पात्रों का सजीव चित्रण मण्डल के सीमित सदस्यों द्वारा किया जाता है और एक ही व्यक्ति अनेकों किरदार निभाता है। श्रीकृष्ण रामलीला समिति मैं आचार्य पंडित हर्ष मिश्रा, भुवनेश्वर गर्ग,अध्यक्ष पुरषोत्तम सिंह ठाकुर, डायरेक्टर महादेव प्रसाद असाठी,उपडायरेक्टर चन्द्रशेखर असाटी,सचिव विवेक कुशवाहा, कोषाध्यक्ष शुभम गुप्ता, छायाकार राकेश कुशवाहा, बिहारी लाल असाठी, रविशंकर असाठी व महेंद्र सिंह ठाकुर है वही श्रीदुर्गा दशहरा उत्सव समिति के तेवरी के अध्यक्ष अमित लकी अग्रहरि,उपाध्यक्ष राजुल असाठी,संरक्षक काजल रजक व अक्षय असाठी,बेनी माधव असाठी, नारायण कुशवाहा, आनंद असाठी, सागर कुशवाहा शामिल है।
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