स्लीमनाबाद क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ सड़कों पर उतरे सैकड़ों आदिवासी,एसडीओपी कार्यालय का घेराव

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सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद ; स्लीमनाबाद में गुरुवार को अवैध शराब की बिक्री के विरोध में सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। बिरसा मुंडा आदिवासी महासभा स्लीमनाबाद के तत्वावधान में कोहका मोड़ से पैदल रैली निकाली गई और एसडीओपी कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश शासन भोपाल के नाम एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की।ज्ञापन में कहा गया है कि कटनी जिले के ढीमरखेड़ा, बहोरीबंद, पान उमरिया और स्लीमनाबाद क्षेत्र में गली-गली, हर मोहल्ले में अंग्रेजी शराब अवैध रूप से बेची जा रही है। खास तौर पर दलित एवं आदिवासी बस्तियों में खुलेआम अवैध पैकारी संचालित की जा रही है। इस अवैध कारोबार से आदिवासियों और दलित समाज का शोषण बढ़ रहा है। लोग नशे की लत में बर्बाद हो रहे हैं, आदिवासी बच्चों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है। नशे में धुत होकर महिलाओं के साथ रोज मारपीट हो रही है, जिससे कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं।प्रदर्शनकारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नशे की वजह से क्षेत्र में मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार एवं छेड़छाड़ के मामले भी बढ़ रहे हैं। पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो स्थिति और भयावह हो जाएगी।

जनपद सीईओ पर भी फूटा गुस्सा, हटाने की मांग

इसी ज्ञापन में दूसरा बड़ा मुद्दा बहोरीबंद जनपद में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को लेकर उठाया गया है। आदिवासी महासभा ने आरोप लगाया है कि बहोरीबंद जनपद सीईओ का आचरण लोक सेवा आचरण नियमों के खिलाफ है। वे मनमानी करते हैं, अध्यक्ष को सूचित किए बगैर बैठक कर निर्णय ले लेते हैं, सचिवों के साथ मिलकर गुणवत्ताहीन कार्यों को अंजाम देते हैं और कमीशन लेकर मूल्यांकन में गड़बड़ी कर भ्रष्टाचार कर रहे हैं।क्षेत्र की जनता ने कई बार उनका विरोध किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में अत्यधिक गुस्सा पनप रहा है, जिससे लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ने की संभावना बनी हुई है। जनता के हित में उच्चस्तरीय जांच कर ऐसे भ्रष्ट सीईओ को तत्काल हटाया जाना जरूरी है, जिससे क्षेत्र में शांति बनी रहे।ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि अवैध शराब, गांजा बिक्री और भ्रष्ट सीईओ पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो हजारों की तादाद में लोग राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम करने के लिए विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।इस दौरान बिरसा मुंडा आदिवासी महासभा के अध्यक्ष सुरेश कोल, चंद्रभान बौद्ध, संदीप चौधरी, अनिमेष पटेल, यजुवेन्द्र यादव, विजय पटेल, राजकुमार चौधरी सहित बड़ी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष मौजूद रहे।

 

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