गुणवत्ता हीन तरीके से कराया जा रहा सड़क का निर्माण कार्य

सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद : बाकल में 1 करोड़ 50 लाख रूपये की लागत से बन रही पीडब्ल्यूडी विभाग की सड़क में मची घोर अनियमितता के बाद ग्रामीणों की शिकायत के बाद बुधवार को पीडब्ल्यूडी एसडीओ रविन्द्र बत्रा निरीक्षण में पहुंचे! लेकिन निरीक्षण करने के बाद बहुत सी खामियां सामने आने के बाबजूद भी किसी भी प्रकार के निराकरण के लिए उनके द्वारा मौके पर ठेकेदार को आदेशित नहीं किया गया और जब ग्रामीणों ने उनसे सवाल जवाब किए तो एसडीओ उनसे बचते नजर आए उसकी पूरी भाषा शैली ठेकेदार को बचाने और कार्य में लीपापोती करने की नजर आई है! वहीं वही जब मीडिया ने उनके निरीक्षण से संबंधित सवाल किए तो उन्होंने जवाब देने से साफ इनकार कर दिया और जब ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी से रोड के स्टीमेट डीपीआर की मांग की तो एसडीओ गुस्से में आ गए और कहा जिसको डीपीआर चाहिए वह मेरे ऑफिस आ जाएगा तो में उसे डीपीआर दिखा दूंगा!गौरतलब है कि बहोरीबंद के बाकल में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा लगभग 1.5 करोड़ रु की लागत से शुक्ला कालोनी मुख्य मार्ग से बाजार पहुंच मार्ग बनाया जा रहा है! जिसमें लगातार अनियमितता और गुणवत्ताहीन निर्माण के चलते अब ग्रामीण एक स्वर में विरोध की आवाज बुलंद कर रहे है!बाकल मुख्य मार्ग से पुरानी बाजार पहुंच मार्ग तक पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई जा रही लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से बन रही सड़क को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है! ग्रामीणों का आरोप है कि बिना बेस डालें सीधे रोड बनाई जा रही है ना बेस बनाया जा रहा है ना रोलर चलाया जा रहा है सिर्फ सफेद गिट्टी डालकर डायरेक्ट रोड निर्मित निर्माण किया जा रहा है!जिसकी थिकनेस भी बहुत कम है। रोड निर्माण दौरान साइड में पटरे नही लगाए जा रहे है जिस से रोड सर्प आकार में घूम गई है। अभी तक हुए रोड निर्माण कार्ये में बाइब्रेटर का उपयोग नही किया गया है। घटिया कंपनी की सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि मौके पर ना ठेकेदार उपस्थित रहते हैं न इंजीनियर उपस्थित रहते हैं कॉल करने पर एक दूसरे पर डालते है इसके पूर्व में भी एक बार ग्रामीण जनों द्वारा एसडीओ से शिकायत की गई थी उसके बाद मौके पर उपस्थित होकर उन्होंने भी घटिया निर्माण कार्य होना स्वीकार किया था ओर तत्काल 17 मीटर रोड तोड़ने के निर्देश दिए थे किंतु ठेकेदार की मनमानी एसडीओ के आदेश पर भी भारी है! आज दिनांक तक 17 मी रोड तोड़ी नहीं गई है और उसी तरह बिना बेस के सीधी रोड डाल दी गई है जो कि पूरा निर्माण कार्य मनमर्जी से किया जा रहा है! ग्रामीण जनों द्वारा संपर्क करने पर कॉल नहीं उठाया जाता है!वही राजेश जैन ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन लगाए जाने पर बिना निराकरण के डायरेक्ट पीडब्ल्यूडी में भाग द्वारा बंद कराई जा रही है!जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मौके पर ना साइन बोर्ड बना हुआ है ना रोड में कोई बैरिकेड रखे हुए हैं ना कोई डीपीआर की जानकारी देने तैयार है रोड में साइन बोर्ड और बैरिकेड ना होने के कारण कभी भी रात में बड़ी दुर्घटना घट सकती है।रोड निर्माण के दौरान डीपीआर में इलेक्ट्रॉनिक पोल शिफ्टिंग का भी प्रावधान है रोड की चौड़ाई पर्याप्त है! किंतु फिर भी विभाग द्वारा बिना पोल को शिफ्ट करें डायरेक्ट सीसी निर्माण किया जा रहा है जबकि डीपीआर में पोल शिफ्टिंग का स्पष्ट प्रावधान है।मौके पर विशाली रैदास, तिजिया बाई, प्रखर मोदी,भास्कर राजपूत,राजेश जैन, अनिल दुबे, शंकर सिंह ठाकुर,शिवविजय नारायण सिंह राजपूत,क्रोषि जैन, नरेश पटेल शुभम सोनी उर्फ गम्मू, दीपक दुबे सहित आधा सैकड़ा लोग मौजूद रहे।
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