बलात्कार के प्रकरण में नार्को टेस्ट अनिवार्य किये जाने की माँग

भगवानदीन साहू छिंदवाड़ा:समाजिक कार्यकर्ता भगवान दिन साहू के नेतृत्व में बहुत से धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने आज महामहिम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौप कर बलात्कार के प्रकरण में दोनों, आरोपी और फरियादी का नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग कि ज्ञापन में बताया कि 14 नवम्बर 2012 को सभी राजनीतिक दलों की सहमति से संसद में पॉक्सो एक्ट कानून की शुरुवात हुई । उद्देश्य था बाल यौन उत्पीड़न रोकना । इसका पहला शिकार बनाया सनातन संस्कृति के रक्षक संत श्री आशाराम जी बापू को। सन 2013 में पहला प्रकरण पंजीबद्ध कर गत 4 वर्षों तक दिन रात मीडिया ट्रायल किया गया । जिससे समस्त मानव जाति आध्यात्मिक लाभ से वंचित रह जाये । सन 2012 में पूरे देश में बलात्कार के लगभग 8541 प्रकरण दर्ज थे । एक सर्वे के अनुसार सन 2022 में 83348 हो गए । जिसमें से 90 प्रतिशत से अधिक लोग बेगुनाह साबित हुए । अब प्रश्न यह है कि जो 90 प्रतिशत लोग बेगुनाह थे उसमें से बहुत से लोगों ने जेल में यातनाएं सही , बहुत से लोगों का मीडिया ट्रायल हुआ , समाज में मान प्रतिष्ठा का हनन हुआ , मानसिक प्रताड़ना का शिकार हुए ,कई प्रतिष्ठित व्यक्तियो ने बदनामी के डर से आत्महत्या तंक कर ली । उसकी भरपाई कौन करेगा । सरकार को चाहिए कि जब भी यौन उत्पीड़न का मामला आता है उस समय फरियादी और आरोपी दोनों का नार्को टेस्ट करें । यदि नार्को टेस्ट में पुरुष दोषी है तो उसे सरे आम फाँसी पर लटकाया जाये और फरियादी झूठा है तो उसके खिलाफ कठोरतम दण्ड का प्रावधान रखा जाए । जिससे यह देश बलात्कारी देश बनने से बच जाएगा साथ ही निर्दोष पुरुष के साथ भी न्याय होगा और ऐसी घटना पर रोक लगेगी । sc / st ( एट्रोसिटी ) एक्ट और दहेज प्रताड़ना एक्ट में भी ऐसा किया जा सकता है । सनातन संस्कृति को बर्बाद करने के लिए विदेशी ताकतें देश में सक्रिय हैं । वर्तमान में श्री बागेश्वर धाम के श्री धीरेंद्र शास्त्री जी , श्री देवकीनंदन ठाकुर जी , श्री प्रदीप मिश्रा जी , श्री अनिरुधाचार्य जी , श्री रामभद्राचार्य जी जैसे महान लोग सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार जमकर कर रहे हैं। इनके पास भी लाखों की भीड़ एकत्रित हो रही हैं ऐसी ही भीड़ पहले परम पूज्य संत श्री आशाराम जी बापू के सत्संग कार्यक्रम में होती रही हैं । धर्मांतरण वाले इनको भी जबरन ऐसे ना फंसा दे इसलिए सरकार को चाहिए कि बलात्कार के प्रकरण में दोनों आरोपी और फरियादी का नार्को टेस्ट अनिवार्य करने का कानून बनाए । इसके पूर्व सरकार ने भी इन फर्जी प्रकरणों से त्रस्त होकर ला कमीशन को रिपोर्ट देने के लिए आदेशित किया था । ला कमीशन ने भी माना कि देश मे पॉक्सो एक्ट का जमकर दुरुपयोग हो रहा है । ला कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर सरकार इस कानून में संशोधन कर सकती हैं ।यही असल मानवता की देश की सेवा होगी । जिससे महिला और पुरुष के बीच वैमनस्यता दूर होगी । क्योंकि जब तक इस धरा पर पूज्य बापूजी जैसे सन्त है तो हम सब सुरक्षित है । प्रधानमंत्री जी इसे देश के 70 करोड़ पुरुषों की समस्या या प्रार्थना समझकर उचित कार्यवाही करे । ज्ञापन देते समय समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई ,आधुनिक चिंतक हरसुल रघुवंशी ,राष्ट्रीय बजरंग दल के नितेश साहू , कुंबी समाज के मार्गदर्शक सुभाष इंगले , साहू समाज के ओमी साहू , कुंबी समाज के युवा नेता अंकित ठाकरे ,कलार समाज के बबलू सूरज प्रसाद माहोरे ,आई टी शेल के प्रभारी भूपेश पहाड़े , नारायण ताम्रकार , पवार समाज के हेमराज पटले ,धनाराम सनोडिया , पी आर शेरके,गौरीशंकर धारे, ओमप्रकाश डहेरिया ,अश्विन पटेल , महिला समिति से दर्शना खट्टर , छाया परसाई , डॉ मीरा पराड़कर ,विमल शेरके , करुणेश पाल , शकुंतला कराडे , वनिता सनोडिया,छाया साहू,रुपाली इंगले , मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।
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