आध्यात्मिक धरोहर की रक्षा करें सरकार,श्री योग वेदांत सेवा समिति ने केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन




राजेश मदान बैतूल। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र, राष्ट्र की अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर संत श्री आशारामजी आश्रम अहमदाबाद को 2036 में होने वाले ओलम्पिक खेलों की प्रस्तावित परियोजना हेतु शासकीय अधिग्रहण से बचाने की मांग को लेकर गुरुवार को श्री योग वेदांत सेवा समिति बैतूल के सैकड़ों साधकों द्वारा महामहिम राष्ट्रपति के नाम केंद्रीय राज्यमंत्री डी डी उइके को ज्ञापन सौंपा गया।जिसे केंद्रीय मंत्री ने महामहिम राष्ट्रपति तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।श्री योग वेदांत सेवा समिति बैतूल के संरक्षक राजेश मदान ने बताया कि संत श्री आशारामजी आश्रम अहमदाबाद करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। जहाँ व्यासपीठ, शिवमंदिर, गौशाला, जल प्याऊ, समाधि स्थल और संतों एवं भगवान की दिव्य मूर्तियाँ स्थापित हैं। यहाँ प्रतिदिन विशाल भंडारा होता है।निःशुल्क आयुर्वेदिक परामर्श दिया जाता है।
महिलाओं, युवाओं व बच्चों हेतु सुसंस्कार शिविर, व्यसन मुक्ति अभियान, तुलसी और मातृ-पितृ पूजन जैसे आयोजन होते हैं।प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं द्वारा मनोकामना पूर्ति वाले वटवृक्ष की श्रद्धा से परिक्रमा होती है।ये सेवाएं किसी एक जाति, धर्म या वर्ग तक सीमित न होकर सर्व समाज के लिए समर्पित है।हिंदुस्तान में हिंदुत्ववादी सरकार के रहते हिंदुओं के आराध्य संत और उनके आश्रम व मंदिर सुरक्षित नहीं रहेंगे तो फिर किसके राज में रहेंगे ?संत श्री आशारामजी बापू एवं ऋषि जाबाल्य की तपस्थली को विकास के नाम पर नष्ट करना हिन्दू धर्म का घोर अपमान है।हम करोड़ों श्रद्धालुओं की ओर से आपके माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति जी से मांग करते हैं कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के अंतर्गत धार्मिक स्वतंत्रता एवं संस्थाओं के प्रबंधन का अधिकार सुनिश्चित किया गया है जिसकी शासन द्वारा रक्षा कर भारतीय सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षा प्रदान की जाएं।
आश्रम की भूमि पर प्रस्तावित अधिग्रहण को तत्काल स्थगित किया जाए।ओलंपिक जैसी राष्ट्रीय योजना को बिना किसी धर्म स्थल को क्षति पहुंचाएं इसे आगे बढ़ाया जाए। संवेदनशीलता से इसका समाधान निकालकर संत, समाज और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान किया जाए।
ज्ञापन सौंपते समय समिति के संरक्षक राजेश मदान के साथ राजीव झा, मोहन मदान, टीसी पाल, जगन्नाथ पंडाग्रे, रोहित मिश्रा, देवेंद्र कङू, शैलेन्द्र रघुवंशी, राहुल मिश्रा सहित अन्य कई साधक मौजूद थे।















































