वर -वधु के होंगे हाथ पीले लेंगे सात फेरे,खरमास की हुई समाप्ति और शुक्र का हुआ उदय

सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद :शादी-ब्याह के इच्छुक परिवारों के लिए खुशखबरी है। पिछले एक माह शादी विवाह पर खरमास की समाप्ति और शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण मांगलिक कार्यों पर लगा प्रतिबंध बुधवार से समाप्त हो गया है ।
4 फरवरी यानि बुधवार से एक बार फिर शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगी है और बाजारों में शादियों की रौनक लौट आई है।पंडित दिलीप पौराणिक ने बताया कि सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने पर लगने वाले खरमास और शुभ कार्यों के कारक शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण विवाह जैसे संस्कार वर्जित थे। चूंकि विवाह के लिए शुक्र और गुरु दोनों का उदय होना अनिवार्य माना जाता है, इसलिए अब तक शादियों के मुहूर्त नहीं बन पा रहे थे। 4 फरवरी से शादियों का यह सिलसिला लगातार चलेगा। फरवरी माह में विवाह के कई श्रेष्ठ मुहूर्त बन रहे हैं।
बाजारों मै बढ़ी हलचल
विवाह की तारीखें नजदीक आते ही बहोरीबंद विकासखंड क्षेत्र के स्लीमनाबाद, बहोरीबंद, बाकल, कुआँ व बचैया सहित आसपास के क्षेत्रों में भी व्यापारिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बैंड-बाजे, टेंट, कैटरिंग और ज्वेलरी मार्केट में बुकिंग का दौर जोरों पर है। मैरिज गार्डन भी आगामी सीजन के लिए पूरी तरह बुक हो चुके है!
विवाह के मुहूर्त कब-कब
पंडित रमाकांत पौराणिक ने बताया कि फ़रवरी माह के साथ के मार्च माह में 9,11,12,14 को। अप्रैल में 20,21,26 को। मई में 5,6,7,8,14 को जून में 19,20,22,23,26 को। जुलाई में 1,6,7,11 को। इस बार अधिक मास ज्येष्ठ माह में आने वाला है जो 17 मई से 15 जून तक रहेगा इस दौरान विवाह आदि कार्य नहीं किये जा सकेंगे साथ ही शुद्ध ज्येष्ठ मास का जब आरंभ होगा तो विवाह के योग पुनः बनेंगे किंतु जो घर का बड़ा बेटा या बड़ी बेटी हो तो बड़े बच्चों का विवाह ज्येष्ठ मास में नहीं करना चाहिए।
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