करोड़ों श्रद्वालुओं की आस्था के केंद्र अहमदाबाद आश्रम को बचाने सामने आये हिन्दू संगठन,सरकार को सौपा ज्ञापन 

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Cloud of crisis at Ahmedabad Ashram, the center of crores of devotees:

क्या बच पायेगा करोड़ों श्रद्वालुओं की आस्था का केंद्र अहमदाबाद आश्रम ? आज ये सवाल एक नही दो नहीं बल्कि लाखों श्रद्धालुओं के मन मे है, की क्या भारत जैसे देश मे जिसे विश्वगुरु बनाने का संकल्प हमारे ऋषि मुनियों ने लिया है, हिन्दूस्तान में करोडों हिंदुओं की आस्था का केंद्र बना संत श्री आशारामजी आश्रम अहमदाबाद क्या ओलंपिक का मैदान बन जायेगा ? देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व मे आज चर्चा का विषय बना हुआ है।अहमदाबाद आश्रम को बचाने के लिए विभिन हिन्दू संगठन द्वारा राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कर आश्रम को बचाने की अपील की जा रही है।

 

क्या है मांग ?

अखिल भाविक वारकरी मंडल सहित अन्य हिन्दू संगठनों द्वारा खेल मंत्री डॉक्टर मनसुख मंडाविया सहित राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपते बताया की देश विदेश में बसे लाखों करोड़ों ्द्धालुओं और जागरूक भारतीयों की ओर सेआदर सहित निवेदन है कि हम सभी श्रद्धालू, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जागरूकनागरिकगण, अहमदाबाद स्थित पूज्य संत श्री आशारामजी बापू के आश्रम की भूमि सेसंबंधित हाल की परिस्थितियों को लेकर अत्यंत चिंतित हैं । हमें पता चला है कि मोटेराक्षेत्र में आश्अम की भूमि को ओलंपिक २०३६ की परियोजना के तहत अधिग्रहित करने केआदेश दिए गए हैं।जबकि यह आश्रम करोडों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।इसलिए सरकार कोई भी कदम उठाने के पूर्व करोडों श्रद्धालुओं के विषय मे जरूर विचार करे ,क्योंकि यहां कोई चार दीवारों से बना कोई मकान नहीं बल्कि करोडों लोगों की आस्था का केंद्र है।

 

लाखों करोड़ों श्रद्वालुओं की आस्था का केंद्र है आश्रम 

सरकार को ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि यह भूमि कोई साधारण भूखंड नहीं है, वल्कि यह लाखों करोड़ों श्रद्वालुओं की आस्था,सनातन संस्कृति और अध्यात्म की जीवंत धरोहर है। ये आश्रम न केवल पूज्य बापूजी की बल्कि शास्त्रों के अनुसार इतिहास में ऋषि जाबल्या जी की तपोभूमि भी रही है।

 


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