जीरामजी योजना से गाँव, किसान ओर मजदूर तीनो होंगे सशक्त

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सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद :महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी ग्रामीण ( मनरेगा ) योजना अब नए स्वरूप में एक जुलाई 2026 से लागू होगी। यह योजना अब ‘ विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण ‘ ( वीबी-जी-रामजी ) के नाम से जानी जाएगी। इसके तहत बहोरीबंद जनपद की 79 ग्राम पंचायतों में कार्यों का एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना है।

योजना को चार श्रेणी मै किया गया है विभाजित 

बहोरीबंद जनपद पंचायत मै पदस्थ एपीओ मूलचंद पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि मनरेगा को प्रभावी बनाने नए स्वरूप में योजना को चार श्रेणी में बांटा गया है। जिसमें रोजगार गारंटी, टिकाऊ बुनियादी ढांचा, आय में विविधता, तथा सुरक्षा के साथ पारदर्शिता और डिजिटल प्रबंधन है। बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा, कृषि आधारित सहित अन्य छोटे-छोटे रोजगार भी विकसित होंगे। शासन की गाइडलाइन पर तैयारियां चल रही हैं।नए स्वरूप मै 100 दिन की जगह अब 125 दिन का काम।कृषि आधारित कार्यों के लिए विशेष राहत ।15 दिन तक काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता ।बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से मजदूरी का त्वरित भुगतान ।आधुनिक बुनियादी ढांचा यानी जल संरक्षण, टिकाऊ विकास कार्य आदि।

चार प्रमुख श्रेणियों मै होंगे कार्य 

जी -रामजी योजना मै जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, ग्रामीण आजीविका और आपदा प्रबंधन शामिल हैं।
जल सुरक्षा में नहर, चेक डैम, भूमिगत निर्माण, तालाब, कुओं और वर्षा जल संचयन संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसमें व्यक्तिगत व सामुदायिक सिंचाई कुओं का निर्माण और मृदा व नमी संरक्षण से संबंधित पौधरोपण कार्य भी सम्मिलित हैं।वही ग्रामीण अधोसंरचना मै ग्रामीण सड़कों का निर्माण व उन्नयन, पुलिया, आंगनवाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, ग्रामीण पुस्तकालय, स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। स्कूल अधोसंरचना जैसे अतिरिक्त कक्षाएं, रसोई शेड, शौचालय और खेल के मैदान भी बनाए जाएंगे। ठोस व तरल कचरा प्रबंधन के लिए सोख्ता गड्ढे, अपशिष्ट केंद्र और बायोगैस संयंत्र भी हैं।ग्रामीण आजीविका के तहत कौशल विकास केंद्र, ग्रामीण हाट, कृषि उत्पाद भंडारण भवन, कोल्ड स्टोरेज यूनिट और स्वयं सहायता समूहों के लिए कार्यशालाएं निर्मित की जाएंगी। पशु आश्रय और खाद संरचनाएं भी इसमें शामिल हैं।
इसके अलावा आपदा प्रबंधन मै  बाढ़ आश्रय स्थलों का निर्माण, तटबंधों का सुदृढ़ीकरण, आपदा-प्रतिरोधी संरचनाएं और ग्रामीण मार्गों व सामुदायिक संपत्तियों की आपदा-पश्चात बहाली के कार्य किए जाएंगे। इन सभी कार्यों का क्रियान्वयन समुदाय और व्यक्तिगत स्तर पर किया जाएगा।

इनका कहना है – अभिषेक कुमार मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बहोरीबंद

पंचायतों में वीबी-जी-रामजी योजना एक जुलाई से लागू होगी। गाइड लाइन के तहत पंचायत स्तर पर विकास कार्यों का एक्शन प्लान तैयार किए जा रहे हैं।
योजना के तहत अब श्रमिकों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा!

 

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