जीते जी तो छोड़ो मरने के बाद भी शांतिधाम में नही मिल रहा सकून

जबलपुर/सिहोरा:सरकारी दावों की पोल खोलती ये तस्वीर सिहोरा जनपद की ग्राम पंचायत अंमगवा नवीन की है, कहने को तो पँचायत द्वारा सभी ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाता है लेकिन बिछिया की समस्या का समाधान कब होगा, ग्रामीणों की मानें तो बिछिया ग्राम के मुक्तिधाम का निर्माण पूर्व सरपंच द्वारा अधूरा करवाया गया था नतीजन बरसात के समय ग्राम में किसी की भी मौत होने पर अर्थी ले जाना भी किसी युद्ध जीतने से कम नहीं होता
दलदल से होकर जाते हैं लोग

ग्रामीणों की मानें तो बरसात के समय किसी का भी अंतिम संस्कार करने मुक्तिधाम तक ले जाना किसी युद्ध जीतने से कम नहीं है, लेकिन वर्तमान सरपंच और सचिव ये सब स्तिथि जानते हुए भी अभी तक मुक्तिधाम का काम पूरा नहीं करवा पाये ,अब ऐसे में सवाल उठना लाजमी हो जाता की क्या बिछिया में जीते जी तो सड़क में फैले कीचड़ से मुक्ति नहीँ मिल रही तो वहीं मरने के बाद मुक्तिधाम में शांति से मुक्ति नहीं मिल रही है ।
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