वेतन न मिलने से नाराज टनल कर्मचारियों ने दफ्तर घेरकर की तालाबंदी

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सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद : सात महीनों से वेतन दिलाए जाने की मांग को लेकर बार बार कलेक्ट्रेट और एनवीडीए दफ्तर के चक्कर काट रहे टनल कंपनी रॉबिंस के कर्मचारियों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा।दोपहर करीब 12 बजे आधा सैकड़ा टनल कर्मचारियों ने खिरहनी साइट पर स्थित रॉबिंस कंपनी के दफ्तर की घेराबंदी करते हुए न केवल ताला जड़ दिया बल्कि दफ्तर की बिजली और पानी की सप्लाई काट दी इस दौरान दिल्ली से आए रॉबिंस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर उमेश श्रीवास्तव,भारत में टीबीएम के साइट इंचार्ज अर्नब घोष और सीनियर एच आर दिल्ली आफिस अमित झा दफ्तर के भीतर ही मौजूद रहे।कर्मचारियों का कहना था की सात महीने का वेतन भुगतान कर कंपनी हिसाब फाइनल कर दे ।पिछले सात महीनों से कोई सुनवाई नहीं हो रही है।कंपनी के अधिकारी बिना वेतन दिए काम से हटाने की बात कर रहे हैं।कर्मचारी ने बताया कि महीनों के बाद दिल्ली से अधिकारी आए हैं लेकिन वेतन देने से साफ मना कर रहे हैं ।यहा कर्मचारियों के परिवार गंभीर आर्थिक संकट में हैं।अधिकारी निकालने की बात करते हैं लेकिन बिना वेतन दिए।यह बर्दास्त नही किया जाएगा।पूरा वेतन और पीएफ का हिसाब चाहिए।

अधिकारियों की हठ धर्मिता से बिगड़ी स्थिति

कलेक्ट्रेट पंहुचकर कर्मचारियों के द्वारा बार बार वेतन दिलाए जाने की मांग के बाद विधायक प्रणय पांडे और कलेक्टर अवि प्रसाद ने मैनेजिंग डायरेक्टर उमेश श्रीवास्तव को शीघ्र मसला हल करने की हिदायत दी थी।जिसके बाद आज मैनेजिंग डायरेक्टर अपने दो अन्य अधिकारियों के साथ खिरहनी पहुंचे थे।कर्मचारियों से चर्चा शुरू की लेकिन दो महीने का वेतन लेकर बाकी का हिसाब किए बिना काम से हटाने की बात पर अड़े रहे।जबकि कर्मचारी पूरा वेतन मिलने पर काम से हटने की बात करते रहे जिसके कारण कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने तालाबंदी करदी।

नायब तहसीलदार ओर थाना प्रभारी स्लीमनाबाद ने कराई सुलह

कर्मचारियों की हड़ताल और प्रदर्शन की सूचना पर स्लीमनाबाद नायब तहसीलदार राजकुमार नामदेव ओर थाना प्रभारी अखिलेश दहिया मौके पर पहुंचे और दोनो पक्षों से चर्चा कर समझौता कराया।जिसके मुताबिक कर्मचारियों को सोमवार तक दो महीने की सेलरी दी जाएगी। जून माह के आखिर तक पूरी सेलरी देकर हिसाब क्लियर कर दिया जाएगा।


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