भगवान श्रीकृष्ण से सीखें जीवन जीने की कला, स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय स्लीमनाबाद मे आयोजित हुआ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

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सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद -गोविंदा आला रे आला, जरा मटकी संभाल ब्रजवाला,नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की जैसे गीतों की मधुर धुन के बीच स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय स्लीमनाबाद मे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया!कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना कर किया गया!इसके बाद कृष्ण भक्ति की ऐसी बयार बही कि नन्हे-मुन्ने बच्चे भी उसमें डूबे नजर आयें!कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान दही हांडी प्रतियोगिता आयोजित हुई!बच्चों में मटकी फोड़ने की उत्सुकता देखकर सभी हैरान रह गए। हाथों में बांसुरी व सिर पर मोर मुकुट लगाए बच्चे कृष्ण का रूप धरकर पहुंचे। वहीं कई बालिकाओं ने राधा रानी का भी रूप धरा। इस दौरान कृष्ण के जीवन पर आधारित लीलाओं का मंचन भी किया गया!बच्चों ने कृष्ण भजनो पर मनमोहक प्रस्तुति दी!इस दौरान पूरा माहौल कृष्णमय हो गया!इसके बाद भगवान कृष्ण के जीवन चरित्र पर ब्याख्यान माला का आयोजन किया गया!
इस दौरान प्राचार्या डॉ सरिता पांडेय ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशो मे ही जीवन जीने की कला निहित है!श्री कृष्ण का जीवन अलौकिक होने पर भी लौकिक जीवन से जुडा हुआ दिखाई पड़ता है!जीवन जीने की कला यदि किसी से सीखनी चाहिए तो वह है श्रीकृष्ण!वहीं महाविद्यालय मे बलराम जयंती कार्यक्रम भी आयोजित किया गया!इस दौरान डॉ किरण खरादी, डॉ सपना द्विवेदी, डॉ प्रीत नेगी, डॉ प्रीति यादव, डॉ शैलेन्द्र सिंह, डॉ भारती यादव,डॉ राजेश कुशवाहा, डॉ बालेन्द्र सिंह, डॉ अशोक पटेल, अंजना पांडेय सहित महाविद्यालय स्टॉफ की उपस्थिति रही!

 


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