श्रीकृष्ण जन्माष्टमी विशेष:भगवान श्रीकृष्ण ने घनघोर वर्षा के बीच बजाई थी तीन दिनों तक बांसुरी

सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद : भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव का पावन पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शुक्रवार को समूचे जिले मे हर्षोल्लास पूर्वक मनाई जाएगी।जिसको लेकर श्रीकृष्ण मंदिरों मैं तैयारियां जारी है।रोहिणी नक्षत्र मैं शुक्रवार की मध्यरात्रि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।भगवान श्रीकृष्ण की कविंदतियो को लेकर जिले के लघु वृन्दावन धाम बांधा इमलाज आज भी सँजोयकर रखा हुआ है।लघु वृन्दावन धाम की जो किवंदती है वह यह है कि उक्त स्थान पर भादो मास के कृष्ण पक्ष पर ही भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा घनघोर वर्षा के बीच बांसुरी बजाई थी जो तीन दिनों तक बजी थी।
क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पूर्व विधायक लाखन सिंह सोलंकी द्वारा रचित काव्य मैं भी इसका उल्लेख किया गया है कि लगभग 112 वर्ष पूर्व तीन दिनों तक भगवान की बांसुरी प्रत्यक्ष रूप से बजी थी।जब वे 16-17 वर्ष की आयु के थे जब यह चमत्कारिक घटना घटी थी और हजारों की संख्या में लोगों ने भगवान की चमत्कारिक लीला का आनंद प्राप्त किया था।उक्त मंदिर के सर्वराहकार पाठक परिवार के द्वारा यह भी एक घटना बताई जाती है ।कि उक्त मंदिर की निर्माण सामग्री से संबंधित पत्थर इत्यादि की ढूलाई के लिए दो भैंसे भूरा एव चंदू रहे हैं। जिन्होंने मंदिर की पूरी सामग्री की ढूलाई बैलगाड़ी के माध्यम से करी थी और उन भैंसो की मृत्यु मंदिर में ही भगवान के गर्भ ग्रह के सामने की सीढ़ियों में हुई थी यह भी एक विशिष्ट अद्वितीय घटना थी।
श्री कृष्ण की जीवंत लीला का प्रमाण धाम है बांधा मंदिर
भगवान श्री राधाकृष्ण जी का परम अलौकिक चमत्कारिक श्री राधाकृष्ण मंदिर लघु वृंदावन धाम बांधा भगवान श्री कृष्ण की जीवंत चमत्कारिक लीला का प्रामाणिक मंदिर है। सन 1929 में भाद्र मास में भगवान की तीन दिनों तक लगातार बांसुरी बजने की प्रत्यक्ष चमत्कारिक लीला घटी थी!
वर्ष 1915 में बांधा ग्राम के मालगुजार गोरेलाल पाठक के द्वारा उक्त मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी गई!
मंदिर निर्माण हेतु नींव निर्माण के कार्य होते समय ही अचानक गोरेलाल पाठक का देवलोक गमन हो गया इसके पश्चात मंदिर निर्माण का संकल्प उनकी पत्नी पूना देवी ने अपने पारिवारिक सदस्यों को साथ लेकर पूर्ण किया । 11 वर्ष की अवधि में सन 1926 में मंदिर निर्माण पूर्ण हुआ तथा सन 1927 में भगवान श्री राधाकृष्ण जी,बलदाऊ जी की प्राणप्रतिष्ठा हुई । मंदिर निर्माण में उस समय कुल लागत 15 हजार रूपए नगद तथा गोरेलाल पाठक की 11 ग्रामों की मालगुजारी क्षेत्र की भूमि से उपजा हुआ अन्न व्यय हुआ था ।मंदिर निर्माण हेतु समस्त पत्थर समीपस्थ ग्राम सैदा,जमुनिया से आए थे!
मंदिर निर्माण के प्रधान कारीगर के रूप में बिलहरी ग्राम के भिम्मे बर्मन,नर्मदा प्रसाद बर्मन एवम सरजू बर्मन रहे हैं!
वर्तमान मे गोरेलाल पाठक की चौथी पीढ़ी वर्तमान में मंदिर में सेवारत है!भगवान की पूजन ,उपासना प्रतिदिन वैदिक रीति विधि से संपन्न होती है। प्रत्येक माह की पूर्णिमा को भगवान की भव्य महाआरती तथा प्रत्येक सनातन धर्मी उत्सव यहां धूमधाम से आयोजित होते हैं ।
लघु वृन्दावन धाम मैं उमड़ेगा जनसैलाब
भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव शुक्रवार को मनाया जाएगा।
इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर्व के साक्षी बनने मध्य कालीन 12 बजे जिले से बड़ी संख्या मे भक्तों का सैलाब उमड़ेगा।श्री राधा कृष्ण सेवा समिति ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर शुक्रवार को प्रात 7 बजे से भगवान का पूजन अभिषेक,दोपहर 12 बजे से रात्रि पर्यन्त तक भजन हरिओम आर्केस्ट्रा ग्रुप बिलहरी द्वारा भजन संकीर्तन इसके अलावा सायं 7 बजे से रात्रि पर्यन्त तक जय माँ आसमानी भजन मंडल देवरी हटाई के तत्वावधान मे जिले के श्रेष्ठ भजन गायको द्वारा रात्रि पर्यंत तक भगवान के रसपूर्ण भजन प्रवाहित होंगे!मध्य रात्रि ठीक 12 बजे आचार्यो की उपस्थिति मे भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जायेगा ओर भव्य पुष्प महाआरती होगी!मध्यरात्रि 12 बजे भगवान की जन्मझांकी दर्शन हेतु प्रकट होगी।मंदिर समिति ने सभी धर्मप्रियजनों से भगवान के जन्म के अवसर पर पधारकर पुण्य लाभ अर्जित करने की कामना की है।
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