कलेक्टर ने शिकायतकर्ता से की सीधे बात, लापरवाही करने वाले संबंधित कर्मचारी को नोटिस जारी करने के निर्देश

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जबलपुर,कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने  शाम स्वामित्व योजना के अंतर्गत रजिस्ट्री के कार्यों एवं सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने दिनभर में हुए कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा लंबित शिकायतों के निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिक जवाब देकर नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान करके किया जाए।बैठक में अपर कलेक्टर नीता राठौर, रविशंकर राय, शैलेंद्र सिंह, अखिलेश सिंह तथा सभी अनुविभागीय अधिकारी उपस्थित थे।बैठक के दौरान कलेक्टर ने कई शिकायतकर्ता से फोन पर सीधे बात कर उनकी समस्या जानी। शिकायतकर्ता मुन्नालाल ने बताया कि उन्होंने आर्थिक सहायता के लिए सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन 60 दिन बीत जाने के बाद भी उनकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ है।कलेक्टर श्री विश्वकर्मा द्वारा संबंधित अधिकारियों से प्रकरण की जानकारी लेने में सामने आया कि संबंधित आदेश पत्रक पर हस्ताक्षर नहीं होने के कारण कार्रवाई लंबित थी। इस पर कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदार से जवाब तलब करते हुए कहा कि यदि आदेश पत्रक पर हस्ताक्षर नहीं थे तो तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाना चाहिए था अथवा अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अधिकारी की मॉनिटरिंग में कमी के कारण मुन्नालाल को लंबे समय तक परेशान होना पड़ा। उन्होंने इस मामले में लापरवाही करने वाले संबंधित कर्मचारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने आर्थिक सहायता से जुड़े प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को ऐसे मामलों में या तो नियमानुसार राशि स्वीकृत करनी चाहिए अथवा स्पष्ट कारणों के साथ प्रकरण अस्वीकृत करना चाहिए।उन्होंने राजस्व विभाग में सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि अधिकारी केवल कर्मचारियों और बाबुओं के भरोसे शिकायतों के निराकरण की जिम्मेदारी नहीं छोड़ें, बल्कि स्वयं शिकायतों की समीक्षा करें। सभी राजस्व अधिकारी प्रतिदिन कम से कम दो घंटे सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण के लिए दें।कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने अनुभाग में तहसीलदार, नायब तहसीलदार और मैदानी अमले की जिम्मेदारी तय करें। शिकायतों के निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग करें।

स्वामित्व योजना के कार्यों की गुणवत्ता पर भी जोर

कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने स्वामित्व योजना की समीक्षा के दौरान रजिस्ट्री के कार्यों में गति के साथ गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आबादी क्षेत्र की चौहद्दी के निर्धारण में ड्रोन सर्वे पूरी तरह नहीं हो पाने अथवा किसी प्रकार की कमी रह जाने के मामलों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना में सभी अधिकारी सक्रियता से कार्य कर रहे हैं, लेकिन कार्य की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है।

 

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