बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 6 लाख का गबन,प्रबन्धक के खिलाफ ई ओ डब्लयू में मामला दर्ज

जबलपुर। बैंक ऑफ महाराष्ट्र के तत्कालीन शाखा प्रबंधक प्रीतम कुमार बेहरा पर ₹6,02,558 की राशि हड़पने के आरोप लगे हैं,बताया जा रहा है की प्रबंधक ने 14 दिसंबर 24 से 7 फरवरी 25 के बीच में अवैध रूप से ₹6,02,558 की राशि अपनी पत्नी के नाम और खुद के पास ट्रांसफर कर व्यक्तिगत लाभ कमाने और बैंक को आर्थिक क्षति पहुँचाने का गंभीर आरोप लगा है। वही आरोपों की पड़ताल के तहत ईओ डब्लयू ने मामला दर्ज करके अपराध क्रमांक- 87/2026 (2) धारा- 316(5), 318(4), भारतीय न्याय संहिता 2023 तथा धारा 7(सी) 13(1) (ए) 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 \ संशोधित 2018 की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है।ज्ञात है कि आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र, शाखा बेनीखेड़ा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक प्रीतम बेहरा ने स्व-सहायता समूहों (SHG), बीमा और ऋण खातों अवैध रूप से ₹6,02,558 की राशि ट्रांसफर कर व्यक्तिगत लाभ कमाने और बैंक को आर्थिक क्षति का गंभीर आरोप लगा है।आरोपी प्रीतम कुमार बेहरा के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(5), 318(4) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7(C), 13(1)(A), 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर बिना नम्बरी एफआईआर मुख्यालय भोपाल भेजी गई है।
पद की शक्ति का किया दुरुपयोग
शाखा प्रबंधक बेहरा ने पद किं शक्ति का दुरुपयोग अपने निजी के लिए किया। उसने अपनी पत्नी और आउटसोर्स के अधीनस्थ कर्मचारियों (अक्षत जैन और उमेश चतुरकर) की आईडी का गलत उपयोग किया। आरोपी ने बैंक के अलग-अलग 09 स्व-सहायता समूहों के खातों से कुल ₹4,21,108 की राशि अपनी पत्नी मोनालीसा बेहरा के खाते में ट्रांसफर कर दी। इसके अलावा, आरोपी ने बैंक के ही एक आउटसोर्स कर्मचारी मनोज कुमार चक्रवर्ती के नाम पर धोखाधड़ी से खाता खुलवाया और उसके एटीएम व मोबाइल का उपयोग कर ₹1,43,480 की राशि खुद आहरित कर ली।
*बसूली राशि भी खुद की जेब में*
ईओ डब्लयू ने अपनी जांच में पाया कि लोक अदालत के दौरान 4 एनपीए (NPA) उधारकर्ताओं से रिकवरी एजेंट के माध्यम से प्राप्त ₹38,000 की नकद राशि भी आरोपी शाखा प्रबंधक ने बैंक में जमा न कर खुद के जेब में डाल कर बैंक को चुना लगाया।
*ऐसे पकड़ा गया मैनेजर
शाखा प्रबंधक का इस पूरा फर्जीवाड़ा की शिकायत बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अंचल कार्यालय जबलपुर के शाखा प्रबंधक गोविंद सिंह ठाकुर ने दर्ज कराई थी। इसके बाद भोपाल मुख्यालय से निर्देश मिलने पर EOW की निरीक्षक भूमेश्वरी चौहान द्वारा मामले की अग्रिम जांच की गई। जांच के दौरान जब गवाहों, कर्मचारियों और दस्तावेजों को खंगाला गया, तो बिना कस्टमर के किए गए अनाधिकृत लेनदेन की पुष्टि हुई, तथा जिसके वाउचर भी ब्रांच में नहीं मिले।फिलहाल पुलिस ने आरोपी (जो मूल रूप से पूरी, ओडिशा का निवासी है और वर्तमान में इंदिरा गांधी वार्ड, गढ़ा जबलपुर में रह रहा है) के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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