माघ स्नान से सभी पापों से मिलती है मुक्ति व मोक्ष की होती है प्राप्ति

सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद : पौष मास की पूर्णिमा से आरम्भ होकर माघ पूर्णिमा तक चलने वाला माघ स्नान अति पुण्य प्रदान करने वाला माना गया है।माघ माह का आगाज आज यानि रविवार 4 जनवरी से हो गया है जो 1 फ़रवरी 2026 तक रहेगा!माघ माह भगवान विष्णु की आराधना, पवित्र संगम स्नान, ओर उत्तम दान पुण्य के लिए सबसे प्रिय ओर विशेष महीना माना जाता है!इस माह मैं सूर्य के उत्तरायण होने से आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है!यह महीना तप का है, जिससे पापों का नाश ओर मोक्ष मिलता है!इस महीने में तीर्थ दर्शन करने की भी परंपरा है। इसी माह लोहड़ी, मकर संक्रांति पर्व मनाए जाएंगे।माघ माह मैं स्लीमनाबाद तहसील के मंदिरों मैं विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे।वही माघ मास स्नान करने प्रसिद्ध रुपनाथ धाम, जिलहरी धाम, तपत कुंड धाम सहित नदी व सरोवरों मे स्नान करने लोग पहुंचेंगे!स्लीमनाबाद स्थित सिंहवाहिनी मंदिर मे महिला मंडल की सदस्यों के द्वारा राम नाम संकीर्तन व रामचरित मानस पाठ का गायन किया जायेगा।

माघ मैं स्नान का विशेष महत्व
पंडित दिलीप पौराणिक ने बताया कि माघ स्नान करने वाले मनुष्यों पर भगवान विष्णु प्रसन्न रहते हैं और उन्हें सुख-सौभाग्य, धन-संतान और मोक्ष प्रदान करते है। यदि सकामभाव से माघ स्नान किया जाय तो उससे मनोवांछित फल की सिद्धि होती है। इस माह के महत्व पर तुलसीदास ने श्री रामचरित मानस के बालखण्ड में लिखा है-‘माघ मकर गति रवि जब होई ,तीरथपतिहिं आव सब कोई । माघ स्नान से शरीर के पाप जलकर भस्म हो जाते है ।इस मास में पूजन-अर्चन व स्नान करने से भगवान नारायण को प्राप्त किया जा सकता है।माघ मास का स्नान कुछ इलाकों में तो सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण में आते ही यानि मकर संक्रांति के दिन से शुरू होता है ,लेकिन अधिकतर स्थानों पर इसकी शुरुआत पौषपूर्णिमा के दिन से ही हो जाती है।
सूर्य को अर्घ्य ओर दान भी है खास
पंडित रमाकांत पौराणिक ने बताया कि पूजा, तपस्या, यज्ञ आदि से भी श्री हरि को उतनी प्रसन्नता नहीं होती, जितनी कि माघ महीने में प्रातः स्नान कर जगत को प्रकाश देने वाले भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से होती है। इसलिए सभी पापों से मुक्ति और भगवान वासुदेव की प्रीति प्राप्त करने के लिए प्रत्येक मनुष्य को माघ स्नान कर सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य को अर्घ्य अवश्य प्रदान करना चाहिए। इस मास में तिल, गुड़ के दान का विशेष महत्त्व माना गया है।
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