किसानों को मिलेगी ई-विकास पोर्टल पर खाद
जबलपुर,किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। प्रदेश में नवीन ई-विकास प्रणाली को आगामी 10 जनवरी 2026 से सभी जिलों में विस्तारित किया जायेगा। इस संबंध में विगत दिन महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास पंचायतीराज प्रशिक्षण संस्थान जबलपुर में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।इस नई प्रणाली के तहत प्रदेश की समस्त प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां, डबललॉक केंद्र, मार्केटिंग सोसाइटी और निजी विक्रेता शामिल होंगे। पोर्टल पर पंजीयन के बिना कोई भी रिटेलर उर्वरक विक्रय नहीं कर सकेगा और सभी जिलों में खाद की बिक्री केवल इसी प्रणाली के माध्यम से की जाएगी।खाद प्राप्त करने के लिए किसान को अपने आधार नंबर के माध्यम से ई-विकास पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के बाद किसान की भूमि की जानकारी एग्रीस्टैक के माध्यम से स्वतः प्रदर्शित होगी। किसान को पोर्टल पर भूमि के खसरा नंबर और बोई जाने वाली फसल का चयन करना होगा, जिसके आधार पर उर्वरक की मात्रा निर्धारित की जाएगी और किसान को एक ई-टोकन या मैसेज प्राप्त होगा।इस टोकन को लेकर किसान निर्धारित विक्रय केंद्र पर जाकर खाद खरीद सकेंगे। विक्रेता मोबाइल ऐप के माध्यम से किसान के ई-टोकन को स्कैन करेंगे, जिससे उन्हें दी जाने वाली खाद की सही मात्रा दिखाई देगी। इसके बाद पीओएस मशीन के जरिए खाद का विक्रय किया जाएगा।जिन किसानों की जानकारी एग्रीस्टैक पर उपलब्ध नहीं है, जैसे बटाईदार या पट्टाधारी, उनके लिए पोर्टल पर अलग से पंजीयन की सुविधा दी गई है,जिसका सत्यापन राजस्व अनुविभागीय अधिकारी द्वारा किया जाएगा। भविष्य में इस प्रणाली के अंतर्गत किसानों को उर्वरक की होम डिलीवरी सेवा भी प्रदान की जाएगी।
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