दस धर्म की आराधनाएं हमारे जीवन को धार्मिक बनाने का देती है संदेश

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सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद : जैन धर्म के दसलक्षण(पर्युषण )पर्व का आगाज बुधवार से हो गया है। जिसके प्रथम दिवस बुधवार को स्लीमनाबाद स्थित 1008 श्री पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में विविध धार्मिक पूजा विधान का आयोजन किया गया। पूरी समाज ने सामूहिक अभिषेक शांतिधारा करके दसलक्षण धर्म से संबंधित पूजन विधान का आयोजन किया। यह धार्मिक आयोजन आगामी दस दिनों तक नित्य आयोजित होंगे। इसके साथ ही दसलक्षण पर्व पर विविध धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएगी।दसलक्षण पर्व के प्रथम दिवस अर्थात उत्तम क्षमा धर्म परंपराओं के अनुसार आज के दिन उत्तम क्षमा धर्म पर प्रवचन पूजा आदि कार्यक्रम हुए।ब्रह्मचारी ऋषभ शास्त्री भैया ने पूरी समाज को प्रेरित करते हुए कहा कि समाज को सिर्फ एक दिशा -निर्देशन देना है तदुपरांत पूरी समाज का धार्मिक वातावरण निर्मित हो जाता है। उन्होने कहा कि सुख सुविधाओं का त्याग करके भगवान की भक्ति में अगर कोई व्यक्ति रमण करेगा तो निश्चित रूप से संत महाराज उनकी प्रशंसा करें बिना कैसे रुक सकते हैं।पंडित ऋषभ शास्त्री ने उत्तम क्षमा धर्म के विषय में समझाते हुए बताया की हम अपने जीवन में क्रोध को इतना ज्यादा महत्व दे देते हैं, क्षमा का हमारे हृदय में कोई स्थान बचता ही नहीं है। अगर हमें अपने जीवन में सब कुछ क्रोध से ही मिल जाता क्षमा की आवश्यकता पड़ती ही ना किंतु क्रोध ने आज तक प्रतिशोध के अलावा कुछ भी नहीं दिया है। जो आत्मा का शोध करना चाहते हैं व्यक्ति क्रोध से नहीं किंतु क्षमा से अपनी आत्मा के कल्याण का पथ का चयन करते हैं।दसलक्षण पर्व में दस धर्मो की आराधनाएं होती है। दस धर्म की आराधनाएं हमारे जीवन को धार्मिक बनाने का संदेश देती है। हमे अपने सांसारिक जीवन को जीने में मदद करती है। इन दस धर्मों की आराधना की आवश्यकता सारे विश्व को है। जिस व्यक्ति ने धर्म के दस लक्षण के अनुसार जीवन जीना सीख लिया है वह कभी परेशान नहीं होता है। विश्व में जो हिंसा का तांडव है उससे विश्व को बचाना है तो दस धर्म की आराधना करने से सबको जोडऩा होगा!
इस दौरान अध्यक्ष श्रेयांश जैन, सतीशचंद्र जैन, प्रदीप जैन, पप्पू जैन, सुधीर जैन,आकेश जैन,महेश जैन, मयूर जैन, बबला जैन सहित सकल जैन समाज की उपस्थिति रही है!

ध्वजारोहण के साथ पर्वराज पर्युषण का आगाज  

दसलक्षण महापर्व के अवसर पर श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर जी श्री तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय बाकल मै शांतिधारा, अभिषेक पूजन विधान हुए। पं. राजेश शास्त्री एवं पं. नैवेश भैया के सानिध्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में समाजजनों ने सहभागिता की।महापर्व के प्रथम दिन प्रातः श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर जी में अभिषेक, शांतिधारा एवं सामूहिक पूजन संपन्न हुआ। वहीं श्री तारण-तारण जैन चैत्यालय जी में पूजन, मंदिर विधि एवं आरती का आयोजन किया गया। स्वाध्याय भवन में मंगल प्रवचन एवं स्वाध्याय के साथ धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम हुए। संगीतमय आरती के साथ कार्यक्रमों का सानंद समापन हुआ।
ध्वजारोहण एवं शांतिधारा का सौभाग्य श्रावक श्रेष्ठी शिखरचंद, अखिलेश कुमार, अमित कुमार, स्वप्निल, सौरभ साहूकार, राजेंद्र कुमार, संजय कुमार, अरविंद कुमार एवं राजेंद्र जैन-अनुराग-दीपक जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर जीवनधर मोदी, नरेंद्र सिंघई, सुरेंद्र सिंघई, पवन मोदी, समाज अध्यक्ष अजय अहिंसा  डॉ. सुबोध जैन, वीरेन्द्र सिधाई सुरेशचंद जैन, पदम जैन, कैलाशचंद जैन, संजय मोदी, प्रेमचंद जैन, अनिल मोदी, प्रमोद मोदी, मुकेश जैन, सौरभ जैन, विमल सिंघई सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

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