बाकल झरौली हत्याकांड का बाकल पुलिस ने किया खुलासा

सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद – बाकल पुलिस ने झरौली हत्याकांड के फरार मुख्य सरपंच पुत्र आरोपी को मुखबिर की सूचना पर स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम भेड़ा से गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया जहां से आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।साथ ही पुलिस ने ग्राम पंचायत पाकर पंच हत्याकांड के पूरे मामले का खुलासा कर दिया है।बाकल थाना प्रभारी उपनिरीक्षक दिनेश तिवारी ने बताया कि प्रहलाद राजपूत ग्राम झरौली थाना बहोरीबंद का निवासी था जो ग्राम पंचायत पाकर में ग्राम झरौली के वार्ड नंबर 9 से पंच था। जो दिनांक 2 अगस्त 2026 को अपने घर झरौली से सब्जी लेने के लिये पाकर बाजार आया था जिसके घर वापस न पहुंचने पर परिजनों के द्वारा थाना बहोरीबंद में गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज की थी। जिसके बाद दिनांक 15 अगस्त 2026 को थाना क्षेत्र के अन्तर्गत खिरका भटिया ग्राम मसंधा में एक अज्ञात मानव कंकाल पत्थरों से ढका हुआ मिलनें पर धारा 103(1), 238 (ए) पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना दौरान डी.एन.ए. परीक्षण रिपोर्ट से उक्त मानव कंकाल प्रहलाद राजपूत निवासी झरौली का होने की पुष्टि होने पर आरोपियों की पता तलाश की गई। साक्ष्यों के आधार एवं परिजनों के संदेह पर संदेही अनिल लोधी, रोशन लोधी एवं दीपक लोधी से पूछताछ की गई।जो अपने दो अन्य साथी गुड्डू उर्फ रूपचंद लोधी एवं खिल्लू उर्फ वीरेन्द्र लोधी के साथ प्रकरण की घटना का घटित करना पकड़े जाने के डर से प्रहलाद लोधी की लाश को मसंधा के जंगल में छिपा देना घटना घटित करने वाले 3 आरोपी अनिल लोधी, रोशन लोधी एवं दीपक लोधी पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।प्रकरण में आरोपी खिल्लू उर्फ वीरेन्द्र लोधी के द्वारा सिहोरा थाना क्षेत्र अन्तर्गत आम बगिया में फांसी लगाकर फौत हो गया है। गुड्डू उर्फ रूपचंद लोधी के फरार होने से दिनांक 29 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया। जो माननीय न्यायालय के द्वारा जेल भेजा गया है। पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त 2 मोटरसाइकिल जप्त की गई है।फिलहाल प्रकरण की विवेचना जारी है। अंधे हत्या कांड के खुलासे में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक दिनेश तिवारी एवं समस्त थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।बताया जाता है कि मृतक प्रहलाद सिंह 2 अगस्त को पाकर स्थित सप्ताहिक बाजार करने गया था।वह गांव के वार्ड नंबर 9 का पंच था और पंचायत में निर्माण कार्य को लेकर सरपंच पुत्र गुड्डू उर्फ रुपचंद लोधी और साथियों के बीच वाद विवाद हो गया था। जिसके बाद बाजार में पंच और उनके बीच बहुत ज्यादा वाद विवाद हुआ था। इसके पश्चात मृतक मौके से अपने घर झरौली चला गया था। जिसके बाद सरपंच पुत्र के साथियों ने फोन करके उसके प्लाट पर बुलाया था। जहां गाली गलौज के बाद फिर मारपीट हो गई थी। मारपीट के दौरान प्रहलाद सिंह की मौत हो गई थी। जिसके बाद चारों आरोपियों ने मृतक को मंशधा ले जाकर सुनसान जगह पर दफना दिया था।बताया जाता है कि हत्याकांड में पांचवां आरोपी खिल्लू उर्फ वीरेन्द्र लोधी ने ग्राम मंशधा के पास नरकंकाल मिलने के बाद गुड्डू उर्फ रुपचंद लोधी के साथ 15 अगस्त को गांव से अचानक लापता हो गए थे। जिसके बाद 16 अगस्त को खिल्लू उर्फ वीरेन्द्र लोधी का शव जबलपुर जिले के सिहोरा थाना क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम बैहर में एक पेड़ से फांसी पर लटका हुआ मिला था। जिसकी मौत के बाद तरह तरह की चर्चा व्याप्त होती रही है।
2 अगस्त को प्रहलाद सिंह लापता होने के बाद 15 अगस्त को शव मिलने के कंकाल देखते की स्थिति को चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा हैरानी जताई जा रही थी। जिसके बाद कंकाल का डीएनए टेस्ट कराया गया था। जिसके बाद प्रहलाद सिंह के नरकंकाल होने की पुष्टि की गई। लेकिन शव के इतने जल्दी कंकाल होने में किसी कैमिकल इस्तेमाल उपयोग करने की बातें कही जा रही थी।फिलहाल पुलिस मेडिकल रिपोर्ट के जांच आने के आधार पर मामले की विवेचना जारी है।
इंडिया पोल खोल को आर्थिक सहायता
प्रदान करने हेतु इस QR कोड को किसी भी UPI ऐप्प से स्कैन करें। अथवा "Donate Now" पर टच/क्लिक करें।
Click Here >>
Donate Now
इंडिया पोल खोल के YouTube Channel को Subscribe करने के लिए इस YouTube आइकन पर टच/Click करें।
इंडिया पोल खोल के WhatsApp Channel को फॉलो करने के लिए इस WhatsApp आइकन पर टच/Click करें।















