सन्त श्री आशाराम जी बापू पर नहीं यह हिन्दू धर्म पर अत्याचार है 

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भगवानदीन साहू छिंदवाड़ा : सामाजिक कार्यकर्ता भगवानदीन साहू के नेतृत्व में आज सैकड़ों लोगों ने विराट रैली निकालकर महामहिम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर सन्त श्री आशाराम जी बापू पर हो रहे अत्याचार रोकने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि 31अगस्त सन 2013 को सनातन संस्कृति के रक्षक सन्त श्री आशाराम जी बापू को जबरन एक झूठे आरोप में गिरफ्तार किया गया था । तब से उनके करोड़ों करोड़ों शिष्य 31 अगस्त को काला दिवस मनाते हैं और 750 जिला केंद्रों पर ज्ञापन देकर शांति पूर्वक विरोध प्रदर्शन करते हैं । पूरे विश्व में पहले चार संस्कृतियाँ प्रमुख थीं । जिसमें यूनान ,रोम , मिश्र और सनातन संस्कृति प्रमुख थीं। जिसमें से आततायियों ने पहले की तीन संस्कृति को समाप्त कर दिया अब उनकी नजर सनातन संस्कृति पर है । जो सबसे प्राचीनतम है । जो समस्त प्राणियों के कल्याण की बात करती है । इतिहास गवाह है जब – जब इन संस्कृति के रक्षक हुए है उन पर घोर अत्याचार भी हुआ है । भगवान बुद्ध , महावीर , गुरु नानक देव , कबीर प्रमुख है । भगवान बुद्ध पर झूठे आरोप , गुरु नानक देव को जेल में डालना , गुरु तेगबहादुरजी का सिर कलम करना , कबीर जी को काशी से पलायण कराना , स्वामी विवेकानंद जी को उनके गुरु की समाधि के लिए जगह से वंचित करना , ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं । पर जब – जब सन्तों पर अत्याचार हुआ है प्रकृति ने अपना खेल दिखाया है । गुरु तेगबहादुर जी पर अत्याचार के बाद से मुगल साम्राज्य का अंत प्रारंभ हुआ । स्वामी विवेकानंद जी पर हुए अत्याचार के बाद स्वाइन फ्लू जैसी महामारी आई और लाखों लोग काल का ग्रास बन गए । 25 अप्रैल 2018 को पूज्य बापूजी को बिना सबूतों के उम्र कैद की सजा सुनाई परिणाम सन 2019 में कोविड – 19 आया जो करोड़ों लोगों की मौत का कारण बना और दुनिया के हालात ठीक नहीं हैं। रूस और यूक्रेन युद्ध में लाखों लोग मारे जा चुके हैं और इजरायल हमास के युद्ध में भी लाखों जाने जा चुकी हैं । दुनिया तृतीय विश्व युद्व के कगार पर है । सन 2013 के पहले पूज्य बापूजी की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई थी कि बहुत से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति उनके सत्संग कार्यक्रम में आते थे 450 आश्रम , 1200 समितियाँ और 18 हजार बाल संस्कार केंद्र का संचालन , विश्व के 167 देशों में सेवा कार्य और सेवा कार्य भी ऐसे जिससे करोड़ों- करोड़ो लोग लाभांवित होने लगे यह सब राजनीतिक पार्टियों को रास नहीं आया । पूज्य बापूजी ने लाखों लोगों की घर वापसी करवाई । यह सब धर्मांतरण वालों के बर्दाश्त के बाहर था। और एक षड्यंत्र के तहत उन्हें जेल में डाल दिया । अब ये लोग प्रेमानन्द जी महाराज , अनिरुद्ध आचार्य जी और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री जी के खिलाफ भी लामबंद हो रहे हैं। जब – जब हिन्दू एकत्रित होता हैं। तब तब यह सब होता हैं । उधर न्याय व्यवस्था का रवैया भी कुछ ठीक ठाक नहीं है । वर्तमान सरकार को भी इतिहास से सीख लेनी चाहिए । जब जब सत्ता धर्म आधारित रही भारत सोने की चिड़िया रहा इसका उदाहरण चंद्रगुप्त मौर्य और हर्षवर्धन के समय विष्णुगुप्त ( चाणक्य ) और सम्राट अशोक के समय भगवान बुद्ध का वर्चस्व था । इसलिए सन्तों की प्रताड़ना से बचें और पूज्य बापूजी पर हो रहे अत्याचार को रोकने का कार्य करें इसमें ही पूरे विश्व का समस्त मानव जाति का कल्याण है साथ ही पूर्ववर्ती सरकारों का हश्र पर भी अध्ययन करे। पूरे विश्व में सबसे अधिक हिन्दुओं का नरसंहार हुआ है , हिन्दुओं का धर्मांतरण हुआ है । गत 25 सौ वर्षों में 25 बार देश का विभाजन हुआ है । सन 1857 के बाद देश के 7 टुकड़े हुए हैं । इतिहास से सबक लेना चाहिए । ऐसी हमारी प्रार्थना है । ज्ञापन देते समय साध्वी रेखा बहन , साध्वी प्रतिमा बहन , आधुनिक चिंतक हरशुल रघुवंशी , राष्ट्रीय बजरंग दल के नितेश साहू , समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई , कुंबी समाज के मार्गदर्शक सुभाष इंगले , कलार समाज के बबलू माहोरे ,आई टी सेल के प्रभारी भूपेश पहाड़े , अशोक कराडे ,विलाश घोगें , दुर्गेश सोनारे , ओमप्रकाश डहेरिया , अश्विन पटेल , एम. आर. पराड़कर , पी. आर. शेरके ,गणराज ठवरे , धनाराम सनोडिया , महिला समिति की अध्यक्ष ललिता घोगें , विमल शेरके ,डॉ मीरा पराड़कर ,प्रीति सोंनारे मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


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