चैत्रनवरात्र विशेष :मृत बालक मातारानी की कृपा से हुआ था जीवित




स्लीमनाबाद – आदिशक्ति जगत जननी की आराधना का पावन पर्व चैत्र नवरात्र चल रहा है!चहुओर मातारानी की जयजयघोष हो रही है!भक्त मातारानी की भक्ति मैं लीन है!
स्लीमनाबाद तहसील मे चैत्र नवरात्र की धूम है!देवी दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़ रहे है!प्रतिदिन भक्त देवी मंदिरो मैं आयोजित कार्यक्रमों मैं भाग लें रहे है!रविवार को मातारानी के आठवे रूप माता महागोरी की पूजा अर्चना कर श्रंगार किया गया!वहीं तहसील स्लीमनाबाद अंतर्गत ग्राम खड़रा मैं शारदा मंदिर स्थापित है जो अपने अनूठे रहस्यो को संजोय रखा है!
मंदिर के पुजारी भजनलाल पंडा ने बताया कि यह स्थल 350 वर्षो पुराना है!चार पीढ़ी से हमारे वंशज ही मातारानी की पूजा करते चले आ रहे है!इस मंदिर को लेकर एक किवंदती प्रचलित है!जिसमें कहा जाता है कि जंगल मैं गाय ओर भेड़ बकरी चराने गए बालको ने खेल खेल मैं एक बालक को बकरा बनाते हुए पशु पक्षियो के पंखा ओर हड्डियों की तलवार बनाकर उसकी गर्दन मैं रख दिया!हड्डियों से बनी तलवार से ही उस बालक की गर्दन काटकर अलग हो गई!यह देखकर बच्चें घबरा कर घर भाग गए ओर अपने माता पिता को यह बात बताई!परिवार व ग्रामीणजन मंदिर के पंडा के पास पहुंचें!
पंडा ग्रामीणों के साथ उस जगह पहुंचें जहाँ बालक मृत पड़ा हुआ था!पंडा ने बालक के सिर को धड़ के पास लगाकर कपड़े से ढक दिया ओर मातारानी की साधना शक्ति मैं लोग जुट गए!मातारानी की ऐसी कृपा होई कि कुछ देर बाद मृत बालक जिन्दा हो उठा!तभी से यह मंदिर प्रसिद्ध हो गया!बड़े -बड़े दान दाताओ के द्वारा मंदिर का सर्वागींण विकास किया गया!
साथ ही मंदिर मैं स्थापित पत्थर भी अपने आप बड़े आकार मैं परिवर्तित हो रहे जो अनोखा रहस्य है!आखिर पत्थर कैसे अपने आप बड़े आकार मैं परिवर्तित हो जाते है यह भी एक रहस्य इस मंदिर से जुडा है!इसके साथ अन्य मान्यताये भी है!
मंदिर मैं आस्था के साथ जो भक्त अपनी मनोकामना करते है वो मनोकामना भी पूर्ण होती है!नवरात्र के चलते लोगों ने अपनी मन्नत के अनुरूप ज्वारे खप्पर स्थापित किये है, जिनकी मन्नते पूर्ण हुई हैवे ही दोनों पहर माता के दर्शन को आते है!सोमवार को नवमी तिथि पर विशाल ज्वारे जुलूस निकाला जायेगा!खड़रा स्थित शारदा मंदिर पहुंचने के लिए स्लीमनाबाद, बहोरीबंद व सिहोरा उलदना से पहुंच मार्ग है!















































