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सिहोरा के दंगाईयो को नहीँ मिली जमानत,भेजे गए जेल

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जबलपुर:सिहोरा का माहौल खराब करने वाले आरोपियों का न्यायालय ने जमानत आवेदन निरस्त करते हुए जेल भेज दिया।गौरतलब है की सिहोरा में हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने दो पक्षों के 60 लोगों को गिरफ्तार किया था। एक पक्ष के 49 लोगों को बुधवार को सिहोरा कोर्ट में पेश किया गया, जहां सभी का जमानत आवेदन निरस्त करते हुए जेल भेज दिया। दूसरे पक्ष की याचिका पर सुनवाई गुरुवार को होगी।सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी अजय दुबे ने बताया कि 19 फरवरी की रात्रि करीब 10 बजे जय ज्योति समिति आजाद चौक सिहोरा में माताजी की आरती हो रही थी।

अपशब्द कहते हुए की मारपीट

आरती में फरियादी अंकेश गुप्ता के साथ आदर्श गुप्ता, रामजी गुप्ता, स्वयं गुप्ता, ऋतु वर्मन, बनवारी गुप्ता, अंकित गुप्ता, सक्षम गुप्ता, राहुल गुप्ता और अन्य लोग शामिल थे। तभी मदीना मस्जिद आजाद चौक सिहोरा के भीड़ आ गई। भीड में से साकिर मकरानी, ताहिर मकरानी, आबिद राईन, आशिक बावा, समीर खान, आसमानी भाईजान, फरदीन, शादाब, नौशाद, अब्दुल, इमरान शाह, जावेद राईन, ओवेद राईन, नाशीर अंसारी, अनवर राईन, राजा मकरानी, समीर मकरानी, छोटू अंसारी, अशरफ मकरानी, हप्पू मछली वाला, तनवीर राईन आए। उन्होंने सभी लोगों को गालियां देते हुए हाथ मुक्‍कों से मारपीट की। उन्हें आरती कर रहे अन्य लोगों ने समझाया।कुछ देर तक विवाद शांत रहा, फिर इसके बाद वहीं पर मोहम्मद तौसीर, सोहेल शाह, अकरम शाह, मोहम्मद शिंदबाज एवं अन्य लोग ईंट-पत्थर लेकर आए। वे पहले से मौजूद भीड़ में शामिल हो गए। इसके बाद पुनः सभी लोग एक राय होकर मंदिर की तरफ सभी लोगों के पर ईंट-पत्थर मारने लगे। उन्होंने मंदिर के सामने लगी स्टील की रेलिंग तोड़ दी। देवी-देवताओं का अपमान करने लगे। जिससे सभी लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

मामले में 49 आरोपियों को किया गिरफ्तार

तोड़-फोड़ से मंदिर में काफी नुकसान हुआ है। कुछ देर बाद पुलिस बल आ जाने से सभी आरोपी मौके से भागने लगे। कुछ मस्जिद के अंदर छिप गए। घटना के बाद आसपास लगे कैमरे और वायरल हुए वीडियो के आधार पर 49 आरोपियों के खिलाफ धारा 190, 191(2), 191(3), 296 बी, 115(2), 298, 324(2), 299, 125, 351(3) बीएनएस का अपराध कायम कर उन्हें गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्‍हें 20 फरवरी को न्‍यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था।

धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाई, कई लोग घायल

इसके बाद आरोपियों ने कोर्ट में जमानत आवेदन पेश किया था। जिसका सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (ADPO) अजय दुबे ने विरोध किया। अजय दुबे ने कहा कि आरोपियों ने एक वर्ग विशेष की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई हैं। पथराव किया है, जिसमें हिंदू सामु‍दाय के लोग घायल हुए हैं।कोर्ट को यह भी बताया है कि यह आकस्मिक विवाद नहीं, बल्कि यह एक पूर्व नियोजित था। जमानत मिलने पर अभियुक्त द्वारा अभियोजन पक्ष के गवाहों को डराने-धमकाने और साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की संभावना है। जमानत का लाभ दिए जाने पर साम्प्रदायिक तनाव बढ़ने एवं शांति भंग होने का खतरा पैदा होगा। एडीपीओ अजय दुबे के तर्कों से सहमत होते हुए सिहोरा कोर्ट ने सभी आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज करते हुए जेल भेज दिया है।

 

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