ज्यादा यूरिया का उपयोग मिट्टी के प्राकृतिक पोषक तत्वों के लिए हो सकता है खतरनाक

जबलपुर,मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा के उद्देश्य से किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अधिकारियों ने विकासखंड शहपुरा के ग्राम सालीवाड़ा , बेलखेड़ा, बेलखेड़ी, झुराई पिपरिया एवं इमलिया तथा विकास खंड पाटन के ग्राम धमनी , कटरा बेलखेड़ा एवं जमुनिया का भ्रमण किया।भ्रमण के दौरान उप संचालक कृषि उमेश कटहरे एवं परियोजना संचालक ‘आत्मा’ डॉ. इंदिरा त्रिपाठी ने अनुशंसित मात्रा से अधिक उर्वरक (खाद) का उठाव करने वाले किसानों से सीधा संवाद किया।
किसानों को दी सलाह
किसानों ने अधिकारियों से चर्चा में बताया कि उनके द्वारा ली गई अतिरिक्त खाद का उपयोग फसल की स्थिति कमजोर हो जाने पर , फसल खराब हो जाने पर किया गया।उप संचालक कृषि उमेश कटहरे ने किसानों को समझाया कि अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग फसलों के लिए तात्कालिक लाभ तो दे सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह मिट्टी की सेहत और मानव स्वास्थ्य दोनों पर बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव डालता है।परियोजना संचालक आत्मा डॉ इंदिरा त्रिपाठी ने किसानों को उर्वरकों का संतुलित मात्रा में ही प्रयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अधिक यूरिया डालने से मिट्टी के प्राकृतिक पोषक तत्व नष्ट होते हैं और फसलों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है। परियोजना संचालक ने उर्वरकों का अधिक उठाव करने वाले किसानों को अपनी जमीन के कुछ रकबे (भाग) पर प्राकृतिक खेती करने की सलाह भी दी, ताकि मानव स्वस्थ और मिट्टी की उपजाऊ क्षमता सुरक्षित रहे।भ्रमण के दौरान वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी शहपुरा एस के परतेती एवं क्षेत्र में सभी कृषि अधिकारियों को उर्वरक के कम उपयोग के लिए किसानों को समझाइस देने निर्देशित किया गया।
इंडिया पोल खोल को आर्थिक सहायता
प्रदान करने हेतु इस QR कोड को किसी भी UPI ऐप्प से स्कैन करें। अथवा "Donate Now" पर टच/क्लिक करें।
Click Here >>
Donate Now
इंडिया पोल खोल के YouTube Channel को Subscribe करने के लिए इस YouTube आइकन पर टच/Click करें।
इंडिया पोल खोल के WhatsApp Channel को फॉलो करने के लिए इस WhatsApp आइकन पर टच/Click करें।















