ज्यादा लाभ बताकर हड़पे लाखों रुपये,प्रॉपर्टी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले पर मामला दर्ज




जबलपुर :किसी पर जल्दी से भरोसा नहीं करना चाहिए कुछ लोग इसी भरोसे का फायदा उठाकर लोगों को लाखों रुपये का चूना लगा देते हैं,ऐसा ही कुछ मामला विजयनगर थाना में आया जहां पर प्रॉपर्टी में ज्यादा लाभ बताकर लाखों रुपये हड़प लिए अब न प्रापर्टी मिल रही है और न ही रुपये,पुलिस ने प्रॉपर्टी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए मामले की विवेचना सुरु कर दी है।
यह है पूरा मामला
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक थाना विजयनगर में श्रीमति अपणार् चक्रवतीर् निवासी म.न. एमआर 4 रोड रामेश्वरम कालोनी बडी उखरी ने शिकायत आवेदन पत्र प्रस्तुत किया कि उसके पति नारायण चक्रवतीर् प्रापटीर् क्रय विक्रय एवं भवन निमार्ण संबंधी कायर् करते है। सितम्बर 2022 मे 2 व्यक्ति जिन्होने अपना नाम स्वप्निल ब्यौहार एवं अभय दुबे बताया था, हमारे घर आये थे कई स्थानीय लोगो का परिचय उन्होने बताया था, यह भी बताया कि वे भी सम्पत्ति क्रय विक्रय का कायर् करते है उन्होंने बताया कि तिलवारा रमनगरा स्थित खसरा न. 99/3 रकवा 2.00 हे. यानि 5 एकड कृषि भूमि का विक्रय अनुबंध हम लोगो व्दारा श्रीमति मंजीत कौर से किया है एवं 50 प्रतिशत भूमि बेचने के अधिकार प्राप्त किये है, उपरोक्त भूमि का भविष्य अच्छा है एवं कम समय मे अच्छी ग्रोथ होगी यानि अधिक लाभ होगा उन दोनो ने उसे व उसके पति को उक्त भूमि दिखाने भी ले गया था, तब उसके व्दारा यह कहा गया कि उक्त जमीन के भू-स्वामी से मिलवाईये तब उनके व्दारा कहा गया कि वे बीमार रहती है, एवं उन्होने हमारे साथ एक रजिस्टडर् अनुबंध किया है जिसके तहत हम उपरोक्त भूमि को बेचने एवं भुगतान प्राप्त करने का अधिकार रखते है, उनके व्दारा एक साधारण कागज पर लिखा हुआ एक अनुबंध पत्र भी दिखाया था किन्तु वह फोटो कापी भी हमारे द्वारा मूल कांपी के बारे में पूछने पर स्पष्ट नहीं बताया था, कहा था कि वह मिल नहीं रही है, बाद में दिखा देगे। उन दोनो ने अन्य लोगो के साथ किये गये कुछ अनुबंध भी दिखाये थे, जिससे उसने और उसके पति ने उस पर विश्वास कर लिया एवं दिनांक 4.2.2023 को उसके घर पर स्वप्निल ब्यौहार एवं अभय कुमार दुबे आये एवं उन्होने एक हजार रूपये के स्टाम्प पर समक्ष गवाहो के मौजा रमनगरा प.ह.न. 07 रा.नि.म. जबलपुर-1 त्रिपुरी वाडर् 3 रमनगरा बस्ती क्षेत्र जबलपुर मे स्थित खसरा न. 99/3 रकवा 2.00 हे. कृषि भूमि में से 8200 वगर् फुट के भूखण्ड का एक विक्रय अनुबंध पत्र 30.00,000 रूपये मे हस्ताक्षरित किया जिसमे से बयाना राशि के रूप मे रूपयो की अत्यंत आवश्यकता बताते हुये 25,00,000/-रूपये दिनाक 3.10.22 को आर.टी.जी.एस. के माध्यम से उसके एवं उसके पति के संयुक्त खाते से स्वप्निल ब्यौहार ने अपने खाते मे प्राप्त किये थे तथा कि उपरोक्त भूमि कृषि मद की है जिसका टी.एन.सी.पी. मे व्यपतर्न होना है तब उसके बाद डायवसर्न कर रजिस्ट्री कर देगे। उसके बाद स्वप्निल ब्यौहार एवं अभय कुमार दुबे ने उसके पति से नजदीकिया बढाई इसी मध्य उन्होने उपरोक्त संपत्ति के प्रतिफल को भू-स्वामी मंजीत कौर को रूपये देने के नाम पर उसके पति से कहा कि यदि आप उपरोक्त भूमि मे कुछ और निवेश करे तो हम आपको सस्ते दरो पर और 2000 वगर्फुट भूमि दे सकते है। तब दिनांक 28.4.2023 को स्वप्निल ब्यौहार एवं अभय कुमार दुबे ने रजिस्डटर् अनुबंध पत्र के माध्यम से मुझसे व मेरे पति से 40,00,000/- रूपये प्राप्त किये थे जिसका कि पंजीकृत विक्रय पत्र मे स्पष्ट उल्लेख है इस तरह स्वप्निल ब्यौहार एवं अभय कुमार टुबे ने उपरोक्त सम्पत्ति मे मुझसे व मेरे पति से कुल 65,00,000/- रूपये प्राप्त किये है। कितु कुछ समय पूवर् जब मेरे पति व्दारा स्वप्निल व्यौहार से विक्रय पत्र संपादित करने के लिये कहा गया तो उसके व्दारा यह कहा गया कि भू स्वामिनी श्रीमति मंजीत कौर का देहात हो गया है, एवं उनके उत्तराधिकारियो का नाम चढना शेष है उसके बाद ही विक्रयनामा संभव होगा तब तक स्वप्निल ब्यौहार मेरे पति को अनेक झूठे लालच देकर यहा वहां की प्रापटीर् दिखाता रहा,
सिहोरा के जेल रोड में भी दिखाई प्रापर्टी
वहीं इसी बीच उसने सिहोरा स्थित प.ह.न. 06 रा.नि.म. खितौला ब्लांक सिहोरा की वाडर् न. 2 राजेन्द्र वाडर् स्थित खसरा न. क्रमश 1404 लगायत 1411 एवं 1419 लगायत 1422 एवं 1426 लगायत 1429 कुल रकवा 1.590 हे भूमि जो कि जेल रोड सिहोरा पर प्राईम लोकेशन पर है को दिखाया एवं बताया कि मूल भूमिस्वामी सुनील कुमार तिवारी निवासी विष्णुदत्त वाडर् सिहोरा से 12,10,000 वगर् फुट डेवलप प्लाट क्रम किया है जिनमे से 15000 वगर् फुट का विकासित प्लाट अथवा 40,00,000 /- रूपये के एवज मे 65,00,000/- रूपये की राशि 10 माह में वापस कर दी जायेगी तब लालच मे आकर स्वप्निल ब्यौहार की बातो मे आकर मेरे पति ने हम दोनो के संयुक्त खाते से 40,00,000/- रूपये आर.टी.जी. एस. के माध्यम से स्वप्निल ब्यौहार के खाते दिये थे इस तरह कुल 1,05,00,000/- स्वप्निल ब्यौहार एवं अभय दुबे ले चुके है किन्तु अक्टूबर 2024 से ये दोनो व्यक्ति फोन बंद रखते है एवं घर जाने पर गोल मोल बाते करते है, दोनो जगहो मे से किसी भी जगह की रजिस्ट्री बैनामा नही करा रहे है न ही रूपया वापस मांगने पर वापस कर रहे है अपने उच्च संबंधो की धौस बताते है एवं हमारे व्दारा दोनो संपत्तियो के बारे मे पतासजी करने पर यह ज्ञात हुआ कि रमनगरा वाली संपत्ति जो कि श्रीमति मंजीत कौर की संपत्ति थी, मे इन दोनो ने बहुत अनियमितताएं व घोटाला किया है, एवं अपने अनुबंध से अधिक अथार्त भू स्वामी के हिस्से की भी जमीन छलपूवर्क विक्रय कर चुके है, कई लोगो से उपरोक्त भूमि को दिखाकर एग्रीमेट कर रूपये हडप कर गये है एवं काफी लोग परेशान है तब हमारे व्दारा भू स्वामी श्रीमति मंजीत कौर जो कि अब जीवित नही है, के पुत्र श्री हनि छाबरा जी से पूछताछ की गई, तो उन्होने बताया कि स्वप्निल ब्यौहार एवं अभय दुबे ने स्वगीर्य मां के साथ जो पांच एकड भूमि का 6 डी विकास अनुबंध किया था के विरूध्द जाकर हम लोगो के हिस्से की 55 प्रतिशत भूमि को बिना हमारी जानकारी व अनुमति के बेच चुके है, एवं उन्होने उपरोक्त विक्रय की गई भूमि की प्रतिफल राशि भी हम लोगो को नही दी है, एवं हम लोगो ने स्वप्निल ब्यौहार एवं अभय कुमार दुबे के विरूध्द थाने मे शिकायत की है। तत्पश्चात हम लोगो के व्दारा सिहोरा जाकर भूमिस्वामी सुनील कुमार तिवारी से संपकर् किया, तब ज्ञात हुआ कि, स्वप्निल ब्यौहार ने उनसे अनुबंध तो किया था किन्तु अनुपालन मे तय राशि प्रदान नही की है जिससे की उनके व्दारा अब कोई भी भूमि की रजिस्ट्री बैनामा नही किया जायेगा, किंतु तत्सबंध मे हमारे व्दारा जब स्वप्निल ब्यौहार एवं अभय कुमार दुबे से संपकर् कर बात की तो वे अभद्र व्यवहार करने लगे एवं कहने लगे कि जब रुपये आयेगे तब चुकता कर देगे पंरतु आज दिनांक तक हम लोग लगातार उनके घरो मे जाते है, संपकर् करने का प्रयास करते है, तब वे फोन नहीं उठाते है, एवं मैसेज कर कहते है कि, रूपये देगे पर अभी नही है।स्वप्निल ब्यौहार एवं अभय दुबे के बारे मे पतासजी करने पर ज्ञात हुआ कि ये लोग जालसाज एवं ठग है एवं कई लोगो से रूपये दुसरे भूमिस्वामियो की जमीन के फजीर् अनुबंध पत्र दिखाकर ठग लेते है, एवं फिर दूसरी प्रापटीर् पर अनुबंध करते है, पुराने पीडितो को पुन नयी प्रापटीर् दिखाकर लालच देते है और रूपये ऐठते है।वहीं पुलिस ने शिकायत जांच दौरान पर पाया गया कि तिलवारा रमनगरा स्थित खसरा नम्बर 99/3 रकबा 2.00 हेक्टेयर यानी 5 एकड कृषि भूमि का रजिस्ट्रेड अनुबंध जो की आवेदिका अपणार् चक्रवतीर् एवं स्वप्निल ब्यौहार एवं अभय कुमार दुबे के मध्य मे दिनांक 21.04.2023 हुआ था उस भूमि की मूल भूमि स्वामी मंजीत कौर छावडा की मृत्यु होने के बाद से मूल भूमि स्वामी, स्वप्निल ब्यौहार एवं अभय कुमार दुबे के मध्य किया गया 6 डी एग्रीमेन्ट मे स्वप्निल ब्यौहार एवं अभय कुमार दुबे के विक्रय करने का अधिकार समाप्त हो गया है जो कि मूल भूमि स्वामी मंजीत कौर छावडा के वरिसानो, स्वप्निल ब्यौहार एवं अभय कुमार दुबे के मध्य मे सिविल वाद माननीय उच्च न्यायालय मे विचाराधीन है जिसके निराकरण के आधार पर माननीय न्यायालय के निदर्ेशो के अनुसार तिलवारा रमनगरा स्थित खसरा नम्बर 99/3 रकबा 2.00 हेक्टेयर यानी 5 एकड कृषि भूमि पर कायर्वाही करने हेतु स्वप्निल ब्यौहार एवं अभय कुमार दुबे तैयार है किन्तु स्वप्निल ब्यौहार के व्दारा सिहोरा स्थित वाडर् न. 2 राजेन्द्र वाडर् स्थित खसरा न. 1404 लगायत 1411 एवं 1419 लगायत 1422 एवं 1426 लगायत 1429 कुल रकबा 1.590 हे. जो कि जेल रोड सिहोरा पर प्राईम लोकेशन पर है को दिनांक 02.12.2023 को दिखाया एवं बताया कि मूल भूमिस्वामी सुनील कुमार तिवारी निवासी विष्णुदत्त वाडर् सिहोरा से 12,10,000 वगर् फुट डेवलप प्लाट क्रय किया है जिनमे से की 15000 वगर् फुट का विकासित प्लाट अनुबंध पत्र के व्दारा से विक्रय करने का अनुबंध दिनांक 21.12.2023 को अपणार् चक्रवतीर् से किया है एवं अनुबंध मे लेख किये गये कुल 40,00,000/- रूपये को दिनांक 11.12.2023 को आरटीजीएस के माध्यम से 15,00,000 रूपये एवं दिनांक 28.12.2023 को 25,00,000/- रूपये को दिया गया है। अनुबंध पत्र मे यह भी लेख किया गया कि 10 माह मे 65,00,000/- अपणार् चक्रवतीर् को वापस किया जायेगा न किये जाने की दशा मे विकासित 15000 वगर् फुट का प्लाट को अनुबंध के अनुसार विक्रय किया जाने का करार किया था। किन्तु आवेदिका अपणार् चक्रवतीर् को सिहोरा स्थित भूमि पर मूल भूमि स्वामी सुनील कुमार तिवारी एवं स्वप्निल ब्यौहार के माध्य मे जो एग्रीमेन्ट को दिखाकर स्वाप्निल ब्यौहार व्दारा अपणार् चक्रवतीर् से एग्रीमेन्ट किया गया है। उस एग्रीमेन्ट मे सिहोरा स्थित भूमि का भूमि स्वामी सुनील कुमार तिवारी लेख न करके भूमि स्वामी का नाम सुशील कुमार तिवारी लेख है उक्त एग्रीमेन्ट स्टाप का क्रमांक ठल्910117 पर लेख है जिसका क्रय स्टाप वेडर से स्वाप्निल ब्यौहार के व्दारा ही क्रय किया गया है जिसकी जानकारी उपपंजीयक जोन क्र-1 जिला जबलपुर के स्टाप विक्रेता दीपक कुमार साहू । उक्त स्टाप को दिखाकर भूमि स्वामी सुनील कुमार तिवारी के कथन लेख किये गये जिसमे सुनील कुमार तिवारी के व्दारा बताया गया कि स्टाप पर मेरा नाम सुशील कुमार तिवारी लेख है जो कि गलत है एवं उक्त स्टाप पर मेरे हस्ताक्षर नहीं है मेरे एवं स्वप्निल के मध्य मे जो एग्रीमेन्ट हुआ था वे दिनांक 14.10.2023 को हुआ है जबकि स्वाप्निल ब्यौहार के व्दारा अपणार् चक्रवतीर् को जो एग्रीमेन्ट दिखाकर किया है वे दिनांक 21.12.2023 को किया गया है एवं दिनांक 21.12.2023 को ही स्वाप्निल ब्यौहार के व्दारा अपणार् चक्रवतीर् के मध्य मे सिहोरा स्थित भूमि का अनुबंध किया गया है। स्वाप्निल ब्यौहार के व्दारा अपणार् चक्रवतीर् को जो स्टाम्प दिखाकर सिहोरा स्थित भूमि पर अनुबंध किया गया है। उसमे मूल भूमि स्वामी के हस्ताक्षर नही है। शिकायत जांच पर आरोपी स्वप्निल व्यौहार के विरूद्ध थाना विजयनगर में दिनांक 22-8-25 को धारा 420,467,468,471 भादवि का अपराध पंजीबध्द कर विवेचना मे लिया गया।















































