राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे से नहीं हटी अब तक शराब दुकाने, कलेक्टर के आदेश से आबकारी विभाग के अधिकारी कर रहे खिलवाड़

इस ख़बर को शेयर करें

सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद : राष्ट्रीय राजमार्ग 30 मे स्लीमनाबाद के किनारे अभी शराब दुकाने खुलेआम संचालित हो रही जबकि कलेक्टर अविप्रसाद द्वारा 15 दिवस पहले जिले के तीन शराब ठेकेदारों को राष्ट्रीय राजमार्ग से शराब दुकाने हटाने के निर्देश दिए गए थे एवं दो-दो लाख रूपये की शास्ती भी अधिरोपित की गई थी!साथ ही जिला प्रशासन ने लायसेंसी शराब ठेकेदारों के खिलाफ इतिहास की पहली कार्यवाही होना बताया गया था!लेकिन यह कारवाई सिर्फ कागजो तक ही सीमित रह गई!क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्लीमनाबाद व छपरा मे अभी भी शराब दुकाने संचालित है!जबकि आबकारी विभाग के अधिकारी व लायसेंसी ठेकेदार कलेक्टर के आदेश की खुलेआम नाफरमानी कर रहे है!

कलेक्टर ने इन्हे लगाई थी शास्ति

कलेक्टर अविप्रसाद द्वारा जिले की जिन तीन लाइसेंसी कंपोजिट मदिरा दुकानो पर शास्ति अधिरोपित की थी ,उनमें मेसर्स भगवती इंटरप्राईजेज लिमिटेड पार्टनर श्रीमती अनुसुइया असाटी की दो लाइसेंसी कंपोजिट मंदिरा दुकान स्लीमनाबाद ए वर्ष 2024-25 तथा लाइसेंसी कंपोजिट मदिरा दुकान छपरा वर्ष 2024 -25 के अलावा सिद्धार्थ जायसवाल लाइसेंसी कंपोजिट मदिरा दुकान पिपरौंघ वर्ष 2024- 25 पर लगाया गया जुर्माना शामिल था।
साथ ही सुप्रीम कोर्ट के परिपालन मे ये दुकाने राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे निर्धारित दूरी से पहले संचालित हो रही थी!जिन्हे सात दिवस मै उक्त स्थल से हटाने को भी कलेक्टर ने आदेशित किया था!लेकिन अब तक 15 दिवस का समय बीत गया है उक्त स्थलों से शराब दुकाने नही हटी है!

निरीक्षण के दौरान मिली थी खामियां-

वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक स्लीमनाबाद द्वारा विगत 9 अप्रैल को कंपोजिट मदिरा दुकान स्लीमनाबाद ए के निरीक्षण के दौरान उक्त मदिरा दुकान पूर्व संचालित स्थल से स्थानांतरित कर राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग 130 मीटर की दूरी पर तथा कंपोजिट मदिरा दुकान छपरा राष्ट्रीय राजमार्ग से 60 मीटर की दूरी पर स्थानांतरित पाई गई थी। जबकि प्रभारी आबकारी निरीक्षक कटनी क्रमांक 1 द्वारा विगत 5 अप्रैल का लाइसेंसी कम्पोजिट मदिरा दुकान पिपरौंध के निरीक्षण के दौरान उक्त मदिरा दुकान पूर्व संचालित स्थल से नवीन स्थल देवरी कला सीमा क्षेत्र मे राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग 51 मीटर पर स्थानांतरित किया जाना पाया गया था। जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना एवं मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के सामान्य अनुज्ञप्ति की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन रहा है। जिस पर कलेक्टर अवि प्रसाद ने तीनों कंपोजिट मदिरा दुकानो के संचालकों को अपनी मदिरा दुकानों को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राज्य राजमार्ग से 200 मीटर की दूरी तथा आपत्ति रहित स्थल पर 7 दिवस के भीतर वापस स्थानांतरित करने हेतु आदेशित किया गया था साथ ही आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए थे!
लेकिन कलेक्टर आदेश के तो 15 दिवस बीतने के बाद भी शराब दुकाने नही हटाई गई है!

इनका कहना है- आर के बघेल,जिला आबकारी अधिकारी कटनी

कलेक्टर के निर्देशानुसार शराब ठेकेदारों को नोटिस दिए जा चुके है!जिन्हे सात दिवस का समय दिया गया था!
नोटिस का कोई जवाब नही मिलता है तो फिर
आगामी कार्यवाही नियमानुसार की जाएगी!


इस ख़बर को शेयर करें