जेल में बंधी राखी तो नम हुई कैदियों की आंखें,बहनों से बोले- अब न नशा करेंगे, न अपराध

राजेश मदान बैतूल।जिला जेल बैतूल में शनिवार को रक्षाबंधन का पर्व भावुक और प्रेरणादायी माहौल में मनाया गया। श्री योग वेदांत सेवा समिति एवं महिला उत्थान मंडल बैतूल द्वारा कैदी उत्थान कार्यक्रम के अंतर्गत सुबह 11 बजे जेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में साधिका बहनों ने कैदी भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा। राखी बंधवाते समय कई कैदियों की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बहनों को वचन दिया कि जेल से बाहर निकलने के बाद वे दोबारा नशे और अपराध की राह पर नहीं जाएंगे तथा सत्कर्म करते हुए समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सकारात्मक जीवन जीएंगे।

समिति के संरक्षक राजेश मदान ने बताया कि संत आशारामजी बापू की सत्प्रेरणा से श्री योग वेदांत सेवा समिति द्वारा पिछले 25 वर्षों से जिला जेल में निरंतर रक्षाबंधन का आयोजन किया जा रहा है। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी महिला उत्थान मंडल की साधिका बहनों ने कैदी भाइयों के माथे पर तिलक लगाया, कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधा और मुंह मीठा कराया। इसके साथ ही उनसे जीवन में दोबारा कभी नशा और अपराध नहीं करने का दृढ़ संकल्प करवाया गया।
कार्यक्रम के दौरान कैदियों ने बहनों के सामने अपने जीवन को सुधारने का संकल्प दोहराया। भावुक हुए कैदियों ने कहा कि वे जेल से बाहर निकलने के बाद सत्कर्म के मार्ग पर चलेंगे और सकारात्मक जीवन जीने का प्रयास करेंगे।

इस अवसर पर राजेश मदान ने कहा कि शास्त्रों में तीन प्रकार की जेलों का वर्णन मिलता है। पहली माता के गर्भ की जेल, दूसरी सरकार की जेल और तीसरी कर्म-बंधन की जेल। पहली दो जेलों से जीव छूट जाता है, लेकिन कर्मों की जेल से छूटना कठिन है और कर्मफल भुगतना ही पड़ता है। इसलिए मनुष्य को सदैव सत्कर्म करते रहना चाहिए।
जेल अधीक्षक योगेंद्र तिवारी ने समिति के सेवाकार्य की सराहना करते हुए कहा कि संस्कार-युक्त ऐसे आयोजनों से कैदियों के व्यवहार में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समय-समय पर होते रहने चाहिए।कार्यक्रम के अंत में जेल स्टाफ को भी रक्षासूत्र बांधे गए। वहीं जेल परिसर में आए बंदियों के परिजनों का तिलक कर उन्हें ऋषि प्रसाद पत्रिका का वितरण किया गया।कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति संरक्षक राजेश मदान के साथ महिला उत्थान मंडल अध्यक्ष श्रीमती रूपा विश्वकर्मा, यशस्विनी विश्वकर्मा, श्रीमती कांति वर्मा, अनिता ढोमने, श्रीमती संध्या सोनी, बंशीलाल सोनी तथा जेल अधीक्षक योगेंद्र तिवारी सहित समस्त जेल स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।
इंडिया पोल खोल को आर्थिक सहायता
प्रदान करने हेतु इस QR कोड को किसी भी UPI ऐप्प से स्कैन करें। अथवा "Donate Now" पर टच/क्लिक करें।
Click Here >>
Donate Now
इंडिया पोल खोल के YouTube Channel को Subscribe करने के लिए इस YouTube आइकन पर टच/Click करें।
इंडिया पोल खोल के WhatsApp Channel को फॉलो करने के लिए इस WhatsApp आइकन पर टच/Click करें।















