पर्यावरण संरक्षण दृष्टि को लेकर माटी गणेश -सिद्ध गणेश अभियान होगा कारगार




सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद– मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड बहोरीबंद द्वारा ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों , नवांकुर सखी एवम् सखा की सक्रियता हेतु एकदिवसीय बैठक सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन बहोरीबंद में किया गया!कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन करके किया गया।
विकासखंड समन्वयक अरविंद शाह के द्वारा आयोजित बैठक सह प्रशिक्षण कार्यशाला की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए उपस्थित प्रस्फुटन समितियों के प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई की प्रस्फुटन ग्रामों में समितियों के द्वारा समन्वय से सक्रियता पूर्वक कार्य करना है। जिसमें परिषद के निर्देशानुसार दिए गए विषयों के अनुसार जन जागरूकता लाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का क्रियान्वयन करना है!
ग्राम विकास प्रशिक्षक लोकेश ब्यौहार ने कहा की प्रस्फुटन समितियों को रचनात्मक सोच के साथ हमारी परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के लिए सक्रियता पूर्वक प्रयास करना है! हम जैसे जागरुक लोगों को आम जन मानस में विकास के मूलभूत विषयों को लेकर जन जागरण हेतु अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है! जिससे ग्राम विकास के लिए सभी लोग अपने अधिकारों की तरह अपने कर्तव्यों को भी महत्व दें।रामेश्वर पटेल द्वारा कविता के माध्यम से एक पेड़ मां के नाम लगाने के लिए प्रेरित किया वही नरेश कुमार द्वारा नशामुक्ति पर कवित शैली पर होने वाली हानि के कारणों को प्रगट करते हुए नशा न करने हेतु प्रेरित किया!वहीं जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक डॉ तेज सिंह केशवाल ने प्रशिक्षण हेतु निर्धारित विषयों पर चर्चा करते हुए उनके कार्य दायित्वों के बारे में विस्तार से जानकारी दी! ग्राम में संस्कार केंद्र संचालन के माध्यम से नन्हे -मुन्ने बच्चों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आवश्यक संस्कारों का निर्माण करना है, बड़ों के प्रति सम्मान का भाव, अच्छे बुरे का ज्ञान, योग आसन की जानकारी सहित बचपन से ही बड़े लोगों के प्रति आदर,सम्मान,शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, जल एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति उनकी जवाबदारी का ज्ञान कराना है। प्रस्फुटन समितियों द्वारा ग्राम विकास के मूलभूत विषयों सबके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, नशा मुक्ति, स्वच्छता, जैविक एवं उन्नत कृषि पर स्वयं अपना कौशल बढ़ाते हुए ग्राम में भी एक सकारात्मक वातावरण तैयार करना है। सदैव जिज्ञासु रहते हुए स्वयं सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ाना है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से परिषद द्वारा प्रारंभ किए गए महत्वपूर्ण कार्यक्रम माटी गणेश, सिद्ध गणेश अभियान के अंतर्गत दिए जाने वाले प्रशिक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी एवं सभी उपस्थित प्रतिनिधियों को मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमा स्वयं बनाकर उनकी स्थापना एवं पूजन करने के साथ-साथ आमजन को भी इस हेतु प्रेरित करने का आह्वान किया। जिससे पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से हमारे जल स्रोत साफ स्वच्छ और सुरक्षित रहें।मिट्टी कलाकार सुरेन्द्र चक्रवर्ती के द्वारा माटी गणेश ,सिद्ध गणेश अभियान के अंतर्गत मिट्टी के गणेश जी बनाने संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। तत्पश्चात उपस्थित प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त करके स्वयं कार्यशाला स्थल पर मिट्टी के गणेश जी अपने हाथों से बनाए और पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने योगदान हेतु संकल्प लिया। कार्यशाला का संचालन अवधेश बैरागी (मेंटर) के द्वारा किया गया!इस दौरान धनीराम लोधी, नरेश दहायत, श संस्कार जैन, संस्कार बाजपेई, सरजू सेन, दुर्गेश यादव, आलोक सिंह सेंगर बसंत जायसवाल,मनोज कुमार रैदास, बद्री प्रसाद हल्दकार, रामभरोस बर्मन सहित अन्य जनों की उपस्थिति रही!















































