स्लॉट बुकिंग के बाद भी नहीं तुली धान, बिलहरी के 24 किसान दाने-दाने को मोहताज

इस ख़बर को शेयर करें

सुग्रीव यादव ​स्लीमनाबाद – शासन के लाख दावों के
बाद भी धान उपार्जन केंद्रों पर अव्यवस्थाएं हावी रही!
ताज़ा मामला बिलहरी धान उपार्जन केंद्र जो श्री कृष्णा वेयरहाउस से जुडा हुआ सामने आया है!जहां स्लॉट बुकिंग होने के बावजूद 24 किसानों की लगभग 25 सौ कुंटल धान तौल नहीं की गई। कड़ाके की ठंड में हफ्तों से अपनी उपज की रखवाली कर रहे किसान अब न्याय की गुहार लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम संयुक्त कलेक्टर जितेंद्र पटेल को ज्ञापन सौपा!पीड़ित किसान रामकृष्ण बर्मन, कालू कोल और सुकरात पाल सहित अन्य किसानों ने बताया कि उन्होंने नियम अनुसार समय पर स्लॉट बुकिंग कराई थी। जब वे अपनी उपज लेकर कृष्णा वेयरहाउस पहुंचे, तो केंद्र प्रभारी द्वारा बारदाना उपलब्ध न होने का हवाला देकर तौलाई रोक दी गई। किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि स्लॉट की तारीख दोबारा बढ़ाई जाएगी, लेकिन आज तक न तो समस्या का निराकरण हुआ और न ही उनकी धान खरीदी गई।

​31 दिसंबर से भटक रहे अन्नदाता

किसानों द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र के अनुसार वे 31 दिसंबर 2025 से लगातार केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। स्लॉट की अवधि खत्म हो चुकी है और अब पोर्टल पर उनकी एंट्री नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि ​वे खुले आसमान के नीचे अपनी धान की सुरक्षा करने को मजबूर हैं।
​घर की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है क्योंकि उपज नहीं बिकी है।किसान नेता मुकेश यादव ने बताया कि ​अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं कि कलेक्टर महोदय द्वारा तारीख बढ़ाई जाएगी। किसानों का आरोप है कि बिचौलियों और व्यापारियों की धान खरीदी में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आई जो मूलतः किसान है वो दर-दर भटकने के लिए मजबूर है!किसानों ने बताया कि ​हम गरीब किसान पिछले कई दिनों से परेशान हैं। हमारी स्लॉट बुकिंग की तारीख निकल चुकी है और केंद्र प्रभारी अब हाथ खड़े कर रहे हैं। अगर हमारी धान नहीं तुली तो हम भारी कर्ज में डूब जाएंगे।
​शुक्रवार को आक्रोशित किसानों ने कलेक्टर के नाम एक लिखित शिकायत सौंपते हुए मांग की है कि विशेष पोर्टल खोलकर या स्लॉट की तारीख बढ़ाकर उनकी धान की तुलाई सुनिश्चित की जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

इंडिया पोल खोल को आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु इस QR कोड को किसी भी UPI ऐप्प से स्कैन करें। अथवा "Donate Now" पर टच/क्लिक करें। 

Click Here >> Donate Now

इंडिया पोल खोल के YouTube Channel को Subscribe करने के लिए इस YouTube आइकन पर टच/Click करें।

इंडिया पोल खोल के WhatsApp Channel को फॉलो करने के लिए इस WhatsApp आइकन पर टच/Click करें।

Google News पर इंडिया पोल खोल को Follow करने के लिए इस GoogleNews आइकन पर टच/Click करें।


इस ख़बर को शेयर करें