विधायक संतोष बरकड़े ने 17 जल संरचनाओं का किया भूमिपूजन

जबलपुर,जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संचय जन भागीदारी कार्यक्रम के तहत आज कुंडेश्वरधाम में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित क्षेत्रीय विधायक श्री संतोष बरकड़े ने क्षेत्र के 17 ग्रामों के लिए 3 करोड़ 6 लाख रुपये की लागत से बनने वाली विभिन्न जल संरचनाओं के निर्माण और उनके पुनर्जीवन कार्यों का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमिपूजन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक गहलोत, तहसीलदार एवं जनपद सीईओ सहित वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।
भावी पीढ़ी के लिए पानी बचाना हर नागरिक का संकल्प: विधायक श्री बरकड़े
भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक श्री संतोष बरकड़े ने जल संवर्धन की महत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पानी की एक-एक बूंद को सहेजना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। आज जिन 17 कार्यों का भूमिपूजन किया गया है, उनमें मुख्य रूप से स्टॉप डैम का निर्माण शामिल है, जो आने वाले समय में जलस्तर को सुधारने में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय और ग्रामीणों से भावुक अपील करते हुए कहा कि हमें अपनी भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखकर आज से ही वर्षा जल संचय के हर संभव तरीके अपनाने होंगे और इस पुनीत कार्य के लिए सबको खुद आगे आना होगा।
छोटे प्रयासों से ही सिद्ध होंगे बड़े संकल्प: कलेक्टर
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने पर्यावरण और जल संरक्षण को लेकर बेहद व्यावहारिक और प्रभावी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी मध्य प्रदेश की जीवन रेखा है और इसकी अविरल धारा को बनाए रखने के लिए यह अनिवार्य है कि नर्मदा की सहायक नदियां कभी न सूखें। इसके लिए सहायक नदियों की नियमित साफ-सफाई, गाद निकालना और स्टॉप डैम बनाने जैसे समुचित उपाय युद्ध स्तर पर किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से ही बड़े और युगांतकारी कार्य सिद्ध होते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को जल संरक्षण को लेकर अपने सामाजिक दायित्वों को समझना होगा। कलेक्टर ने जल संचयन के साथ-साथ व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया।
जनभागीदारी से हटेगी तालाब की गाद, वन विभाग ने भी बढ़ाया हाथ
इस अभियान में वन विभाग के अधिकारियों ने भी शिरकत की और वृक्षारोपण व जल संचयन की दिशा में अपने तकनीकी व व्यावहारिक विचार साझा किए। कार्यक्रम का सबसे अनूठा और सकारात्मक पहलू तब देखने को मिला जब कुंडम के पास स्थित ऐतिहासिक तालाब के पुनर्जीवन का संकल्प लिया गया। वहां उपस्थित सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जनभागीदारी के जरिए तालाब की गाद हटाने की मुहिम की शुरुआत की। इस सामूहिक श्रमदान और संकल्प ने यह साफ कर दिया कि शासन और प्रशासन के साथ जब जनता कदम से कदम मिलाकर चलती है, तो जल समृद्धि का सपना सच होने में देर नहीं लगती।
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