महाकुंभ में 30 ने गवाई जान,सदमे में 100 से ज्यादा परिवार,यदि दिन में होती भगदड़ तो क्या होता?




Mahakumbh stampede if a stampede in the day would have happened?:तीर्थनगरी प्रयागराज में मौनी अमावस्या के शुभ मुहर्त में स्नान करने पहुँचे श्रद्धालु उस वक्त सहमे से रह गए जब महाकुंभ में भगदड़ मच गई मौनी अमावस्या के महाकुंभ स्नान के दौरान हुए हादसे ने 100 से ज्यादा परिवारों को सदमे में डाल दिया. इस भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की जान गई जबकि कई लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं.मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ स्नान का पुण्य कमाने आए 100 से ज्यादा परिवार गहरे सदमे में हैं. इस हादसे में 30 श्रद्धालुओं की जान चली गई जबकि 36 लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं. सोचने वाली बात ये है कि अगर ये हादसा रात के अंधेरे में नहीं बल्कि दिन के उजाले में हुआ होता तो स्थिति और भयावह हो सकती थी.
दिन में होता हादसा तो क्या होता ?
खबरों की मानें तो रात के समय संगम की सड़कों पर सन्नाटा था और बड़ी संख्या में लोग सो रहे थे. यही वजह था कि हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और हालात को काबू कर लिया. यदि यही हादसा दिन में होता जब चारों ओर भीड़ उमड़ रही होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी.रात के समय संगम की सड़कों पर सन्नाटा था और बड़ी संख्या में लोग सो रहे थे. यही वजह था कि हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और हालात को काबू कर लिया. यदि यही हादसा दिन में होता जब चारों ओर भीड़ उमड़ रही होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी.
जब कुंभ क्षेत्र में बिछड़े परिजन नहीं मिले तो लोग अस्पताल की ओर भागने लगे
वहीं हर तरफ बदहवासी का आलम था. लोग रोते-बिलखते अपने परिवार के सदस्यों को ढूंढ रहे थे. जब कुंभ क्षेत्र में बिछड़े परिजन नहीं मिले तो लोग अस्पताल की ओर भागने लगे. भगदड़ के निशान हर जगह दिखाई दे रहे थे कपड़े, पानी की बोतलें और बैग सड़कों पर बिखरे पड़े थे.
हर तरफ बदहवासी का आलम था. लोग रोते-बिलखते अपने परिवार के सदस्यों को ढूंढ रहे थे. जब कुंभ क्षेत्र में बिछड़े परिजन नहीं मिले तो लोग अस्पताल की ओर भागने लगे. भगदड़ के निशान हर जगह दिखाई दे रहे थे कपड़े, पानी की बोतलें और बैग सड़कों पर बिखरे पड़े थे.
देर रात मची भगदड़
ये घटना इतनी बड़ी थी कि किसी को समझ नहीं आ रहा था कि अचानक क्या हुआ और कैसे हुआ. बुधवार (29 जनवरी) की सुबह महाकुंभ के सबसे बड़े स्नान में सिर्फ चार घंटे का समय बचा था, लेकिन देर रात 1 से 2 बजे के बीच मेला क्षेत्र में भगदड़ मच गई.ये घटना इतनी बड़ी थी कि किसी को समझ नहीं आ रहा था कि अचानक क्या हुआ और कैसे हुआ. बुधवार (29 जनवरी) की सुबह महाकुंभ के सबसे बड़े स्नान में सिर्फ चार घंटे का समय बचा था, लेकिन देर रात 1 से 2 बजे के बीच मेला क्षेत्र में भगदड़ मच गई.
पोस्टमार्डम के बाहर का नजारा
एक महिला अपनी छोटी बहन के साथ कोलकाता से कुंभ स्नान के लिए आई थी. वह हिंदी नहीं जानती थी, लेकिन उसकी आंखों से बहते आंसू सब कुछ बयां कर रहे थे. पोस्टमार्टम हाउस के बाहर एक और परिवार मिला जहां एक बेहोश बेटी अपनी मां की तलाश में परिवार के साथ भटक रही थी.एक महिला अपनी छोटी बहन के साथ कोलकाता से कुंभ स्नान के लिए आई थी. वह हिंदी नहीं जानती थी, लेकिन उसकी आंखों से बहते आंसू सब कुछ बयां कर रहे थे. पोस्टमार्टम हाउस के बाहर एक और परिवार मिला जहां एक बेहोश बेटी अपनी मां की तलाश में परिवार के साथ भटक रही थी.जिन्हें कुंभ में अपने परिजन नहीं मिले वे पोस्टमार्टम हाउस की ओर दौड़ पड़े. एक बेटी को जैसे ही हादसे की खबर मिली वह तुरंत बाइक से घर से निकली. आधे घंटे का सफर उसे पूरे पांच घंटे में तय करना पड़ा. जब वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंची तो वहां उसे बुरी खबर मिली.जिन्हें कुंभ में अपने परिजन नहीं मिले वे पोस्टमार्टम हाउस की ओर दौड़ पड़े. एक बेटी को जैसे ही हादसे की खबर मिली वह तुरंत बाइक से घर से निकली. आधे घंटे का सफर उसे पूरे पांच घंटे में तय करना पड़ा. जब वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंची तो वहां उसे बुरी खबर मिली.
बड़ा हो सकता था हादसा
इसी कुंभ क्षेत्र में हमें वो आवाजें भी सुनाई दीं जो कह रही थीं कि अगर समय रहते पुलिस प्रशासन एक्टिव नहीं होता तो ये हादसा और भी बड़ा हो सकता था. कई लोगों ने कहा कि पुलिस ने उनकी जान बचाई.इसी कुंभ क्षेत्र में हमें वो आवाजें भी सुनाई दीं जो कह रही थीं कि अगर समय रहते पुलिस प्रशासन एक्टिव नहीं होता तो ये हादसा और भी बड़ा हो सकता था. कई लोगों ने कहा कि पुलिस ने उनकी जान बचाई.
कुछ चूक तो जरूर हुई
वहीं करोड़ों की भीड़ को संभालना प्रशासन के लिए आसान नहीं था. कुछ चूक जरूर हुई, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से ये हादसा और भयावह होने से बच गया.करोड़ों की भीड़ को संभालना प्रशासन के लिए आसान नहीं था. कुछ चूक जरूर हुई, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से ये हादसा और भयावह होने से बच गया.















































