असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने की दिशा मे बने सहभागी, देशभक्ति दिखाने का यह अवसर

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स्लीमनाबाद –  शिक्षा विभाग के शिक्षकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह नई शिक्षा नीति के तहत भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम में प्रत्येक घर का सर्वे कर असाक्षर लोगों को पंजीकृत करें और उन्हें साक्षर बनाने के लिए नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत निर्धारित किए गए मापदंडों के अनुसार साक्षर करने का प्रयास करें!क्योंकि आगामी 2027 तक संपूर्ण मध्य प्रदेश को पूर्ण साक्षर घोषित करने का लक्ष्य मध्य प्रदेश सरकार द्वारा रखा गया है!उक्त जानकारी विकासखंड साक्षरता समन्वयक विनोद पाटकर ने नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की खंड स्तरीय बैठक मे दिए!उन्होने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना को आधार बनाकर तैयारी की जा रही हैं! गांव गांव से असाक्षरों को ढूंढकर उन्हें मोबाइल ऐप पर पंजीकृत किया जा रहा है और उन्हें पढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में अक्षर साथियों का चयन किया जाना है!वहीं बीआरसी  प्रशांत मिश्रा ने सभी शिक्षकों से कहा कि वह इस सौंपे गए कार्य को पूरी सजगता और जिम्मेदारी से करें जिससे हमारा ब्लॉक, जिला और प्रदेश के साथ-साथ देश भी संपूर्ण साक्षर हो सके!नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत प्रत्येक गांव से असाक्षरों एनआईएलपी मोबाइल ऐप के माध्यम से  चिन्हांकन कर चयनित अक्षर साथियों के माध्यम से उन्हें पढ़ाने लिखाने का कार्य ग्राम में स्थित सामाजिक चेतना केंद्र और अध्ययन केंद्रों में किया जाना है! इसके बाद परीक्षा का आयोजन कर उन्हें साक्षरता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा! प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  शिक्षाविद डॉ दिलीप त्रिपाठी व प्राचार्य  टी एस ठाकुर ने संबोधित करते हुएसमाज के पढ़े लिखे लोगों को आगे आकर अपने आसपास के असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने की दिशा में सरकार द्वारा किए गए इस कार्य में सहभागी बने क्योंकि अपने देश के लिए देशभक्ति दिखाने का इससे अच्छा मौका दूसरा नहीं हो सकता!
इस दौरान सभी संकुल प्राचार्य, बीएससी,जन शिक्षक ओर संकुल साक्षरता समन्वयक उपस्थित रहे!


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