जबलपुर:गर्भ में पल रहे शिशु के भ्रूण लिंग का परीक्षण करना गैर कानूनी और दंडनीय अपराध है,लेकिन यह जानते हुए भी चंद पैसों की लालच में जबलपुर में भ्रूण लिंग के परीक्षण का खेल धड़ल्ले चल रहा था वहीं जब पुलिस और प्रशासन की टीम ने छापा मारा तो यहां पर बिना रजिस्ट्रेशन डिजिटल एक्सरे और सोनोग्राफी सेंटर के संचालन सहित अवैध रूप से भूर्ण परीक्षण करने के साथ जांच पर गंभीर त्रुटियां एवं अनियमितताएं पाई गई। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज करते हुए सोनोग्राफी सेटर के संचालक को गिरफ्तार कर लिया है।
यह है मामला
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक ओमती थाना में दिनांक 28.07.2026 को सौरभ चैहटेल उम्र 30 वषर् निवासी बेलबाग द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर कायार्लय का लिखित प्रतिवेदन लाकर प्रस्तुत किया गया जिसमे लेख है कि दिनांक 27.07.2026 को प्राप्त शिकायत के आधार पर पीसीपीएनडीटी अधिनियम 1994 के प्रावधानों के अंतगर्त स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा आर के डिजिटल एक्स-रे एवं सोनोग्राफी सेंटर मालवीय चैक का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण पर गंभीर अनियमितताएं एवं अपराध प्रकाश में आये है।
ये अनियमितताएं आईं सामने
1. क्लीनिक के संचालक डॉ. राजेन्द्र अग्रवाल द्वारा पीसीपीएनडीटी अधिनियम 1994 के प्रावधानों का उल्लघंन करते हुए प्रथम दृष्टया अवैध भू्रण लिंग परीक्षण संबंधी गतिविधियों का संचालन किया जाना परिलक्षित हुआ है।
2. निरीक्षण के दौरान पाया गया कि थ्वतउ श्थ्श् पीसीपीएनडीटी रजिस्टर एवं अन्य अनिवायर् अभिलेखों का संधारण अधिनियम एवं नियमों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था तथा उनमें गंभीर त्रुटियां एवं अनियमितताएं पाई गई।
3. क्लीनिक में उपस्थित डॉली जायसवाल उफर् खुशी नाम की एजेंट के संबंध में प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया कि वह महिला मरीजों को उक्त क्लीनिक में लाकर भू्रण लिंग परीक्षण कराने के लिए अवैध रूप से धनराशि वसूल करती थी।
4. कायर्वाही के दौरान डॉ. राजेन्द्र अग्रवाल एवं डॉली जायसवाल उफर् खुशी के मोबाईल फोन विधिवत जप्त किया गया। मोबाईल की प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया भू्रण लिंग परीक्षण से संबंधित फोटो एवं गभर्समापन (च्तवकनबज व िब्वदबमचजपवद) के फोटोग्राफ प्राप्त हुए है।
5. डॉली जायसवाल उफर् खुशी के कब्जे से लगभग नगद 35000/- राशि बरामद करते हुये विधिवत जप्त की गई है।
6. प्रारंभिक जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि डॉली जायसवाल उफर् खुशी द्वारा जबलपुर के अन्य सोनोग्राफी केन्द्रों में भी इस प्रकार की गतिविधियां संचालित किए जाने के संकेत प्राप्त हुए है। जिसके मोबाईल से सरल सोनोग्राफी सेंटर का भी उल्लेख प्राप्त हुआ है जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
7. निरीक्षण के दौरान रिसेप्शनिस्ट, कंप्यूटर ऑपरेटर चिकित्सक एवं अन्य कमर्चारियों सहित कुल पांच व्यक्तियों के कथन नियमानुसार दजर् किए गए । सोनोग्राफी सेंटर की कमर्चारी सूरज पाल, योगेश्वर दुबे एवं अन्य द्वारा अपने कथन में सोनोग्राफी से संबंधित किसी भी प्रकार का पैरामेडिकल या मेडिकल कोसर् न करना बताया गया। उक्त सोनोग्राफी सेंटर के संचालक द्वारा छलपूवर्क धोखाधड़ी कर अयोग्य व्यक्ति द्वारा सोनोग्राफी सेंटर का संचालन कर धन अजिर्त करना पाया गया है।
08 क्नीनिक में उपलब्ध पीसीपीएनडीटी रजिस्ट्रर थ्वतउ श्थ्श् रजिस्टर अन्य अभिलेख, डिजिटल सामग्री एवं अन्य साक्ष्यों को विधिवत जप्त कर पंचनामा तैयार किया गया है।
09 क्लीनिक परिसर को नायब तहसीलदार की उपस्थिति में विधिवत सीलबंद किया गया तथा क्लीनिक के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्पष्ट रूप से यह सूचना अंकित की गई कि सक्षम प्राधिकारी की पूवर् अनुमति एवं सूचना के बिना सीलबंद परिसर को किसी भी परिस्थिति में नहीं खोला जाएगा।
10. दौरान जांच डोली जायसवाल नेे पूछताछ के दौरान मौखिक रूप से बताया कि आर के सोनोग्राफी सेंटर में आने वाले महिला मरीज के भू्रण का लिंग परीक्षण उपरांत उक्त महिलाओं को गभर्पात हेतु सरल सोनोग्राफी सेंटर अधारताल जबलपुर रेफर किया जाता है।दिनांक 27.07.2026 को राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा उक्त सोनोग्राफी सेंटर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान क्लीनिक बंद पाया गया। इसके उपरांत जांच दल द्वारा नियमानुसार क्लीनिक को सील कर दिया गया। इस दौरान डॉ. सतीश अग्रवाल से उनके मोबाइल नंबर पर संपकर् स्थापित करने का प्रयास किया गया, किंतु उनसे संपकर् नहीं हो सका। तत्पश्चात दिनांक 28.07.2026 को जांच दल द्वारा पुनः उक्त क्लीनिक का निरीक्षण किया गया। इस दिन भी क्लीनिक बंद पाया गया। डॉ. सतीश अग्रवाल से संपकर् न होने के कारण उनके पुत्र कौस्तुभ अग्रवाल को क्लीनिक पर बुलाया गया। जिनके समक्ष जांच दल द्वारा सील खोलकर क्लीनिक के अभिलेखों का निरीक्षण किया गया तथा उपलब्ध रजिस्टर, फॉमर्-एफ एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों को विधिवत जप्त किया गया।
11 उपरोक्त समस्त तथ्य जप्त दस्तावेज डिजिटल साक्ष्य एवं दजर् कथन प्रथम दृष्टया पीसीपीएनडीटी अधिनियम 1994 के गंभीर उल्लघंन को प्रमाणित करते है।
मामला दर्ज
वहीँ प्राप्त प्रतिवेदन के अवलोकन पर आर के डिजिटल एक्स-रे एवं सोनोग्राफी सेंटर, मालवीय चैक जबलपुर के संचालक डॉ. राजेन्द्र अग्रवाल एवं एजेंट डॉली जायसवाल उफर् खुशी तथा सरल सोनोग्राफी सेंटर अधारताल संचालक डॉ. सतीश अग्रवाल के द्वारा सोनोग्राफी प्रयोगशाला का संचालन कर अवैध रूप से भू्रण परीक्षण कर धन अजिर्त करना, गैर चिकित्सा व्यक्तियों के द्वारा संस्था का संचालन करना एवं मशीनों का अनियमित संचालन कर शासन द्वारा भी विहित जिला चिकित्सीय रजिस्टर से बिना रजिस्ट्रेशन के अनियमित रूप से डिजिटल एक्सरे एवं सोनोग्राफी सेंटर का संचालन करना तथा शासन द्वारा निधार्रित फ़ीस का भुगतान न कर शासन को नुक़सान कारित करना पाया जाने पर आर के डिजिटल एक्स-रे एवं सोनोग्राफी सेंटर, मालवीय चैक जबलपुर के संचालक डॉ. राजेन्द्र अग्रवाल एवं एजेंट डॉली जायसवाल उफर् खुशी तथा सरल सोनोग्राफी सेंटर अधारताल के संचालक डॉ. सतीश अग्रवाल के विरुद्ध पुलिस ने धारा 272, 318 (4), 3(5), 61 (बीएनएस), धारा 23 (1) पीसीपीएनडीटी अधिनियम 1994, धारा 24 म.प्र. आयुविर्ज्ञान परिषद् अधिनियम 1987 का अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना सुरु कर दी है।
ये हुए गिरफ्तार
वहीं प्रकरण के आरोपी आर के डिजिटल एक्स-रे एवं सोनोग्राफी सेंटर, मालवीय चैक जबलपुर के संचालक डॉ. राजेन्द्र कुमार अग्रवाल उम्र 73 वषर् निवासी चेरीताल कोतवाली तथा सरल सोनोग्राफी सेंटर अधारताल संचालक डॉ. सतीश अग्रवाल उम्र 69 वषर् निवासी साउथ सिविल लाईन को प्रकरण मे विधिवत गिरफ्तार किया गया।
इंडिया पोल खोल को आर्थिक सहायता
प्रदान करने हेतु इस QR कोड को किसी भी UPI ऐप्प से स्कैन करें। अथवा "Donate Now" पर टच/क्लिक करें।